Shillong violence: CM Conrad Sangma और हिमंत में हुई वार्ता, शांति बहाली पर जताई सहमति
मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के. संगमा और असम के उनके समकक्ष हिमंत विश्व शर्मा ने 19 अगस्त को शिलांग में हुई हिंसा को लेकर बृहस्पतिवार को बातचीत की और शांति तथा सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए मिलकर काम करने पर सहमति जताई। शिलांग में खासी छात्र संघ (केएसयू) की बाइक रैली के दौरान हिंसा भड़क गई थी। पूर्वी खासी हिल्स के पुलिस अधीक्षक विवेक सिएम ने बताया था कि हिंसा में असम समेत अन्य राज्यों के कम से कम 31 वाहन क्षतिग्रस्त हुए, 16 लोग घायल हुए और दो वाहनों में आग लगा दी गई।
संगमा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘19 अगस्त को शिलांग में हुई दुर्भाग्यपूर्ण हिंसा और उसके बाद हुई प्रतिक्रियाओं को लेकर असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा से बात की। इन घटनाओं का दोनों राज्यों के आम लोगों और यात्रियों पर असर पड़ा है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमने हमेशा की तरह स्थिति को सामान्य बनाने के लिए मिलकर काम करने पर सहमति जताई है। दोनों राज्यों के नामित कैबिनेट मंत्री आगे की बातचीत करेंगे और शांति, विश्वास तथा सामान्य स्थिति बहाल करने के उपाय तलाशेंगे।’’ शर्मा ने कहा कि उन्होंने शिलांग में हुई हिंसा के दौरान असम के वाहनों पर हुए हमलों को लेकर संगमा से बातचीत की और राज्य की चिंता से उन्हें अवगत कराया।
उन्होंने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘मैंने संगमा को शिलांग में हाल की घटनाओं, खासकर असम में पंजीकृत वाहनों को निशाना बनाए जाने को लेकर राज्य की चिंता से अवगत कराया।’’ मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘सीमा सुरक्षा मंत्री अतुल बोरा को मेघालय के अधिकारियों के साथ करीबी समन्वय करने और दोनों राज्यों के बीच शांति एवं सामान्य स्थिति सुनिश्चित करने की दिशा में काम करने को कहा गया है।
Delhi Master Plan 2047: महामारी और आपदाओं से निपटने को बनेंगे विशेष निकासी क्षेत्र
‘दिल्ली मास्टर प्लान-2047’ में महामारी और आपदाओं से निपटने के लिए शहरी नियोजन में बदलाव का प्रस्ताव किया गया है। मास्टर प्लान में बड़े खुले स्थान, विकेंद्रीकृत कार्यस्थल, प्रवासियों के लिए अतिरिक्त आवास विकल्प तथा चिन्हित निकासी एवं आश्रय क्षेत्रों का प्रावधान शामिल है। महामारी से निपटने की तैयारी के तहत बृहस्पतिवार को अधिसूचित योजना में भूखंडों पर मिश्रित उपयोग का प्रस्ताव है, ताकि घर, कार्यस्थल और जरूरी सेवाएं एक-दूसरे के करीब उपलब्ध हों।
मास्टर प्लान में झुग्गी पुनर्वास परियोजनाओं में साझा कार्यस्थल और घर से काम करने की सुविधा को बढ़ावा देने सहित विकेंद्रीकृत कार्यस्थलों की व्यवस्था का भी प्रस्ताव है। मास्टर प्लान में महामारी के दौरान सामाजिक दूरी बनाए रखने में मदद के लिए नए विकास क्षेत्रों और योजनाबद्ध पुनर्विकास के जरिए बड़े हरित क्षेत्र, खुले स्थान और सार्वजनिक प्लाजा विकसित करने का प्रस्ताव है। आग और भूकंप जैसी आपात स्थितियों से निपटने के लिए सभी इलाकों, खासकर घनी आबादी वाले क्षेत्रों में, विशेष निकासी और आश्रय स्थल चिह्नित किए जाएंगे।
निकासी स्थल खुले आसमान के नीचे ऐसे स्थान होंगे,जहां आग या भूकंप जैसी घटनाओं के दौरान लोग एकत्र हो सकेंगे। इनमें पार्क, बहुउद्देशीय मैदान और अन्य खुले स्थान शामिल हो सकते हैं।
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