दुबई में 20 मिनट में दहल उठा जेबेल अली पोर्ट: लगातार 7 धमाकों से मची अफरातफरी, यमन से मिसाइल हमले का दावा
Dubai Jebel Ali blasts: अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दुबई शहर से एक बड़ी और दहला देने वाली खबर सामने आई है। बुधवार तड़के दुबई के प्रसिद्ध जेबेल अली इंडस्ट्रियल जोन और पोर्ट इलाके में लगातार धमाकों की आवाज से पूरा इलाका दहल उठा।
एमिरेट्स (UAE) के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि महज 20 मिनट के भीतर इलाके में कुल 7 शक्तिशाली धमाके दर्ज किए गए। हालांकि, शुरुआती दौर में अधिकारियों ने इन धमाकों के पीछे की असली वजह का खुलासा नहीं किया है।
Multiple explosions have been reported in the Jebel Ali Industrial Area and around Jebel Ali Port in southern Dubai, United Arab Emirates.
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Reason Still Unknown #Dubai #Iran #MiddleEast pic.twitter.com/kwax1oLYwL
आसमान में उठा भारी धुआं
घटनास्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाकों के बाद पोर्ट के आसपास के इलाके से भारी मात्रा में काला धुआं आसमान में उठता हुआ दिखाई दिया।
ईरान की ‘मेहर’ न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) की थर्मल इमेजरी में जेबेल अली पोर्ट के पास स्थित एक वेयरहाउस (गोदाम) में आग लगने की पुष्टि हुई है। इस गोदाम का इस्तेमाल मुख्य रूप से ईंधन के भंडारण और ट्रांसफर (फ्यूल स्टोरेज एंड ट्रांसफर) के लिए किया जाता है।
यमन से मिसाइल हमले का दावा
इन धमाकों की असल वजह अभी तक पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हो पाई है। कुछ इराकी मीडिया आउटलेट्स ने यह दावा किया है कि ये विस्फोट यमन की ओर से दागे गए किसी मिसाइल हमले का परिणाम हैं। हालांकि, यूएई के अधिकारियों की तरफ से इस दावे को लेकर कोई भी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। स्थानीय मीडिया ने कई धमाके सुने जाने की बात जरूर कही, लेकिन इसका कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया।
इसके अलावा, अरब मीडिया से यह जानकारी भी सामने आई है कि एमिरेट्स के अधिकारियों ने इस घटना का वीडियो बना रहे दो लोगों को हिरासत में ले लिया है।
यमन की राजधानी सना में भी धमाके
दुबई के साथ-साथ यमन की राजधानी सना से भी विस्फोटों की खबरें सामने आई हैं। हालांकि, इन धमाकों को लेकर विरोधाभासी रिपोर्ट्स मिल रही हैं। कुछ रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया कि ये धमाके एयर स्ट्राइक (हवाई हमलों) की वजह से हुए, जबकि अन्य रिपोर्ट्स में इन्हें यमन की जमीन से हुए मिसाइल लॉन्च से जोड़ा गया।
हताहतों और नुकसान पर आधिकारिक बयान का इंतजार
फिलहाल, अधिकारियों की तरफ से किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान या संपत्ति को पहुंचे नुकसान (Casualties or Damage) को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
ITR Filing: 31 जुलाई निकल गई, कौन सी इनकम टैक्स रिटर्न फाइलिंग 31 अगस्त तक लागू है?
आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने की 31 जुलाई की समयसीमा खत्म हो चुकी है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि अब सभी करदाताओं के लिए रिटर्न फाइल करने का मौका खत्म हो गया। केंद्र सरकार ने इस साल से आईटीआर फाइलिंग की प्रक्रिया को चरणबद्ध कर दिया है। यानी अलग-अलग श्रेणी के करदाताओं के लिए अलग-अलग अंतिम तारीख तय की गई है।
किन लोगों के लिए 31 अगस्त तक का समय?
वित्त मंत्री ने बजट में घोषणा की थी कि अब सभी करदाताओं की डेडलाइन एक जैसी नहीं होगी। जिन लोगों की आय व्यवसाय या प्रोफेशन से है और जिनके खातों का टैक्स ऑडिट जरूरी नहीं है, वे 31 अगस्त 2026 तक अपना आयकर रिटर्न दाखिल कर सकते हैं।
इस श्रेणी में मुख्य रूप से ये करदाता आते हैं:
धारा 44AD, 44ADA और 44AE के तहत प्रिजम्पटिव टैक्सेशन चुनने वाले कारोबारी और प्रोफेशनल। ऐसे फर्मों के पार्टनर जिनके खातों का ऑडिट जरूरी नहीं है।
31 जुलाई की डेडलाइन किनके लिए थी?
वेतनभोगी, पेंशनभोगी, एक या अधिक मकानों से आय, कैपिटल गेन या अन्य स्रोतों से आय वाले व्यक्ति तथा ITR-1 और ITR-2 भरने वाले व्यक्तिगत करदाताओं और हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) के लिए अंतिम तारीख 31 जुलाई 2026 थी।
ऑडिट और ट्रांसफर प्राइसिंग वालों की डेडलाइन
टैक्स ऑडिट वाले करदाता, कंपनियां और ऑडिटेड फर्मों के पार्टनर 31 अक्टूबर 2026 तक ITR दाखिल कर सकते हैं। जिन मामलों में ट्रांसफर प्राइसिंग रिपोर्ट (Section 92E) लागू होती है, उनके लिए अंतिम तारीख 30 नवंबर 2026 है।
डेडलाइन तय कैसे होगी?
चार्टर्ड अकाउंटेंट आरजव जैन के मुताबिक, सिर्फ ITR फॉर्म देखकर डेडलाइन तय नहीं होती। असली आधार आपकी आय का स्रोत, बिजनेस या प्रोफेशन, टैक्स ऑडिट की जरूरत और अंतरराष्ट्रीय या निर्दिष्ट घरेलू लेनदेन हैं।
डेडलाइन चूकने पर क्या होगा?
यदि तय समय तक ITR दाखिल नहीं किया गया तो:
- सेक्शन 234A, 234B और 234C के तहत ब्याज देना पड़ सकता है।
- सेक्शन 234F के तहत 5,000 रुपये तक की लेट फीस लग सकती है। यदि कुल आय 5 लाख रुपये तक है तो अधिकतम 1,000 रुपये शुल्क लगेगा।
- समय पर रिटर्न दाखिल नहीं करने पर बिजनेस और कैपिटल लॉस को अगले वर्षों में कैरी फॉरवर्ड करने का लाभ भी खत्म हो सकता है।
हालांकि, करदाता 31 दिसंबर 2026 तक बिलेटेड रिटर्न दाखिल कर सकते हैं और 31 मार्च 2027 तक संशोधित (Revised) रिटर्न जमा करने का विकल्प भी रहेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि आखिरी समय तक इंतजार करने की बजाय जल्द सेल्फ असेसमेंट टैक्स जमा कर 26AS और AIS का मिलान करके रिटर्न दाखिल करना बेहतर रहेगा।
(प्रियंका कुमारी)
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