Himachal Monsoon Havoc: हिमाचल प्रदेश में मानसून की बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त; 110 सड़कें बंद, 91 ट्रांसफार्मर ठप
हिमाचल प्रदेश में मानसूनी बारिश का कहर लगातार जारी है। पहाड़ी ढलानों पर भूस्खलन, मलबा गिरने और नदी-नालों के उफान पर आने से राज्य के कई हिस्सों में सड़क संपर्क, विद्युत आपूर्ति और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था चरमरा गई है। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) द्वारा 17 अगस्त सुबह जारी आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेश में बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है और प्रभावित क्षेत्रों में बहाली कार्य युद्धस्तर पर चल रहे हैं।
मंडी जिले में सबसे ज्यादा 39 सड़कें बंद, सराज में संपर्क टूटा
बारिश और भूस्खलन से सड़क व्यवस्था सबसे अधिक मंडी जिले में प्रभावित हुई है, जहां कुल 39 सड़कें बंद हैं। इनमें अकेले सराज उपमंडल में 25 सड़कें मलबे की चपेट में आने से बंद पड़ी हैं। इसके अलावा पधर उपमंडल में सात, थलौट में पांच, जबकि सुंदरनगर और जोगिंद्रनगर में एक-एक मुख्य मार्ग अवरुद्ध है। सड़कों के बंद होने से दर्जनों गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया है, जिससे रोजमर्रा की आवाजाही और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बाधित हो रही है।
कुल्लू में 33 सड़कें और बिजली नेटवर्क प्रभावित
मंडी के बाद कुल्लू जिला भी बारिश के भारी असर से जूझ रहा है। कुल्लू में 33 सड़कें यातायात के लिए पूरी तरह बंद हैं, जिसके चलते ग्रामीण और ऊपरी इलाकों में वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। जिले के विभिन्न उपमंडलों में ट्रांसफार्मर खराब होने से कई क्षेत्रों में ब्लैकआउट जैसी स्थिति बनी हुई है। स्थानीय प्रशासन और लोक निर्माण विभाग (PWD) की टीमें बुलडोजर व जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाकर मार्गों को बहाल करने में जुटी हैं।
217 पेयजल योजनाएं और 91 ट्रांसफार्मर ठप
भारी बारिश के कारण पहाड़ी स्रोतों में गाद भरने और पाइपलाइन टूटने से राज्यभर की 217 पेयजल आपूर्ति योजनाएं प्रभावित हुई हैं, जिससे स्थानीय आबादी को पीने के पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, बिजली के खंभे गिरने और तकनीकी खराबी के चलते 91 वितरण ट्रांसफार्मर (DTR) ठप हैं, जिससे सैकड़ों घरों में बिजली गुल है। जल शक्ति विभाग और हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड के कर्मचारी आपूर्ति को सामान्य करने के लिए लगातार फील्ड में कार्य कर रहे हैं।
मानसून से अब तक ₹973 करोड़ से अधिक का भारी नुकसान
राज्य सरकार की संचयी मानसून क्षति रिपोर्ट के अनुसार, इस मानसून सीजन के दौरान सरकारी व निजी संपत्तियों को मिलाकर 973 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान दर्ज किया जा चुका है। इसमें लोक निर्माण विभाग की सड़कों व पुलों, जल शक्ति विभाग की पेयजल लाइनों और विद्युत बोर्ड के बुनियादी ढांचे को सबसे अधिक क्षति पहुंची है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक संवेदनशील पहाड़ी इलाकों में पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों को लैंडस्लाइड संभावित क्षेत्रों व उफनते नदी-नालों से दूर रहने की एडवाइजरी जारी की है।
Rahul Gandhi Letter to Soren: 'प्रोटेस्टर्स से खुद मिलें और समाधान निकालें'; JPSC पेपर लीक विवाद पर राहुल गांधी की हेमंत सोरेन को चिट्ठी
Rahul Gandhi Letter to Soren: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और राज्य कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में राजधानी रांची में पिछले 23 दिनों से छात्रों का व्यापक आंदोलन जारी है। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनशन और भूख हड़ताल पर बैठे अभ्यर्थियों के बढ़ते आक्रोश के बीच कांग्रेस पार्टी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस पूरे मामले में हस्तक्षेप किया है।
राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र भेजकर छात्रों के साथ सीधे संवाद स्थापित करने की अपील की है।
'छात्रों से खुद मिलिए और उनकी मांगें सुनिए': राहुल गांधी
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को लिखे अपने पत्र में राहुल गांधी ने कहा कि संविधान में शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने का अधिकार लोकतंत्र का एक प्रमुख स्तंभ है। उन्होंने कहा कि महीनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल और धरने पर बैठे छात्रों की मांगें बेहद गंभीर हैं और उनके प्रति एकजुटता दिखाना सरकार का कर्तव्य है।
राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री को सलाह दी कि वे किसी मध्यस्थ के बजाय स्वयं आंदोलनकारी छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से आमने-सामने मुलाकात करें और उनकी बाकी बची चिंताओं व आपत्तियों का त्वरित समाधान निकालें।
पुतला दहन और 20 अगस्त के अल्टीमेटम के बाद गठबंधन में हलचल
यह पत्र ऐसे समय में सामने आया है जब आंदोलनकारी छात्रों ने गठबंधन सरकार पर निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए सभी 24 जिलों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राहुल गांधी का पुतला दहन किया था। छात्रों ने 20 अगस्त को सीएम आवास का महाघेराव करने और परीक्षाओं को निरस्त कर सीबीआई जांच कराने का अल्टीमेटम दिया है।
छात्रों के इस आक्रामक रुख और विपक्ष के हमलों के बीच कांग्रेस आलाकमान ने गठबंधन सरकार पर बातचीत के जरिए गतिरोध खत्म करने का दबाव बढ़ा दिया है।
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने सौंपा संदेश, 90 प्रतिशत मांगों पर सहमति का दावा
रांची महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ. कुमार राजा और वरिष्ठ नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर राहुल गांधी का संदेश साझा किया। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि राज्य सरकार छात्रों के मुद्दों पर पूरी तरह संवेदनशील है और लगभग 90 प्रतिशत मांगों के समाधान की दिशा में काम पूरा हो चुका है।
वर्तमान में दो प्रमुख बिंदुओं- सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन सीजीएल परीक्षा का मामला और जांच एजेंसी के स्तर पर गतिरोध बना हुआ है, जिसे बातचीत से सुलझाने का प्रयास जारी है।
राज्य सरकार ने बुलाई चौथे दौर की औपचारिक बातचीत
राहुल गांधी की चिट्ठी और छात्रों के दबाव के बाद झारखंड सरकार ने गतिरोध समाप्त करने के लिए प्रदर्शनकारी छात्र नेताओं को चौथे दौर की बातचीत का न्योता दिया है। रांची स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में सरकारी प्रतिनिधियों और छात्र मंच के बीच बैठक तय की गई है।
प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि सरकार परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी, तकनीक-सक्षम और जवाबदेह बनाने के लिए ठोस आश्वासन देने की तैयारी कर रही है ताकि लंबे समय से चल रहा अनशन समाप्त कराया जा सके।
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