नितिन नबीन की नई टीम में अनुभव पर भरोसा, वसुंधरा-राम माधव को बड़ी जिम्मेदारी, स्मृति ईरानी की संगठन में वापसी
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने अपनी नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान कर दिया है। नई टीम की सबसे खास बात अनुभवी नेताओं पर जताया गया भरोसा है। वसुंधरा राजे सिंधिया, राम माधव और बैजयंत जय पांडा जैसे नेताओं को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है, वहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महामंत्री की जिम्मेदारी देकर संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका दी गई है। नई नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं।
वसुंधरा राजे को फिर राष्ट्रीय संगठन में अहम जिम्मेदारी
राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। दो बार राजस्थान की मुख्यमंत्री रह चुकीं वसुंधरा राजे केंद्र में भी मंत्री रह चुकी हैं। ऐसे में उनके राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाए जाने को नई टीम में अनुभव को महत्व देने वाले फैसलों में देखा जा रहा है।
उनके साथ राम माधव और बैजयंत जय पांडा को भी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। राम माधव पहले भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री रह चुके हैं और लंबे समय तक राष्ट्रीय संगठन में सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं।
स्मृति ईरानी की संगठन में बड़ी वापसी
नई टीम में स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया है। केंद्र सरकार में मानव संसाधन विकास, कपड़ा और महिला एवं बाल विकास जैसे मंत्रालय संभाल चुकीं स्मृति ईरानी को अब पार्टी संगठन में बड़ी जिम्मेदारी मिली है। उन्हें उत्तर प्रदेश से जुड़ी जिम्मेदारी भी दी गई है।
स्मृति ईरानी का राष्ट्रीय महामंत्री के तौर पर आना इसलिए भी अहम है क्योंकि वे लंबे समय तक केंद्र की राजनीति में भाजपा के प्रमुख चेहरों में शामिल रही हैं। अब उन्हें फिर संगठन की मुख्य टीम में लाया गया है।
युवा अध्यक्ष, लेकिन टीम में अनुभवी चेहरों की मजबूत मौजूदगी
नितिन नबीन खुद भाजपा के युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, लेकिन उनकी पहली बड़ी राष्ट्रीय टीम में केवल नए चेहरों पर दांव लगाने के बजाय अनुभव और नई पीढ़ी का मिश्रण दिखाई देता है। टीम के गठन से पहले भी ऐसी संभावना जताई जा रही थी कि संगठन में युवा चेहरों के साथ अनुभवी नेताओं को बरकरार रखा जाएगा।
राष्ट्रीय उपाध्यक्षों की सूची में पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व केंद्रीय मंत्री और लंबे समय तक संगठन में काम कर चुके नेता शामिल हैं। वहीं राष्ट्रीय महामंत्रियों की टीम में भी संगठन और चुनावी राजनीति का लंबा अनुभव रखने वाले नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है। पार्टी ने कुल 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किए हैं।
राज्यों और संगठन के अनुभव का भी रखा गया ध्यान
नई टीम में अनुभव का मतलब केवल बड़े राष्ट्रीय चेहरे नहीं हैं। अलग-अलग राज्यों में सरकार और संगठन की जिम्मेदारी संभाल चुके नेताओं को भी राष्ट्रीय स्तर पर लाया गया है। आंध्र प्रदेश की पूर्व केंद्रीय मंत्री डी. पुरंदेश्वरी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनी हैं, जबकि मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री लाल सिंह आर्य को भी इसी पद की जिम्मेदारी मिली है।
इसके साथ राष्ट्रीय मंत्री, संगठन से जुड़े पदों और अलग-अलग मोर्चों की नई टीम भी तय की गई है। मीडिया टीम में अनिल बलूनी को संयोजक बनाया गया है।
आने वाले चुनावों से पहले तैयार हुई नई टीम
भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम ऐसे समय सामने आई है, जब पार्टी के सामने आने वाले विधानसभा चुनावों के साथ आगे की बड़ी चुनावी तैयारियां भी हैं। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर नितिन नबीन ने सांसदों के साथ बैठकों का दौर भी शुरू किया है। ऐसे में नई टीम में संगठन और चुनावी राजनीति का अनुभव रखने वाले चेहरों की मौजूदगी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
कुल मिलाकर नितिन नबीन की नई टीम में पीढ़ीगत बदलाव के साथ अनुभव को बनाए रखने की तस्वीर दिखाई देती है। युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ वसुंधरा राजे, राम माधव, स्मृति ईरानी और बैजयंत पांडा जैसे स्थापित नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देकर भाजपा ने नई और पुरानी पीढ़ी के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है।
हिमंत बिस्वा सरमा का बड़ा आरोप, पी चिदंबरम “दिमागी नक्सली” नहीं, बल्कि पूरी तरह से नक्सल हैं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त के दिन लालकिले की प्राचीर से अपन संबोधन में कुछ खास लोगों की तरफ इशारा करते हुए “दिमागी नक्सली” शब्द का प्रयोग किया था जिसके बाद से सोशल मीडिया पर इसे लेकर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ सी आ गई है, जिन लोगों ने प्रधानमंत्री का इशारा समझा वे इसकी तारीफ कर रहे हैं लेकिन जो लोग अपने हिसाब से अर्ह निकल रहे हैं वे आदत एक मुताबिक पीएम मोदी और भाजपा पर हमलावर हैं, लेकिन इस बीच असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस पर बड़ा अटैक किया है।
गुवाहाटी में मीडिया से बात करते हुए हिमंत बिश्वा सरमा ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व द्वारा 15 अगस्त को किये गए वंदेमातरम के अपमान पर टिप्पणी की , उन्होंने कहा चाहे सोनिया गांधी हों या राहुल गांधी, उन्होंने देश के खिलाफ काम करने का मिशन अपना लिया है। उन्होंने देश का माहौल खराब करने की ठान ली है।
कांग्रेस पर देश विरोधी गतिविधि करने के आरोप
‘वंदे मातरम’ के गायन के दौरान सोनिया गांधी का व्यवहार यह साफ कर देता है कि अगर कांग्रेस सत्ता में आई तो देश का क्या हाल होगा। ये लोग खुलेआम देश-विरोधी गतिविधियां कर रहे हैं, जैसे लोगों को विरोध-प्रदर्शन के लिए उकसाना और देश में अराजकता का माहौल बनाने के लिए कहना।
छत्तीसगढ़ में हुए नक्लसी हमले की दिलाई याद
असम के मुख्यमंत्री ने पूर्व गृह मंत्री पर बड़ा हमला करते हुए कहा जब पी चिदंबरम देश के गृह मंत्री थे तब विद्याचरण शुक्ला सहित कांग्रेस के कई बड़े नेताओं को छत्तीसगढ़ में बम से उड़ा दिया गया था इसके बाद भी कांग्रेस ने नक्सलवाद को ख़त्म करने के लिए कोई ठोस रणनीति नहीं बनाई।
चिदंबरम के बयान की जाँच होनी चाहिए
हिमंत बिस्वा सरमा में कहा कि अब जब देश के गृह मंत्री रहे पी चिदंबरम ने खुद को दिमागी नक्सली कहा है, तो इस बात की जांच होनी चाहिए कि क्या उन्होंने देश के गृह मंत्री के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान नक्सलवाद को खत्म करने के लिए जान-बूझकर कोई कदम नहीं उठाया। मुझे लगता है पी चिदंबरम दिमागी नक्सली नहीं, बल्कि पूरी तरह से नक्सल हैं।
देश में बने शांतिपूर्ण माहौल से कांग्रेस असहज है
हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि हमारा देश नक्सल मुक्त होगा ये कल्पना किसी ने भी नहीं की थी पीएम मोदी और अमित शाह के नेतृत्व में देश में बने शांतिपूर्ण माहौल बना है उससे कांग्रेस असहज है। कांग्रेस देश में अराजकता चाहती है और उसी का सहारा लेकर 2029 में सत्ता में आना चाहती है। इसलिए सत्ता पाने के लिए कांग्रेस जितना नीचे गिर अक्ती है उसकी प्रेक्टिस उनके नेताओं ने शुरू कर दी है
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