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Washing Machine से आ रही बदबू बन सकती है Bacteria का घर, इन Smart Tips से मिनटों में पाएं समाधान

कई बार हम जल्दबाजी या भूलवश वॉशिंग मशीन में गीले कपड़े धोकर लंबे समय के लिए छोड़ दें। जब बाद में मशीन खोलते हैं, तो कपड़ों से एक अजीब सी सीलन और तेज गंदी बदबू आने लगती है। क्या आपके साथ भी ऐसा अक्सर होता है। दरअसल, नम और बंद जगह पर कपड़ों के ज्यादा समय तक पड़े रहने से उनमें बैक्टीरिया और फंगस पनपने लगते हैं, जोकि बदबू की वजह बनता है।

इसके कारण न सिर्फ कपड़े देर तक छोड़ना है, बल्कि कई बार मशीन की सफाई न होना होता है। अगर आप भी इस परेशानी से परेशान हो चुके हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको कुछ ऐसे टिप्स के बारे में बताने जा रहे हैं, जो आपको इस समस्या से छुटकारा दिला सकते हैं।

वॉशिंग मशीन में कपड़े छोड़ने से क्यों आने लगती है बदबू

जब धुले हुए गीले कपड़े बंद ड्रम में रहते हैं, तो यह पूरी तरह से गर्म और नर्म रहते हैं। हवा न मिलने पर यहां फंगस, बैक्टीरिया और फफूंद पनपने लगते हैं।

देर तक मशीन में कपड़ों को छोड़ना

अगर आप भी धुले हुए गीले कपड़ों तक घंटों तक बंद मशीन में रखती हैं, तो इससे नमी बाहर नहीं निकल पाती है। जिस कारण बैक्टीरिया पनपने लगती है। यह कपड़ों से बदबू आने की वजह बनता है।

क्या करें

कपड़े मशीन में धोने के फौरन बाद ही धूप या हवादार जगह पर सूखने के लिए डालें। अगर किसी कारण से कपड़े देर तक छूट जाएं, तो उनको बिना डिटर्जेंट के आधा चम्मच सिरका डालकर मशीन चलाएं।

फौरन मशीन का दरवाजा बंद करना

आमतौर पर हम सभी लोग मशीन से कपड़े निकालने के बाद मशीन का दरवाजा बंद कर देते हैं। लेकिन अगर आप भी ऐसा करती हैं, तो यह बदबू आने की वजह बन सकता है।

क्या करें

कपड़ों को मशीन से निकालने के बाद उसके दरवाजे को कम से कम 15 से 20 मिनट के लिए खुला छोड़ दें। ऐसा करने से मशीन में मौजूद नमी, हवा और डिटर्जेंट की महक निकल जाएगी।

रबर सील में गंदगी जमना

फ्रंट-लोड वॉशिंग मशीन की रबर सील में साबुन, पानी और गंदगी जमा रहती है। वहीं हवा न मिलने पर काली फफूंद और बैक्टीरिया पनप जाती है। वहीं कपड़ों को धोते समय नमी और गंदगी उसके संपर्क में आती है। जिससे तेज गंदी बदबू आने लगती है।

क्या करें

हर सप्ताह एक सूखे या सिरके में डूबे कपड़े से रबर सील के अंदरूनी हिस्से को पहले अच्छे से साफ कर लें। ऐसा करने से आपको इस समस्या के कारण परेशान नहीं होना पड़ेगा।

ज्यादा डिटर्जेंट का इस्तेमाल करना

कई बार कपड़े धोने के लिए हम मशीन में एक साथ ज्यादा डिटर्जेंट डाल देते हैं। भले ही हमें यह आदत सामान्य लगती है, लेकिन ऐसा सही नहीं है। ज्यादा सर्फ या डिटर्जेंट का इस्तेमाल करने से कपड़ों और ड्रम में साबुन का अवशेष रह जाता है। जोकि सड़कर बदबू पैदा करता है। इससे आप इन तरीकों से छुटकारा पा सकते हैं।

क्या करें

वॉशिंग मशीन में हमेशा कपड़े के हिसाब से ही डिटर्जेंट डालते हैं। प्रयास करें कि लिक्विड डिटर्जेंट का इस्तेमाल करना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि यह पाउडर से बेहतर होता है।

वॉशिंग मशीन ड्रम की नियमित सफाई

जिस तरह से घर में मौजूद अन्य गैजेट्स की सफाई जरूरी होती है। तो उसी तरह वॉशिंग मशीन की क्लीनिंग भी जरूरी होती है। लंबे समय तक इस्तेमाल के बाद मशीन के ड्रम और पाइपों में गंदगी और स्केल जम जाती है। जिससे कपड़े धोने के बाद भी बदबू आती है।

