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ट्रम्प बोले- जल्द होर्मुज को कंट्रोल में लेंगे:ईरान की नेवी-एयरफोर्स खत्म, कुछ मिसाइल और ड्रोन बचे; परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि अमेरिका जल्द ही होर्मुज स्ट्रेट को अपने कंट्रोल में ले लेगा। ट्रम्प ने अमेरिकी रेडियो नेटवर्क 77 WABC को दिए इंटरव्यू में कहा कि ईरान की नेवी, एयर फोर्स और सैन्य नेतृत्व को बड़ा नुकसान पहुंचा है। ट्रम्प ने दोहराया कि अमेरिका किसी भी हाल में ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देगा। ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकने के लिए सैन्य कार्रवाई जरूरी थी। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर आगे भी ऐसा खतरा हुआ तो अमेरिका फिर से कड़ा कदम उठा सकता है। ट्रम्प बोले- ईरान से बातचीत मुश्किल ट्रम्प ने कहा कि ईरान के कई बड़े नेता अब नहीं रहे। इसके चलते नए समझौते पर बातचीत मुश्किल हो गई है। उन्होंने कहा, फिलहाल यह भी साफ नहीं है कि ईरान में फैसले कौन ले रहा है। ट्रम्प ने दावा किया कि ईरान आर्थिक संकट से जूझ रहा है। उन्होंने कहा कि देश में महंगाई बहुत ज्यादा है। सेना को वेतन देने में भी दिक्कतें आ रही हैं। ईरान की मदद करने वालों को भी चेतावनी ट्रम्प का बयान ऐसे समय पर आया है जब अमेरिका ने ईरान पर दबाव बढ़ाते हुए नए आर्थिक प्रतिबंध का ऐलान किया है। ट्रम्प प्रशासन ने कहा है कि ईरान को आर्थिक मदद देने वाले देशों और संस्थाओं के खिलाफ भी सख्त कदम उठाए जा सकते हैं। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि अब दुनिया के देशों को तय करना होगा कि वे अमेरिका के साथ खड़े हैं या ईरान के साथ। ईरान का जवाब- अमेरिकी प्रतिबंधों से नहीं झुकेंगे ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने अमेरिका की नई रणनीति को बेअसर बताया है। उन्होंने कहा कि ईरान दशकों से प्रतिबंधों का सामना करता आया है। केवल आर्थिक दबाव के जरिए उसे झुकाया नहीं जा सकता। उनके मुताबिक, अमेरिका की यह नीति अब तक सफल नहीं हुई है और आगे भी संभावना कम है। होर्मुज स्ट्रेट पर कंट्रोल क्यों चाहते हैं ट्रम्प? इसकी पांच बड़ी वजह है- 1. दुनिया की तेल सप्लाई का सबसे अहम रास्ता युद्ध से पहले दुनिया के तेल और LNG की करीब 20% सप्लाई होर्मुज स्ट्रेट से गुजरती थी। इस मार्ग पर नियंत्रण का मतलब वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखना है। 2. ईरान के दबाव बनाने वाले सबसे बड़े हथियार को कमजोर करना ईरान लंबे समय से होर्मुज को रणनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल करता रहा है। स्ट्रेट बंद कर या जहाजों की आवाजाही प्रभावित कर वह दुनिया और अमेरिका पर दबाव बना सकता है। 3. तेल की कीमतों को काबू में रखना होर्मुज में तनाव बढ़ते ही तेल की कीमतें बढ़ जाती हैं। अमेरिका चाहता है कि यह मार्ग खुला रहे ताकि वैश्विक बाजार में तेल की आपूर्ति बनी रहे और कीमतें कंट्रोल में रहें। 4. खाड़ी देशों और अमेरिकी हितों की सुरक्षा सऊदी अरब, UAE, कुवैत और कतर जैसे अमेरिका के सहयोगी देशों का तेल निर्यात इसी रास्ते से होता है। इसलिए वॉशिंगटन इसे अपनी रणनीतिक और आर्थिक सुरक्षा से भी जोड़कर देखता है। 5. अमेरिका-ईरान बातचीत में बढ़त हासिल करना अगर होर्मुज पर ईरान का प्रभाव कम होता है तो अमेरिका के साथ किसी भी समझौते या वार्ता में तेहरान की सौदेबाजी की ताकत भी कमजोर पड़ सकती है। -------------------------------- यह भी पढ़ें… होर्मुज में अमेरिका पर ईरान भारी पड़ रहा: ट्रम्प की धमकी के बावजूद जहाज ईरानी रूट से जा रहे होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले ज्यादातर जहाज अपनी पहचान या रास्ता छिपा रहे हैं। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, 1 से 19 अगस्त के बीच 236 जहाज यहां से गुजरे, लेकिन 148 जहाजों की राह साफ तौर पर पता नहीं चल सकी। पूरी खबर यहां पढ़ें…

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अखरोट खाने के फायदे: दिमाग से लेकर दिल तक, रोजाना मुट्ठीभर खाने से दिखने लगेंगे ये बड़े बदलाव

