सावन का आखिरी सोमवार 24 अगस्त 2026 को पड़ रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस दिन सूर्य और बुध का शक्तिशाली योग बुधादित्य राजयोग बन रहे है। वहीं, पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र और प्रीति योग भी रहेगा। इसके साथ ही शनि, गुरु और मंगल का शुभ प्रभाल भी राशियो पर बना रहेगा।
ज्योतिष के मुताबिक, सावन के आखिरी सोमवार कुछ राशि वालों के लिए बेहद लाभकारी माना जा रहा है। यह समय जीवन में कई सारे सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे। रुके हुए कार्य बनेंगे। आइए आपको बताते हैं कि किन राशियों के लिए यह समय काफी भाग्यशाली रहने वाला है।
कर्क राशि
यह समय कर्क राशि वालों के लिए बेहद शुभ रहने वाला है। मनचाह कोई बड़ा लाभ प्राप्त होगा। परिवार में खुशियां बनी रहेगी और घर का माहौल सकारात्मक रहेगा। घर में कोई नई वस्तु आने से भौतिक सुख-सुविधाएं प्राप्त होगी। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारी मिलेगी। करियर में तरक्की मिलने की संभावना अधिक रहने वाली है। वहीं, कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सरहाना हो सकती है। बड़ा धन लाभ होने से परिवार में खुशियां बनी रहेंगी।
धनु राशि
धनु राशि के जातकों का भाग्य उदय होने वाला है। नई योजनाओं को अमल में लाने का मौका मिलेगा। नए लोगों से मुलाकात भी हो सकती है। कोई बड़ी खुशखबरी मिलने की संभावना नजर रहेगी। नौकरीपेशा लोगों को नए प्रोजेक्ट मिलने के अधिक चांस है। करियर संबंधित मामले में आगे बढ़ने के अवसर प्राप्त होंगे। यह समय नई संभावनाओं के द्वार खोल सकता है। घर में खुशियां बनी रहने वाली है।
मकर राशि
मकर राशि के जातक के लिए यह समय रुके हुए कार्य को पूरा करने की संभावना रहेगी। जो लोग नौकरी कर रहे हैं, उनके लिए यह समय काफी शुभ रहने वाला है। कार्यक्षेत्र में आपकी स्थिति पहले से मजबूत हो सकती है और मेहनत का अच्छा परिणाम प्राप्त होगा। किसी भी नए काम की शुरुआत करने पर महादेव की कृपा आपको प्राप्त होगी। यह समय करियर के लिए सकारात्मक बदलाव लेकर आने वाला है। नई नौकरी के प्रयास सफल होने वाले हैं।
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हिंदू धर्म में व्रत-त्योहार का विशेष महत्व माना गया है। हर साल कजरी तीज भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि पर मनाई जाती है। इस व्रत को महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य व सुखी जीवन के लिए रखती है।
इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की विधि-विधान उपासना करने का विधान है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती के पुनर्मिलन से जोड़ा जाता है। कुछ जगहों पर कजरी तीज के मौके पर नीम के पेड़ की पूजा करने की भी परंपरा है। आइए आपको बताते हैं कब रखा जाएगा कजरी तीज का व्रत?
कजरी तीज 2026
- भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि 31 अगस्त 2026, सोमवार को पड़ रही है।
- तृतीया तिथि प्रारंभ- 30 अगस्त 2026, रविवार सुबह करीब 9 बजकर 36 मिनट पर।
- तृतीया तिथि समाप्त- 31 अगस्त 2026, सोमवार, सुबह लगभग 8 बजकर 50 मिनट पर होगा।
कजरी तीज 2026 शुभ मुहूर्त
-अमृत चौघड़िया- सुबह 5 बजकर 58 मिनट से 7 बजकर 34 मिनट तक।
-शुभ चौघड़िया- सुबह 9 बजकर 10 मिनट से 10 बजकर 45 मिनट तक।
-लाभ चौघड़िया- दोपहर 3 बजकर 32 मिनट से शाम 5 बजकर 8 मिनट तक।
-अमृत चौघड़िया- शाम 5 बजकर 8 मिनट से 6 बजकर 44 मिनट तक।
कजरी तीज पर करें ये 4 काम
- कजरी तीज के दिन शिवलिंग पर शहद, दूध और दही अर्पित कर विधि-विधान से पूजा करें। माना जाता है कि भगवान शिव की पूजा करने से जीवन में सुख-शांति और दांपत्य जीवन में प्रेम बना रहता है।
- पूजा के समय भगवान शिव और माता पार्वती को वस्त्र अर्पित करते हुए श्रद्धापूर्वक व्रत का संकल्प जरुर लें। फिर परिवार के सुख, शांति और समृद्धि की कामना करें।
- कजरी तीज के दिन माता पार्वती को सुहाग से संबंधित सामग्री की वस्तुएं अर्पित करना बेहद शुभ माना जाता है। इससे अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त होती है।
- कजरी तीज के दिन नीम के पेड़ की पूजा करने का विधान है। इसलिए इस दिन विधिवत रुप से नीम के पेड़ की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि बनीं रहेगी।
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