क्या करें

महीने में एक बार मशीन को खाली चलाना चाहिए। इसके लिए ड्रम में गर्म पानी के साथ 2 कप सिरका या बेकिंग सोडा डालकर पूरा साइकिल चलाएं। ऐसा करने से न सिर्फ मशीन साफ होगी, बल्कि कपड़ों से बदबू भी नहीं आएगी।

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डेविड वॉर्नर को शराब पीकर गाड़ी चलाने पर सजा:ऑस्ट्रेलियाई कोर्ट ने 1,500 डॉलर का जुर्माना लगाया; 12 महीने कार में इंटरलॉक डिवाइस लगाना होगा

पूर्व ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज डेविड वॉर्नर को शराब पीकर गाड़ी चलाने के मामले में दोषी ठहराया गया है। सिडनी की वॉवेर्ली लोकल कोर्ट ने मंगलवार को उन पर 1,500 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का जुर्माना लगाया। साथ ही उनकी कार में 12 महीने के लिए इंटरलॉक डिवाइस लगाने का आदेश दिया गया है। वॉर्नर को ईस्टर संडे के दिन सिडनी के बाहरी इलाके में रैंडम ब्रेथ टेस्टिंग के दौरान पकड़ा गया था। जांच में उनके ब्लड-अल्कोहल लेवल की रीडिंग 0.104 आई थी, जो कानूनी सीमा से दोगुने से भी ज्यादा थी। तीन ग्लास व्हाइट वाइन पीने की बात कबूली कोर्ट में वॉर्नर ने बताया कि उन्होंने गाड़ी चलाने से पहले तीन ग्लास व्हाइट वाइन पी थी। उन्होंने पिछले महीने मिड-रेंज ड्रिंक ड्राइविंग का आरोप स्वीकार कर लिया था। कोर्ट में बताया गया कि वॉर्नर ने सड़क किनारे ब्रेथ टेस्टिंग साइट देखकर अपनी कार रोकी और एक महिला यात्री के साथ सीट बदलने की कोशिश की थी। कार में लगेगा इंटरलॉक डिवाइस जुर्माने के अलावा वॉर्नर की कार में 12 महीने के लिए इंटरलॉक डिवाइस लगाया जाएगा। यह डिवाइस कार को तब स्टार्ट नहीं होने देगा, जब ड्राइवर के सिस्टम में शराब की मात्रा पाई जाएगी। जज क्लेयर फार्नन ने कहा कि वॉर्नर के दोबारा ऐसा अपराध करने की संभावना कम है, लेकिन न्यू साउथ वेल्स में होने वाली कई सड़क दुर्घटनाओं में शराब पीकर गाड़ी चलाना अब भी एक गंभीर कारण है। क्या है इंटरलॉक डिवाइस? वॉर्नर की कार में 12 महीने के लिए इग्निशन इंटरलॉक डिवाइस लगाया जाएगा। यह एक छोटा उपकरण होता है, जिसे कार के डैशबोर्ड में लगाया जाता है। कार स्टार्ट करने से पहले ड्राइवर को इसमें सांस का नमूना देना होता है। डिवाइस सांस में अल्कोहल की मात्रा जांचता है। अगर निर्धारित सीमा से ज्यादा अल्कोहल मिलता है तो कार का इंजन स्टार्ट नहीं होता। कुछ सिस्टम ड्राइविंग के दौरान भी दोबारा सांस का नमूना मांग सकते हैं। 2024 में इंटरनेशनल क्रिकेट से लिया था संन्यास 39 साल के वॉर्नर ने ऑस्ट्रेलिया के लिए 112 टेस्ट और 250 से ज्यादा लिमिटेड ओवर्स इंटरनेशनल मैच खेले हैं। उन्होंने 2024 में इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लिया था। इसके बाद वे कमेंट्री के साथ-साथ फ्रेंचाइजी क्रिकेट में भी खेल रहे हैं। वॉर्नर फिलहाल सिडनी थंडर के कप्तान हैं और पाकिस्तान सुपर लीग में कराची किंग्स के लिए भी खेलते हैं। क्रिकेट NSW ने कहा- मामले को गंभीरता से ले रहे सिडनी थंडर न्यू साउथ वेल्स सरकार की ड्रिंक-ड्राइविंग के खिलाफ जागरूकता मुहिम का हिस्सा है। क्रिकेट NSW ने कहा कि संगठन सुरक्षित ड्राइविंग का समर्थन करता है और इस घटना को गंभीरता से ले रहा है। वकील बोले- मीडिया कवरेज से नुकसान हुआ वॉर्नर के वकील अवैस अहमद ने कोर्ट में कहा कि इस मामले की खबर दुनियाभर के मीडिया में आई, जिससे वॉर्नर को अतिरिक्त नुकसान उठाना पड़ा। वकील के मुताबिक, ESPN, अल जजीरा और इंडियन एक्सप्रेस जैसे इंटरनेशनल मीडिया संस्थानों ने भी इस घटना को कवर किया। उन्होंने कहा कि भारत और बांग्लादेश जैसे देशों में शराब से जुड़ी घटनाओं को लेकर अलग तरह की सामाजिक स्वीकार्यता है, जहां वॉर्नर टी-20 फ्रेंचाइजी लीग्स में खेलने के कमर्शियल अवसर तलाश सकते हैं। वकील ने कहा कि मीडिया कवरेज की वजह से वॉर्नर के भविष्य के कमर्शियल अवसर प्रभावित हो रहे हैं। 0.104 रीडिंग का मतलब क्या? वॉर्नर की ब्रेथ टेस्ट में 0.104 रीडिंग आई थी, जो ऑस्ट्रेलिया में सामान्य कानूनी सीमा 0.05 से काफी ज्यादा है। सांस में मौजूद अल्कोहल को मापकर ब्रेथ एनालाइजर रक्त में अल्कोहल की मात्रा का अनुमान लगाता है। ऑस्ट्रेलिया और भारत में ड्रिंक-ड्राइविंग के नियम ऑस्ट्रेलिया में सामान्य ड्राइवर के लिए सीमा 0.05 बताई गई है। सीमा पार करने पर जुर्माना, लाइसेंस संबंधी कार्रवाई और कुछ मामलों में इंटरलॉक डिवाइस लगाने जैसे दंड हो सकते हैं। भारत में मोटर व्हीकल एक्ट के तहत शराब पीकर गाड़ी चलाना अपराध है। पहली बार पकड़े जाने पर 10 हजार रुपए तक जुर्माना और/या 6 महीने तक की जेल, जबकि दोबारा अपराध पर 15 हजार रुपए तक जुर्माना या 2 साल तक की जेल का प्रावधान है। --------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… श्रीलंका दौरे पर केएल राहुल ने बताया तैयारी का प्लान:टीम इंडिया के उपकप्तान बोले-अनुभव का फायदा उठाना और मौकों को भुनाना जरूरी श्रीलंका दौरे पर भारतीय टीम के उपकप्तान केएल राहुल ने अपनी तैयारी और खेल को लेकर सोच साझा की है। BCCI के विशेष इंटरव्यू वीडियो ‘Turning Up Ft. KL Rahul’ में बातचीत के दौरान राहुल ने बताया कि लंबे समय तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने के बाद अनुभव का सही इस्तेमाल करना और मिले मौकों को भुनाना जरूरी है। पूरी खबर पढ़ें…

