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Jharkhand: धनबाद में रोजगार का बड़ा मौका, 782 पदों पर होगी भर्ती; इन पदों पर मिलेगी नौकरी

Jharkhand: श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग की ओर से शनिवार (22 अगस्त) को धनबाद जिले के कुमारधुबी नियोजनालय परिसर में रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा. रोजगार मेला सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक चलेगा. जानकारी के मुताबिक, इसमें कुल 12 कंपनियां और संस्थान शामिल होंगे. मेले के जरिए युवाओं को अलग-अलग पदों पर नौकरी पाने का मौका मिलेगा.

782 पदों पर होगी भर्ती

आपको बता दें कि रोजगार मेले में कुल 782 पदों पर युवाओं का चयन किया जाएगा. इनमें पुरुषों के लिए 657 और महिलाओं के लिए 125 पद निर्धारित हैं. खास बात यह है कि आठवीं पास से लेकर MBA डिग्री धारक अभ्यर्थी तक अपनी योग्यता के अनुसार इन पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं. चयनित अभ्यर्थियों को धनबाद, गिरिडीह, कोडरमा और हजारीबाग के अलावा ओडिशा, गुजरात, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, राजस्थान, हैदराबाद और बेंगलुरु जैसे शहरों में काम करने का अवसर मिल सकता है. अलग-अलग पदों के लिए 8 हजार से 25 हजार रुपये तक मासिक वेतन दिया जाएगा.

इन पदों पर मिलेगी नौकरी

रोजगार मेले में कई तरह के पदों पर भर्ती की जाएगी. इनमें सभी विषयों के शिक्षक, पीईटी शिक्षक, कंप्यूटर शिक्षक, सहायक शिक्षक, डिलीवरी बॉय, कस्टमर रिलेशनशिप ऑफिसर, सेल्स एंड मार्केटिंग, हाउसकीपिंग, कुक और हेल्पर शामिल हैं. इसके अलावा इलेक्ट्रिशियन, वेल्डर, मशीन ऑपरेटर, ऑटोमेटेड मशीन ऑपरेटर, ITI MFG एंड फूड क्राफ्ट, बीमा सखी, रूरल करियर एजेंट, टैली अकाउंटेंट, टूल्स एंड मेंटेनेंस और सिक्योरिटी गार्ड के पदों पर भी नियुक्ति होगी.

रोजगार मेले में स्वामी विवेकानंद स्कूल, लोयोला स्कूल, युक्ति इंफोसिस्टम, बिरसा सुपर सिक्योरिटी सॉल्यूशन, L&T कंस्ट्रक्शन स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, LIC ऑफ इंडिया समेत कई कंपनियां और संस्थान शामिल होंगे. अभ्यर्थियों को बायोडाटा, फोटो, शैक्षणिक प्रमाणपत्र, आधार कार्ड और निबंधन कार्ड के साथ पहुंचना होगा.

होमगार्ड भर्ती में दस्तावेजों की जांच

उधर, होमगार्ड भर्ती प्रक्रिया के तहत चयनित अभ्यर्थियों की मेडिकल जांच और मूल प्रमाणपत्रों के सत्यापन का काम भी चल रहा है. उपायुक्त आदित्य रंजन ने गुरुवार (20 अगस्त) को इस प्रक्रिया का औचक निरीक्षण किया. सत्यापन का काम सही तरीके से पूरा कराने के लिए जिला प्रशासन ने चार टीमें बनाई हैं. अभ्यर्थियों की शारीरिक और मेडिकल जांच के लिए एक अलग मेडिकल टीम भी तैनात की गई है.

फर्जी दस्तावेज पर होगी कार्रवाई

उपायुक्त ने कहा कि सभी चयनित अभ्यर्थियों को सत्यापन के लिए खुद उपस्थित होना जरूरी है. उन्हें अपने सभी शैक्षणिक, तकनीकी और आवासीय प्रमाणपत्रों की मूल प्रतियां और स्व-अभिप्रमाणित प्रतियां साथ लानी होंगी. उन्होंने चेतावनी दी कि फर्जी दस्तावेज देने या किसी गलत तरीके का इस्तेमाल करने पर संबंधित अभ्यर्थी के खिलाफ झारखंड प्रतियोगी परीक्षा अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता के तहत प्राथमिकी दर्ज की जाएगी. प्रशासन का लक्ष्य भर्ती प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता के साथ पूरा कर योग्य अभ्यर्थियों का अंतिम चयन करना है.

