Flood in MP: मध्यप्रदेश के सतना जिला समेत कई जिलों में भयंकर बारिश से बाढ़ और जलभराव, खतरे में आबादी
Flood in Madhya Pradesh: मानसून की एंट्री होते ही अगस्त के महीने में भारी बारिश लोगों का बड़ा संकट बन गया है. देश के पहाड़ी राज्यों समेत मैदानी इलाकों में भी भयंकर बरसात हो रही है, जिस कारण नदियां उफान पर है. इलाकों में बाढ़ का संकट बढ़ गया है. पहाड़ों में बादल फट रहे हैं. वहीं, यूपी और एमपी में भी अगस्त में भारी बारिश हुई है. पहाड़ी राज्यों की बात करें तो यहां बादल फटने से नदियों में उफान आ रहा है. जम्मू का राजौरी सेक्टर खतरे में हैं. वहीं, हिमाचल प्रदेश में भी हालात बदत्तर है. यहां सड़क धंस गई है और ट्रक नाले में गिरने से बाल-बाल बच गया है. हिमाचल में इस मानसून सीजन में भारी बारिश के असर की बात करें तो हिमाचल प्रदेश में मानसून के दौरान बारिश, लैंडस्लाइड और सड़क हादसों से जुड़ी कुल मौतों का आंकड़ा 200 से ज्यादा हो गया है.
मध्यप्रदेश का बुरा हाल
मध्य प्रदेश के मौसम की बात करे तो मौसम विभाग ने कई जिलों में भारी वर्षा की चेतावनी जी है. सतना जिले के नागौद इलाके का हाल सबसे खराब है. पुल पूरी तरह से जलमग्न हो गया है, जो गांव से एकमात्र आवागमन का मार्ग था. भारी बारिश से रीवा की भी ऐसी ही स्थिति हैं. यहां बरसात के बाद से रीवा प्रयागराज मार्ग बंद हो गया है. क्यूटी वॉटरफॉल ने रौद्र रूप ले लिया है.
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क्या दिल्ली में कोई भी, कहीं भी धरने पर बैठ सकता है? पहले PM हाउस, अब DCP ऑफिस के बाहर राहुल गांधी का धरना; जानिए नियम
क्या दिल्ली में कोई किसी भी सार्वजनिक जगह पर रैली, मार्च या धरने पर बैठक सकता है. राहुल गांधी के एक बार फिर धरने पर बैठने से ये सवाल उठे हैं. राहुल की इस बार धरने पर बैठने जगह है पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने का DCP ऑफिस. वह इससे पहले पीएम हाउस के पास धरने पर बैठे थे.
दिल्ली पुलिस प्रवक्ता के अनुसार राजधानी में धरना करने से पहले दिल्ली पुलिस से लिखित इजाजत लेना अनिवार्य है. बिना अनुमति का कोई भी प्रदर्शन गैर-कानूनी माना जाता है.
आवेदन कहां और कैसे देना होता है
- संबंधित इलाके के DCP या नई दिल्ली डिस्ट्रिक्ट पुलिस दफ्तर में आवेदन देना पड़ता है.
- आम तौर पर यह आवेदन प्रदर्शन की तय तारीख से करीब 7 से 10 दिन पहले देना होता है.
- फॉर्म दिल्ली पुलिस की वेबसाइट या स्थानीय थाने से मिल जाता है.
- आयोजकों को अपने वालंटियर्स की पूरी सूची भी पुलिस को सौंपनी होती है, ताकि भीड़ प्रबंधन आसान रहे.
आज क्या हुआ, राहुल गांधी कहां धरने पर बैठे?
जानकारी के मुताबिक शुक्रवार को राहुल गांधी पहले मंदिर मार्ग थाने पहुंचे. यहां उन्होंने बीते 20 जुलाई की छात्र-रैली में कथित तौर पर पैलेट गन से घायल हुए सहिल लोचव केस में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की. बता दें इस दौरान साहिल लोचव उनके साथ थे. उनकी शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज करने से इनकार कर दिया. फिर इसके बाद वे DCP सेंट्रल से मिलने पहुंचे. उनसे मुलाकात के बाद वह उनके कमरे से बाहर निकले और फिर अपने समर्थकों के साथ पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने के बाहर धरने पर बैठ गए. बता दें इससे पहले वह 21-22 जुलाई को वह बहन प्रियंका गांधी और कई विपक्षी नेता प्रधानमंत्री आवास के करीब जाकर धरने पर बैठ गए थे.
पुलिस ने दिया ये जवाब, उठे सवाल दिल्ली में धरना देने का कानूनी तरीका क्या है?
राहुल गांधी की मांग है पैलेट गन इस्तेमाल मामले में FIR दर्ज की जाए. वहीं, दिल्ली पुलिस का इस मामले में कहना है कि राहुल गांधी की शिकायत ले ली गई है. उनकी शिकायत क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है. जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. अब सवाल उठ रहे हैं कि दिल्ली में धरना देने का कानूनी तरीका क्या है?
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