pant sarfaraz funny banter with jadeja video: गॉल टेस्ट के दौरान ऋषभ पंत और सरफराज खान ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा के मजे लेते नजर आए. पंत और सरफराज की आवाज स्टंप माइक में कैद हो गई. तीसरे दिन के खेल का यह वीडियो सोशल मीडिया पर अब काफी वायरल हो रहा है. फैंस भी इस वीडियो को देखने के बाद काफी मजे ले रहे हैं.
विश्व चैंपियनशिप में भारतीय एथलीट अपने डेब्यू के लिए पूरी तरह तैयार हैं। रिलायंस फाउंडेशन की टीम, मनोवैज्ञानिक और फिजियो के सहयोग से, उनका लक्ष्य हर मैच पर फोकस करना है। पहला मुकाबला तुजार के खिलाफ है। #WorldChampionship2026 #IndiaSports
राहुल भूतड़ा- बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सोशल मीडिया पेज पर किए गए एक पोस्ट को लेकर सियासी और सामाजिक विवाद खड़ा हो गया है। पोस्ट में छत्तीसगढ़ के आदिवासी मुख्यमंत्री की तस्वीर और कथित आपत्तिजनक संदर्भ को लेकर सर्व आदिवासी समाज ने कड़ी नाराजगी जताई है। समाज के प्रतिनिधियों ने इसे आदिवासी समाज की भावनाओं को आहत करने वाला बताते हुए बालोद एसपी से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।
कांग्रेस के सोशल मीडिया पोस्ट पर आदिवासी समाज नाराज मिली जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सोशल मीडिया पेज पर साझा की गई एक पोस्ट को लेकर सर्व आदिवासी समाज ने आपत्ति दर्ज कराई है। समाज के प्रतिनिधियों का आरोप है कि, पोस्ट में आदिवासी मुख्यमंत्री की तस्वीर के साथ कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी और संदर्भ का इस्तेमाल किया गया है।
कांग्रेस के पोस्ट से आदिवासी समाज में नाराजगी पोस्ट सामने आने के बाद आदिवासी समाज के लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि, सार्वजनिक मंच पर इस तरह की भाषा और तस्वीर का इस्तेमाल समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है।
बालोद जिले में कांग्रेस के सोशल मीडिया पोस्ट पर विवाद गहराया। आदिवासी मुख्यमंत्री की तस्वीर पर आपत्ति जताते हुए सर्व आदिवासी समाज ने SP से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की। @BalodDistrict#Chhattisgarhpic.twitter.com/14X2IW4XZ4
SP से शिकायत, कार्रवाई की मांग मामले को गंभीरता से लेते हुए सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों ने बालोद एसपी से शिकायत की है। प्रतिनिधियों ने सोशल मीडिया पोस्ट की जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
सोशल मीडिया पोस्ट से आहत हुईं भावनाएं समाज के लोगों का कहना है कि, सोशल मीडिया पर इस तरह की सामग्री से न केवल सामाजिक भावनाएं आहत होती हैं, बल्कि इससे सामाजिक सौहार्द पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है। उन्होंने संबंधित पोस्ट को लेकर जिम्मेदार लोगों पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
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