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दिल्ली से स्वीडन तक साइकिल पर पहुंचा प्यार, सड़क किनारे पोर्ट्रेट से शुरू हुई थी मोहब्बत, अब कहानी बनी डॉक्यूमेंट्री

Delhi-to-Sweden love story premieres in New York: भारत की गलियों से शुरू हुई एक प्रेम कहानी अब अमेरिका तक पहुंच गई है. इस प्रेम कहानी में एक युवक ने अपनी प्रेमिका से मिलने के लिए साइकिल उठाई और भारत से स्वीडन तक का सफर तय कर डाला. इसी सच्ची कहानी पर बनी डॉक्यूमेंट्री 'द साइकिल ऑफ लव' का न्यूयॉर्क में प्रीमियर हुआ है. 

इस डॉक्यूमेंट्री की कहानी पी.के. महानंदिया और लोट्टा वॉन शेडविन की जिंदगी पर आधारित है.पी.के. महानंदिया का जन्म एक गरीब दलित परिवार में हुआ था. 23 साल की उम्र में वह दिल्ली में सड़क किनारे लोगों की तस्वीरें बनाकर अपना गुजारा करते थे. साल 1977 में 19 साल की स्वीडिश लड़की लोट्टा भारत आईं. इसी दौरान दोनों की मुलाकात हुई और उनकी जिंदगी हमेशा के लिए बदल गई.   लोट्टा ने दिल्ली में पीके से अपना पोर्ट्रेट बनाने के लिए कहा था. यही मुलाकात धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। दोनों के बीच भाषा और संस्कृति का फर्क था लेकिन एक-दूसरे के लिए उनका लगाव बढ़ता गया. कुछ समय बाद लोट्टा को वापस स्वीडन जाना पड़ा. इसके बाद दोनों के सामने सबसे बड़ी चुनौती थी कि इतनी दूर रहने के बावजूद अपने रिश्ते को कैसे कायम रखा जाए.

पी.के. महानंदिया ने लोट्टा से मिलने का फैसला किया और साइकिल से भारत से स्वीडन जाने निकल पड़े. उन्होंने करीब 6 हजार मील, यानी लगभग 10 हजार किलोमीटर का सफर साइकिल से तय किया. इस दौरान उन्होंने करीब एक दर्जन देशों को पार किया और आखिरकार स्वीडन पहुंचकर अपनी प्रेमिका से मुलाकात की. यह असाधारण सफर अब डॉक्यूमेंट्री 'द साइकिल ऑफ लव' का हिस्सा है. इस फिल्म का निर्देशन ऑरलैंडो वॉन आइन्सीडेल ने किया है. वह इससे पहले 'द व्हाइट हेल्मेट्स', 'विरुंगा' और 'द लॉस्ट चिल्ड्रन' जैसी डॉक्यूमेंट्री से जुड़े रहे हैं. फिल्म का न्यूयॉर्क प्रीमियर मैनहैटन स्थित डायरेक्टर्स गिल्ड ऑफ अमेरिका थिएटर में हुआ, जहां इस कहानी को अमेरिकी दर्शकों के सामने पेश किया गया.

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पी.के. और लोट्टा की बेटी एमिली महानंदिया वॉन शेडविन फिल्म की निर्माता भी हैं. उन्होंने बताया कि यह डॉक्यूमेंट्री उनके माता-पिता की प्रेम कहानी से प्रेरित है.निर्देशक ने उनके पिता की पूरी जिंदगी दिखाने के बजाय उनके प्यार और भारत से स्वीडन तक की यात्रा को कहानी का मुख्य हिस्सा बनाया. आईएएनएस से एमिली ने कहा, "सफर के दौरान टीम को अलग-अलग देशों और संस्कृतियों के कई लोगों से मिलने का मौका मिला. इनमें से कई बातचीत पहले से तय नहीं थीं, लेकिन बाद में फिल्म का अहम हिस्सा बन गईं. मेरा मानना है कि इंसान अलग भाषा बोल सकता है या अलग धर्म या संस्कृति से आ सकता है, लेकिन प्यार की भावना सभी को एक-दूसरे से जोड़ती है."

फिल्म में पी.के. महानंदिया का किरदार चिराग बेनेडिक्ट लोबो ने निभाया है जबकि मीना डेल लोट्टा के किरदार में नजर आती हैं. मीना ने बताया कि फिल्म की शूटिंग उन जगहों पर भी हुई, जहां असल जिंदगी में ये घटनाएं हुई थीं. कलाकारों ने वहां के लोगों से बातचीत की और कई दृश्य उसी समय तैयार हुए.  चिराग लोबो के लिए भी यह अनुभव काफी खास रहा. उन्होंने कहा कि फिल्म में दिखाई देने वाले कई लोग असल जिंदगी के लोग हैं और उनके साथ हुई बातचीत ने उन्हें प्यार, भरोसे, माफी और जिंदगी को लेकर सोचने पर मजबूर किया. इस डॉक्यूमेंट्री से प्रियंका चोपड़ा जोनस भी बतौर एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर जुड़ी हैं. फिल्म के निर्माताओं के मुताबिक, प्रियंका को पी.के. और लोट्टा की कहानी इसलिए भी पसंद आई क्योंकि इसमें दो अलग देशों और संस्कृतियों के लोगों के बीच प्यार की कहानी है. फिल्म की निर्माता टीम में एमिली और उनके भाई कार्ल महानंदिया वॉन शेडविन के साथ हैरी ग्रेस और क्लो लेलैंड भी शामिल हैं.  