Walnuts Benefits: अखरोट को ड्राई फ्रूट्स की दुनिया में खास जगह मिली हुई है। इसका स्वाद भले ही थोड़ा अलग हो, लेकिन पोषक तत्वों के मामले में यह बेहद समृद्ध माना जाता है। इसमें हेल्दी फैट, प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और मिनरल्स के साथ ओमेगा-3 फैटी एसिड भी पाया जाता है। यही वजह है कि संतुलित डाइट में अखरोट को शामिल करने की सलाह दी जाती है। हालांकि, इसका सेवन हमेशा उचित मात्रा में ही करना चाहिए।

रोजाना कुछ अखरोट खाने की आदत आपकी डाइट को ज्यादा पौष्टिक बना सकती है। खासकर हार्ट हेल्थ, ब्रेन फंक्शन और पाचन से जुड़े कई पहलुओं के लिए अखरोट फायदेमंद माना जाता है। आइए जानते हैं अखरोट खाने के ऐसे ही बड़े फायदों के बारे में, जिन्हें जानने के बाद आप इसे अपनी डाइट में शामिल करना पसंद कर सकते हैं।

अखरोट खाने के बड़े फायदे

दिल की सेहत के लिए लाभकारी
अखरोट में मौजूद असंतृप्त फैट और ओमेगा-3 फैटी एसिड हार्ट-फ्रेंडली डाइट का हिस्सा माने जाते हैं। नियमित और सीमित मात्रा में अखरोट खाने से शरीर को ऐसे पोषक तत्व मिलते हैं, जो हृदय स्वास्थ्य को सपोर्ट कर सकते हैं। इसे तले-भुने स्नैक्स की जगह लेना बेहतर विकल्प हो सकता है।

दिमाग के लिए उपयोगी
अखरोट को अक्सर ब्रेन फूड भी कहा जाता है। इसमें मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड, एंटीऑक्सीडेंट और अन्य पोषक तत्व मस्तिष्क के सामान्य कामकाज को सपोर्ट करने में मदद कर सकते हैं। पढ़ाई या मानसिक काम करने वाले लोगों के लिए भी यह पौष्टिक स्नैक का अच्छा विकल्प हो सकता है।

पाचन को रख सकता है बेहतर
अखरोट में फाइबर मौजूद होता है, जो पाचन तंत्र के लिए जरूरी पोषक तत्व है। डाइट में पर्याप्त फाइबर शामिल करने से मल त्याग नियमित रखने में मदद मिल सकती है। इसलिए सीमित मात्रा में अखरोट को संतुलित आहार का हिस्सा बनाया जा सकता है। साथ में पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी है।

शरीर को मिलते हैं एंटीऑक्सीडेंट
अखरोट में कई तरह के पौधों से मिलने वाले यौगिक और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। ये शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाव में भूमिका निभाते हैं। संतुलित डाइट में अखरोट जैसे पोषक खाद्य पदार्थ शामिल करना शरीर को जरूरी माइक्रोन्यूट्रिएंट्स और हेल्दी फैट उपलब्ध कराने का एक तरीका है।

वजन मैनेजमेंट में मददगार हो सकता है
अखरोट में हेल्दी फैट, प्रोटीन और फाइबर का संयोजन पाया जाता है। ये पोषक तत्व पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, अखरोट कैलोरी से भरपूर होता है, इसलिए वजन नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे लोगों को इसकी मात्रा का ध्यान रखना चाहिए।

हड्डियों के लिए भी उपयोगी
अखरोट में मैग्नीशियम, फॉस्फोरस और अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर के सामान्य कामकाज के लिए महत्वपूर्ण हैं। संतुलित डाइट के साथ इन पोषक तत्वों की पर्याप्त मात्रा हड्डियों और मांसपेशियों के सामान्य स्वास्थ्य को सपोर्ट करती है।

(Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई सामग्री सिर्फ जानकारी के लिए है। हरिभूमि इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी सलाह या सुझाव को अमल में लेने से पहले किसी विशेषज्ञ/डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)

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लेखक: (कीर्ति)

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टेस्ट में रनों की 5 सबसे बड़ी हार, 675 रन से मैच गंवा चुकी है टीम, 98 साल से अटूट है विश्व कीर्तिमान

5 biggest defeat by runs in test history: टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में कुछ मुकाबले ऐसे भी रहे हैं, जहां टीमें रनों के विशाल अंतर से करारी शिकस्त झेलने पर मजबूर हुईं. साल 1928 में ऑस्ट्रेलिया को इंग्लैंड के हाथों शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा था, जो आज भी टेस्ट इतिहास की रनों के लिहाज से सबसे बड़ी हार है. इसके अलावा इंग्लैंड को 1934 में और दक्षिण अफ्रीका को 1911 में रनों की भारी पराजय मिली. वहीं, मॉडर्न युग में अफगानिस्तान 2023 में और ऑस्ट्रेलिया 2018 में बड़े अंतर से मुकाबला गंवाकर इस अनचाही लिस्ट में शामिल हैं. Sat, 22 Aug 2026 05:01:03 +0530

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