हिमंत बिस्वा सरमा का बड़ा आरोप, पी चिदंबरम “दिमागी नक्सली” नहीं, बल्कि पूरी तरह से नक्सल हैं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त के दिन लालकिले की प्राचीर से अपन संबोधन में कुछ खास लोगों की तरफ इशारा करते हुए “दिमागी नक्सली” शब्द का प्रयोग किया था जिसके बाद से सोशल मीडिया पर इसे लेकर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ सी आ गई है, जिन लोगों ने प्रधानमंत्री का इशारा समझा वे इसकी तारीफ कर रहे हैं लेकिन जो लोग अपने हिसाब से अर्ह निकल रहे हैं वे आदत एक मुताबिक पीएम मोदी और भाजपा पर हमलावर हैं, लेकिन इस बीच असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस पर बड़ा अटैक किया है।
गुवाहाटी में मीडिया से बात करते हुए हिमंत बिश्वा सरमा ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व द्वारा 15 अगस्त को किये गए वंदेमातरम के अपमान पर टिप्पणी की , उन्होंने कहा चाहे सोनिया गांधी हों या राहुल गांधी, उन्होंने देश के खिलाफ काम करने का मिशन अपना लिया है। उन्होंने देश का माहौल खराब करने की ठान ली है।
कांग्रेस पर देश विरोधी गतिविधि करने के आरोप
‘वंदे मातरम’ के गायन के दौरान सोनिया गांधी का व्यवहार यह साफ कर देता है कि अगर कांग्रेस सत्ता में आई तो देश का क्या हाल होगा। ये लोग खुलेआम देश-विरोधी गतिविधियां कर रहे हैं, जैसे लोगों को विरोध-प्रदर्शन के लिए उकसाना और देश में अराजकता का माहौल बनाने के लिए कहना।
छत्तीसगढ़ में हुए नक्लसी हमले की दिलाई याद
असम के मुख्यमंत्री ने पूर्व गृह मंत्री पर बड़ा हमला करते हुए कहा जब पी चिदंबरम देश के गृह मंत्री थे तब विद्याचरण शुक्ला सहित कांग्रेस के कई बड़े नेताओं को छत्तीसगढ़ में बम से उड़ा दिया गया था इसके बाद भी कांग्रेस ने नक्सलवाद को ख़त्म करने के लिए कोई ठोस रणनीति नहीं बनाई।
चिदंबरम के बयान की जाँच होनी चाहिए
हिमंत बिस्वा सरमा में कहा कि अब जब देश के गृह मंत्री रहे पी चिदंबरम ने खुद को दिमागी नक्सली कहा है, तो इस बात की जांच होनी चाहिए कि क्या उन्होंने देश के गृह मंत्री के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान नक्सलवाद को खत्म करने के लिए जान-बूझकर कोई कदम नहीं उठाया। मुझे लगता है पी चिदंबरम दिमागी नक्सली नहीं, बल्कि पूरी तरह से नक्सल हैं।
देश में बने शांतिपूर्ण माहौल से कांग्रेस असहज है
हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि हमारा देश नक्सल मुक्त होगा ये कल्पना किसी ने भी नहीं की थी पीएम मोदी और अमित शाह के नेतृत्व में देश में बने शांतिपूर्ण माहौल बना है उससे कांग्रेस असहज है। कांग्रेस देश में अराजकता चाहती है और उसी का सहारा लेकर 2029 में सत्ता में आना चाहती है। इसलिए सत्ता पाने के लिए कांग्रेस जितना नीचे गिर अक्ती है उसकी प्रेक्टिस उनके नेताओं ने शुरू कर दी है
राहुल गांधी ने झारखंड छात्र आंदोलन पर सीएम हेमंत सोरेन को लिखा पत्र, बोले “मुख्यमंत्री छात्रों से मिलकर मांगों का समाधान करें”
झारखंड में राज्य भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखा है। इस पत्र में राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री से प्रदर्शनकारी छात्रों के प्रतिनिधियों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात करने और उनकी लंबित मांगों के समाधान के लिए उचित कदम उठाने की अपील की है।
14 अगस्त को लिखा ये पत्र चार दिन बाद सार्वजनिक हुआ है। अपने पत्र में राहुल गांधी ने लिखा है कि संविधान में दिया गया शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार लोकतंत्र के प्रमुख स्तंभों में से एक है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने पिछले कुछ महीनों में पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों को अपना समर्थन दिया है।
छात्रों की मांगों को जायज़ बताया
राहुल गांधी ने झारखंड के छात्रों के आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि छात्र राज्य की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने छात्रों के आंदोलन को शांतिपूर्ण बताते हुए उनकी मांगों को जायज करार दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री की ओर से गठित कमेटी के माध्यम से छात्रों के साथ शुरू किए गए संवाद की भी सराहना की। राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें जानकारी है कि छात्रों की ओर से उठाई गई कई मांगों पर सहमति भी बनी है, इसके बावजूद आंदोलन जारी है और कुछ छात्र अनिश्चितकालीन भूख हड़तालपर बैठे हैं।
मुख्यमंत्री से आंदोलनरत छात्रों से मिलने की अपील
राहुल गांधी ने हेमंत सोरेन को लिखे पत्र में आग्रह किया कि मुख्यमंत्री प्रदर्शन कर रहे छात्रों के प्रतिनिधियों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात करें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की सीधी बातचीत से छात्रों की बची हुई चिंताओं को दूर करने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता मजबूत होगी। उन्होंने पत्र में लिखा कि भारत का युवा देश का भविष्य है और इस समय छात्रों के साथ एकजुटता और समर्थन की जरूरत है। राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री से छात्रों की बात सुनने और इस मामले के समाधान की दिशा में उचित कार्रवाई करने का अनुरोध किया।
बीजेपी आरएसएस को घेरा
राहुल गांधी ने अपने पत्र में शिक्षा व्यवस्था को लेकर बीजेपी और आरएसएस पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि भारतीय शिक्षा व्यवस्था पर आरएसएस और बीजेपी का कब्जा हो गया है और इसे छात्रों के शोषण और दमन के एक माध्यम में बदल दिया गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था अब वह मजबूत ज्ञान प्रणाली नहीं रह गई है, जैसी वह एक दशक पहले हुआ करती थी। कांग्रेस नेता ने पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों के आंदोलनों को इसी व्यापक चिंता से जोड़ते हुए कांग्रेस द्वारा समर्थन देने की बात कही है।
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