INPUT: IANS
 

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  Sports

Hockey World Cup 2026: नीदरलैंड्स से 1-3 हारा भारत, सेमीफाइनल की राह मुश्किल; अब अर्जेंटीना से अहम मुकाबला

AI सारांश

  • नीदरलैंड्स ने भारत को 1-3 से हराकर पूल E में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है।
  • इस हार से भारत की सेमीफाइनल की राह बेहद मुश्किल हो गई है, लेकिन टीम अभी दौड़ से बाहर नहीं हुई है।
  • भारत को 24 अगस्त को अर्जेंटीना के खिलाफ अपना अगला मुकाबला जीतना होगा और पूल E के दूसरे मैच के नतीजे पर भी नजर रखनी होगी।

Hockey World Cup 2026: हॉकी वर्ल्ड कप 2026 के दूसरे चरण के पूल E मुकाबले में भारतीय पुरुष हॉकी टीम को नीदरलैंड्स के खिलाफ 1-3 से हार का सामना करना पड़ा। एम्स्टेलवीन के वागेनर स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में भारत ने तीन क्वार्टर तक नीदरलैंड्स को कड़ी टक्कर दी, लेकिन आखिरी क्वार्टर में डच टीम ने लगातार दबाव बनाते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया।

नीदरलैंड्स के लिए डुको टेल्जेनकैंप, जेप होडेमेकर्स और थिज्स वैन डैम ने गोल किए। भारत की ओर से कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने एकमात्र गोल किया। इस हार से भारत की सेमीफाइनल की राह मुश्किल हो गई है, लेकिन टीम अभी टूर्नामेंट से बाहर नहीं हुई है।

तीन क्वार्टर तक भारत ने दिया कड़ा मुकाबला
मुकाबले की शुरुआत में भारतीय टीम ने आत्मविश्वास के साथ खेल दिखाया। भारत ने गेंद पर कब्जा बनाए रखने की कोशिश की और नीदरलैंड्स के सर्कल में भी पहुंच बनाई।

हालांकि, भारतीय टीम के सामने सबसे बड़ी समस्या मौकों को गोल में बदलने की रही। नीदरलैंड्स के डिफेंस ने भारतीय हमलों को रोकने में शानदार काम किया।

पहले दो क्वार्टर में दोनों टीमें गोल नहीं कर सकीं। तीसरे क्वार्टर में नीदरलैंड्स ने बढ़त हासिल की और इसके बाद मुकाबले की दिशा धीरे-धीरे बदल गई।

आखिरी क्वार्टर में बिखरा भारत का डिफेंस
नीदरलैंड्स ने तीसरे क्वार्टर के बाद भारतीय डिफेंस पर लगातार दबाव बनाया। डच टीम ने तेज पासिंग और आक्रमण के जरिए भारतीय खिलाड़ियों को पीछे धकेला।

भारत ने वापसी की कोशिश की और हरमनप्रीत सिंह ने गोल कर मुकाबले में उम्मीद जगाई, लेकिन इसके बाद नीदरलैंड्स ने फिर आक्रामक रुख अपनाया।

निर्णायक मौकों पर डच टीम की फिनिशिंग भारत से बेहतर रही। आखिरी क्वार्टर में दो और गोल कर नीदरलैंड्स ने 3-1 की बढ़त हासिल कर ली और अंत तक इसे बरकरार रखा।

हरमनप्रीत सिंह ने दागा भारत का एकमात्र गोल
भारतीय टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने इस मुकाबले में भारत का एकमात्र गोल किया। हालांकि, मैच के दौरान उनकी फिटनेस को लेकर भी चिंता देखने को मिली।

हरमनप्रीत भारतीय टीम के पेनल्टी कॉर्नर विशेषज्ञ होने के साथ-साथ आक्रमण को दिशा देने वाले अहम खिलाड़ी हैं। ऐसे में अर्जेंटीना के खिलाफ अगले मुकाबले में उनकी फिटनेस और प्रदर्शन भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहेगा।

भारत की सेमीफाइनल उम्मीदें अभी खत्म नहीं
नीदरलैंड्स से हार के बाद भारत की स्थिति जरूर मुश्किल हो गई है, लेकिन सेमीफाइनल का रास्ता अभी पूरी तरह बंद नहीं हुआ है। 2026 हॉकी वर्ल्ड कप में पारंपरिक क्वार्टर फाइनल चरण को हटा दिया गया है। पहले चरण के बाद टीमों को नए पूल में बांटा गया है और दूसरे चरण के पूल E और F की शीर्ष दो-दो टीमें सीधे सेमीफाइनल में पहुंचेंगी।

