Gold Rate Today: आज सोने-चांदी के गिरे भाव! 24K गोल्ड ₹514 सस्ता, चांदी के दाम में भी ₹1,598 की गिरावट
Gold-Silver Price Today, 13 August 2026: सोना-चांदी खरीदने वालों के लिए आज, 13 अगस्त 2026 को कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। IBJA (India Bullion and Jewellers Association) के मुताबिक, 24 कैरेट सोने का भाव आज ₹1,52,447 प्रति 10 ग्राम है, जो कल के ₹1,52,961 के मुकाबले ₹514 सस्ता हुआ है। वहीं 22 कैरेट सोना भी ₹471 प्रति 10 ग्राम गिरकर ₹1,39,641 पर आ गया है।
चांदी की कीमत में भी कमी आई है और यह आज ₹2,33,800 प्रति किलोग्राम है, यानी कल के मुकाबले ₹1,598 सस्ती हुई है। आइए अब देश के प्रमुख शहरोंं में 22 कैरेट गोल्ड के ताजा भाव देखें।
प्रमुख शहरों में प्रति 10 ग्राम 22 कैरेट सोने की कीमत (सोर्स- Goodreturns)
| शहर | कीमत |
| दिल्ली | 1,42,350 |
| मुंबई | 1,42,200 |
| कोलकाता | 1,42,200 |
| चेन्नई | 1,42,200 |
| भोपाल | 1,42,250 |
| जयपुर | 1,42,350 |
| अहमदाबाद | 1,42,250 |
| लखनऊ | 1,42,350 |
| रायपुर | 1,42,200 |
ध्यान दें: IBJA के रेट 24K शुद्ध सोने (बुलियन) के मानक भाव होते हैं, जबकि शहरवार 22 कैरेट ज्वेलरी रेट स्थानीय टैक्स, मेकिंग चार्ज और बाजार की स्थिति के अनुसार अलग हो सकते हैं।
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अलग-अलग शहरों में सोने के दाम क्यों होते हैं अलग? जानें 4 प्रमुख वजहें
सोने की कीमतें पूरे देश में एक जैसी नहीं होतीं। अलग-अलग शहरों में सोने के रेट में फर्क देखने को मिलता है। इसके पीछे कई व्यावहारिक और आर्थिक कारण जिम्मेदार होते हैं।
1. ट्रांसपोर्टेशन और सिक्योरिटी खर्च
सोने को एक शहर से दूसरे शहर तक पहुंचाने में ट्रांसपोर्ट और सुरक्षा पर खर्च आता है। जैसे-जैसे दूरी बढ़ती है, यह लागत भी बढ़ती जाती है, जिसका असर अंतिम कीमत पर पड़ता है।
2. खरीदारी की मात्रा (डिमांड फैक्टर)
दक्षिण भारत में सोने की खपत देश में सबसे ज्यादा होती है। यहां कुल मांग का लगभग 40% हिस्सा है। बड़ी खरीदारी के बावजूद स्थानीय बाजार में छूट सीमित रहती है, जिससे कीमतों में फर्क आता है।
3. ज्वेलरी एसोसिएशन की भूमिका
हर राज्य और शहर में ज्वेलरी एसोसिएशन स्थानीय मांग और आपूर्ति के आधार पर रेट तय करते हैं। इसी वजह से अलग-अलग शहरों में सोने के भाव अलग हो जाते हैं।
4. पुराना स्टॉक और खरीद मूल्य
ज्वेलर्स ने सोना किस कीमत पर खरीदा है, यह भी बिक्री मूल्य तय करने में अहम भूमिका निभाता है। पुराना स्टॉक महंगा या सस्ता खरीदा गया हो तो उसका असर ग्राहकों को मिलने वाले रेट पर पड़ता है।
सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें खास ध्यान
1. सिर्फ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें
हमेशा BIS (Bureau of Indian Standards) हॉलमार्क वाला सोना ही खरीदें। हॉलमार्क से सोने की शुद्धता और कैरेट की जानकारी मिलती है, जैसे अल्फान्यूमेरिक कोड (AZ4524)।
2. कीमत जरूर क्रॉस चेक करें
खरीदने से पहले सोने का भाव अलग-अलग स्रोतों जैसे IBJA (India Bullion and Jewellers Association) से जरूर जांचें। सोने की कीमत 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होती है।
Share Market Today: शेयर बाजार में फिर बिकवाली, सेंसेक्स-निफ्टी लुढ़के; जानिए गिरावट की 3 बड़ी वजह
भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को एक बार फिर बिकवाली का दबाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में नजर आए। बाजार की कमजोरी के पीछे मध्य पूर्व का बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और टाटा समूह के शेयरों में बिकवाली जैसे कारण बताए जा रहे हैं। ऐसे माहौल में निवेशक फिलहाल संभलकर कदम बढ़ा रहे हैं। बाजार की नजर अब निफ्टी के 24,500 के अहम स्तर पर टिकी है।
सेंसेक्स-निफ्टी में गिरावट
गुरुवार सुबह 9:32 बजे सेंसेक्स 77,734.23 अंक पर कारोबार कर रहा था। इसमें 232.12 अंकों यानी करीब 0.29 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। वहीं निफ्टी 24,328.05 अंक पर खुला और 107.91 अंक यानी करीब 0.44 फीसदी नीचे रहा।
बाजार में लगातार कमजोरी ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई है। बुधवार को भी निफ्टी 50 करीब 35.75 अंक गिरकर 24,435.95 पर बंद हुआ था। बाजार की कमजोरी में भू-राजनीतिक तनाव, महंगा क्रूड और टाटा समूह के शेयरों में दबाव प्रमुख कारकों में रहे।
बाजार क्यों गिर रहा है?
1. मध्य पूर्व का बढ़ता तनाव:
मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक अनिश्चितता का असर वैश्विक बाजारों के साथ भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ रहा है। ऐसी परिस्थितियों में निवेशक जोखिम वाली परिसंपत्तियों से दूरी बनाना पसंद करते हैं।
2. कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें:
क्रूड ऑयल महंगा होने से भारत जैसे बड़े आयातक देश की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है। इससे कंपनियों की लागत और महंगाई को लेकर चिंता बढ़ती है। गुरुवार के बाजार आउटलुक में भी ऊंची क्रूड कीमतों को कमजोर शुरुआत की प्रमुख वजहों में गिना गया है।
3. टाटा समूह के शेयरों में बिकवाली:
टाटा समूह से जुड़े कई शेयरों में बिकवाली ने भी बाजार की धारणा को कमजोर किया है। इससे सेंसेक्स और निफ्टी पर दबाव बढ़ा है।
निफ्टी के लिए 24,500 क्यों अहम?
तकनीकी स्तर पर 24,500 का आंकड़ा निफ्टी के लिए महत्वपूर्ण जोन माना जा रहा है। फिलहाल इंडेक्स इस स्तर से नीचे कारोबार कर रहा है। बाजार में मजबूती लौटने के लिए निफ्टी का 24,500 के ऊपर टिकना अहम माना जा रहा है।
अगर निफ्टी इस स्तर को मजबूती से पार करता है तो बाजार में खरीदारी का भरोसा लौट सकता है। वहीं इसके नीचे बने रहने पर बिकवाली का दबाव आगे भी देखने को मिल सकता है।
नोट: शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। ऊपर दिए गए तकनीकी स्तर केवल बाजार विश्लेषण के संदर्भ में हैं, निवेश सलाह नहीं।
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