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  Sports

कांग्रेस के सोशल मीडिया पोस्ट पर बवाल : आदिवासी मुख्यमंत्री की तस्वीर को लेकर समाज ने जताई आपत्ति, SP से कार्रवाई की मांग

राहुल भूतड़ा- बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सोशल मीडिया पेज पर किए गए एक पोस्ट को लेकर सियासी और सामाजिक विवाद खड़ा हो गया है। पोस्ट में छत्तीसगढ़ के आदिवासी मुख्यमंत्री की तस्वीर और कथित आपत्तिजनक संदर्भ को लेकर सर्व आदिवासी समाज ने कड़ी नाराजगी जताई है। समाज के प्रतिनिधियों ने इसे आदिवासी समाज की भावनाओं को आहत करने वाला बताते हुए बालोद एसपी से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।

कांग्रेस के सोशल मीडिया पोस्ट पर आदिवासी समाज नाराज
मिली जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सोशल मीडिया पेज पर साझा की गई एक पोस्ट को लेकर सर्व आदिवासी समाज ने आपत्ति दर्ज कराई है। समाज के प्रतिनिधियों का आरोप है कि, पोस्ट में आदिवासी मुख्यमंत्री की तस्वीर के साथ कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी और संदर्भ का इस्तेमाल किया गया है।

कांग्रेस के पोस्ट से आदिवासी समाज में नाराजगी
पोस्ट सामने आने के बाद आदिवासी समाज के लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि, सार्वजनिक मंच पर इस तरह की भाषा और तस्वीर का इस्तेमाल समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है।

SP से शिकायत, कार्रवाई की मांग
मामले को गंभीरता से लेते हुए सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों ने बालोद एसपी से शिकायत की है। प्रतिनिधियों ने सोशल मीडिया पोस्ट की जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

सोशल मीडिया पोस्ट से आहत हुईं भावनाएं
समाज के लोगों का कहना है कि, सोशल मीडिया पर इस तरह की सामग्री से न केवल सामाजिक भावनाएं आहत होती हैं, बल्कि इससे सामाजिक सौहार्द पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है। उन्होंने संबंधित पोस्ट को लेकर जिम्मेदार लोगों पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।

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Sat, 22 Aug 2026 10:28:19 +0530

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