भारत पूल E में नीदरलैंड्स, इंग्लैंड और अर्जेंटीना के साथ है। भारत और इंग्लैंड पहले चरण में एक-दूसरे के खिलाफ खेल चुके हैं, इसलिए दूसरे चरण में भारत को नीदरलैंड्स और अर्जेंटीना से मुकाबला करना है। पहले चरण में इन टीमों के बीच हुए मुकाबले का परिणाम दूसरे चरण की गणना में शामिल रहता है।

Pool E Points Table: भारत की स्थिति

नीदरलैंड्स से हार के बाद पूल E में स्थिति इस तरह है:

टीम     मैच     जीत     ड्रॉ     हार     गोल अंतर     अंक
इंग्लैंड 1 1 0 0 +2 3
नीदरलैंड्स 1 1 0 0 +2 3
भारत   1 0 0 1 -2 0
अर्जेंटीना 1 0 0 1 -2 0

भारत के लिए क्या है सेमीफाइनल का समीकरण?
भारत के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती अर्जेंटीना को हराने की है। भारत और अर्जेंटीना के बीच मुकाबला 24 अगस्त को खेला जाएगा। उसी दिन नीदरलैंड्स और इंग्लैंड भी आमने-सामने होंगे।

भारत अगर अर्जेंटीना को हरा देता है तो उसके खाते में तीन अंक हो जाएंगे। इसके बाद नीदरलैंड्स और इंग्लैंड के मुकाबले का परिणाम तथा गोल अंतर बेहद महत्वपूर्ण हो सकता है। इसलिए भारत के लिए अर्जेंटीना के खिलाफ सिर्फ जीत ही नहीं, बल्कि अच्छे गोल अंतर से जीत भी महत्वपूर्ण हो सकती है।

इंग्लैंड-अर्जेंटीना मैच क्यों है अहम?
भारत की सेमीफाइनल की राह में 22 अगस्त को होने वाला इंग्लैंड-अर्जेंटीना मुकाबला भी महत्वपूर्ण है। इस मैच का परिणाम पूल E की तस्वीर बदल सकता है। हालांकि, भारत की स्थिति का सबसे बड़ा निर्धारण उसके अपने अगले मैच से होगा। अर्जेंटीना के खिलाफ जीत के बाद ही भारत के पास शीर्ष दो में पहुंचने की वास्तविक संभावना मजबूत होगी। इसलिए फिलहाल भारत के लिए समीकरण सीधा है- अर्जेंटीना को हराओ और फिर दूसरे नतीजों तथा गोल अंतर पर नजर रखो।

भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता फिनिशिंग
नीदरलैंड्स के खिलाफ भारत ने गेंद पर कब्जा रखने और मौके बनाने की कोशिश की, लेकिन निर्णायक मौकों पर फिनिशिंग कमजोर रही। हॉकी जैसे तेज खेल में सिर्फ बॉल पजेशन पर्याप्त नहीं होता। सर्कल के अंदर सही निर्णय लेना और मिले मौकों को गोल में बदलना जरूरी है। नीदरलैंड्स ने इसी मामले में भारत पर बढ़त बनाई। डच टीम ने कम मौकों को भी बेहतर तरीके से भुनाया और मैच को अपने पक्ष में कर लिया।

डिफेंस को भी करना होगा बेहतर प्रदर्शन
भारत के लिए सिर्फ फिनिशिंग ही चिंता का विषय नहीं है। आखिरी क्वार्टर में डिफेंस पर बढ़ते दबाव ने भी टीम की मुश्किल बढ़ाई। नीदरलैंड्स ने लगातार हमले किए और भारतीय डिफेंस को गलतियां करने के लिए मजबूर किया। भारत को अर्जेंटीना के खिलाफ आखिरी क्वार्टर में अपनी संरचना और दबाव झेलने की क्षमता बेहतर करनी होगी।

अब अर्जेंटीना के खिलाफ अहम मुकाबला
भारत का अगला मुकाबला 24 अगस्त को अर्जेंटीना से होगा। यह मैच भारतीय टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। भारत को सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए इस मुकाबले में जीत की तलाश होगी।

भारत के सामने अब चुनौती साफ है- अर्जेंटीना के खिलाफ जीत, बेहतर गोल अंतर और फिर पूल E के बाकी नतीजों पर नजर। नीदरलैंड्स के खिलाफ मिली हार ने भारत की मुश्किल जरूर बढ़ा दी है, लेकिन सेमीफाइनल का दरवाजा अभी बंद नहीं हुआ है। अब भारतीय टीम की नजर अर्जेंटीना के खिलाफ वापसी पर होगी।

Sat, 22 Aug 2026 22:06:11 +0530

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