Tempsens Instruments IPO को पहले दिन 5.93 गुना अभिदान मिला, रिटेल श्रेणी 6.44 गुना भरी
तापमान मापने और हीटिंग समाधान देने वाली कंपनी टेम्पसेंस इंस्ट्रूमेंट्स के आरंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) को बृहस्पतिवार को बोली के पहले दिन 5.93 गुना अभिदान मिला। एनएसई के आंकड़ों के अनुसार, कंपनी के 650 करोड़ रुपये के आईपीओ में 1,51,81,667 शेयरों की पेशकश के मुकाबले 8,99,96,050 शेयरों के लिए बोलियां मिलीं। गैर-संस्थागत निवेशकों की श्रेणी को 12.50 गुना अभिदान मिला।
खुदरा निवेशकों की श्रेणी को 6.44 गुना अभिदान प्राप्त हुआ और योग्य संस्थागत लिवालों (क्यूआईबी) को पांच प्रतिशत अभिदान मिला। टेम्पसेंस इंस्ट्रूमेंट्स (इंडिया) लिमिटेड ने टेमासेक और एसबीआई म्यूचुअल फंड सहित बड़े (एंकर) निवेशकों से 194.55 करोड़ रुपये जुटाए हैं। टेम्पसेंस इंस्ट्रूमेंट्स (इंडिया) लिमिटेड का आईपीओ 24 अगस्त को बंद होगा।
कंपनी ने इस पेशकश के लिए प्रति इक्विटी शेयर 285-300 रुपये का मूल्य दायरा तय किया है। आईपीओ में 95 करोड़ रुपये तक के इक्विटी शेयरों का नया निर्गम और 1.85 करोड़ इक्विटी शेयरों की बिक्री पेशकश (ओएफएस) शामिल है। मूल्य दायरे के ऊपरी स्तर पर, निर्गम का आकार 650 करोड़ रुपये का है और निर्गम के बाद कंपनी का बाजार पूंजीकरण 2,515 करोड़ रुपये होने का अनुमान है।
Himachal Pradesh में Non-Dairy Paneer की बिक्री और भंडारण पर लगी रोक
हिमाचल प्रदेश सरकार ने बृहस्पतिवार को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के अनुरूप नहीं होने वाले गैर-डेयरी यानी एनालॉग पनीर की बिक्री, खरीद, भंडारण और आपूर्ति पर रोक लगा दी। एनालॉग पनीर को दूध से बनाने के बजाय वनस्पति तेल या वनस्पति वसा और इमल्सीफायर जैसी सामग्री का इस्तेमाल कर तैयार किया जाता है। यह पारंपरिक पनीर जैसा दिखता है, लेकिन इसमें दूध से बने पनीर के समान पोषक तत्व नहीं होते हैं।
हिमाचल सरकार का यह आदेश बाजारों में एनालॉग या गैर-डेयरी पनीर की व्यापक बिक्री की खबरों के बीच आया है। खाद्य सुरक्षा आयुक्त की तरफ से जारी अधिसूचना के मुताबिक, पनीर एक मानकीकृत डेयरी उत्पाद है और पनीर के रूप में पेश एवं बेचे जाने वाले किसी भी उत्पाद के लिए निर्धारित खाद्य सुरक्षा एवं मानकों का पालन करना जरूरी है। अधिसूचना में कहा गया कि पनीर शाकाहारियों के बीच प्रोटीन के एक स्रोत के रूप में व्यापक रूप से इस्तेमाल होता है, इसलिए उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों को लागू करना जरूरी है।
आदेश के तहत राज्य में कोई भी व्यक्ति या खाद्य कारोबार संचालक (एफबीओ) एनालॉग या गैर-डेयरी पनीर का विनिर्माण, प्रसंस्करण, तैयारी, पैकिंग, भंडारण, परिवहन, वितरण, आपूर्ति या बिक्री नहीं कर सकेगा। अधिसूचना में कहा गया है कि जिस उत्पाद में दूध की वसा, दूध के ठोस पदार्थ या दूध के अन्य घटकों को वनस्पति तेल या वनस्पति वसा से पूरी तरह या आंशिक रूप से बदला गया हो, उसे ‘पनीर’ के रूप में पेश, वर्णित, विज्ञापित, प्रदर्शित, आपूर्ति या बेचा नहीं जा सकता है।
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