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Share Market Today: शेयर बाजार में फिर बिकवाली, सेंसेक्स-निफ्टी लुढ़के; जानिए गिरावट की 3 बड़ी वजह

भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को एक बार फिर बिकवाली का दबाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में नजर आए। बाजार की कमजोरी के पीछे मध्य पूर्व का बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और टाटा समूह के शेयरों में बिकवाली जैसे कारण बताए जा रहे हैं। ऐसे माहौल में निवेशक फिलहाल संभलकर कदम बढ़ा रहे हैं। बाजार की नजर अब निफ्टी के 24,500 के अहम स्तर पर टिकी है।

सेंसेक्स-निफ्टी में गिरावट
गुरुवार सुबह 9:32 बजे सेंसेक्स 77,734.23 अंक पर कारोबार कर रहा था। इसमें 232.12 अंकों यानी करीब 0.29 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। वहीं निफ्टी 24,328.05 अंक पर खुला और 107.91 अंक यानी करीब 0.44 फीसदी नीचे रहा।

बाजार में लगातार कमजोरी ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई है। बुधवार को भी निफ्टी 50 करीब 35.75 अंक गिरकर 24,435.95 पर बंद हुआ था। बाजार की कमजोरी में भू-राजनीतिक तनाव, महंगा क्रूड और टाटा समूह के शेयरों में दबाव प्रमुख कारकों में रहे।

बाजार क्यों गिर रहा है?
1. मध्य पूर्व का बढ़ता तनाव:
मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक अनिश्चितता का असर वैश्विक बाजारों के साथ भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ रहा है। ऐसी परिस्थितियों में निवेशक जोखिम वाली परिसंपत्तियों से दूरी बनाना पसंद करते हैं।

2. कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें:
क्रूड ऑयल महंगा होने से भारत जैसे बड़े आयातक देश की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है। इससे कंपनियों की लागत और महंगाई को लेकर चिंता बढ़ती है। गुरुवार के बाजार आउटलुक में भी ऊंची क्रूड कीमतों को कमजोर शुरुआत की प्रमुख वजहों में गिना गया है।

3. टाटा समूह के शेयरों में बिकवाली:
टाटा समूह से जुड़े कई शेयरों में बिकवाली ने भी बाजार की धारणा को कमजोर किया है। इससे सेंसेक्स और निफ्टी पर दबाव बढ़ा है।

निफ्टी के लिए 24,500 क्यों अहम?
तकनीकी स्तर पर 24,500 का आंकड़ा निफ्टी के लिए महत्वपूर्ण जोन माना जा रहा है। फिलहाल इंडेक्स इस स्तर से नीचे कारोबार कर रहा है। बाजार में मजबूती लौटने के लिए निफ्टी का 24,500 के ऊपर टिकना अहम माना जा रहा है।

अगर निफ्टी इस स्तर को मजबूती से पार करता है तो बाजार में खरीदारी का भरोसा लौट सकता है। वहीं इसके नीचे बने रहने पर बिकवाली का दबाव आगे भी देखने को मिल सकता है।

नोट: शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। ऊपर दिए गए तकनीकी स्तर केवल बाजार विश्लेषण के संदर्भ में हैं, निवेश सलाह नहीं।

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Personal Loan: पर्सनल लोन की एक EMI भी कर दी मिस? जानिए आगे क्या हो सकता

पर्सनल लोन की एक EMI समय पर नहीं भर पाना हमेशा बड़ी वित्तीय परेशानी का संकेत नहीं होता। कभी सैलरी देर से आती है, बिजनेस पेमेंट अटक जाता है या बैंक खाते में पर्याप्त बैलेंस नहीं होने से ऑटो-डेबिट फेल हो जाता है। लेकिन यह सोचकर कि एक EMI ही तो है, अगले महीने दे देंगे, इसे टालना महंगा पड़ सकता है।

सबसे पहले जेब पर पड़ेगा असर
ईएमआई की तय तारीख निकलने के बाद बैंक या एनबीएफसी लोन एग्रीमेंट के मुताबिक लेट फीस, पेनल चार्ज या अतिरिक्त ब्याज वसूल सकता है। इसकी रकम अलग-अलग संस्थानों और लोन की शर्तों पर निर्भर करती है। शुरुआत में यह रकम छोटी लग सकती है, लेकिन भुगतान में ज्यादा देरी होने पर बकाया बढ़ता जाता है।

क्रेडिट स्कोर पर भी पड़ सकता है असर
ईएमआई भुगतान की जानकारी नियमित रूप से क्रेडिट इंफॉर्मेशन कंपनियों को भेजी जाती है। अगर बकाया EMI लंबे समय तक जमा नहीं होती और इसकी रिपोर्टिंग होती है, तो इसका असर आपके क्रेडिट इतिहास पर पड़ सकता है।

इसका नुकसान आगे तब दिख सकता है, जब आप नया पर्सनल लोन, होम लोन या क्रेडिट कार्ड लेने के लिए आवेदन करें। लगातार समय पर EMI चुकाने से क्रेडिट प्रोफाइल मजबूत होती है, जबकि भुगतान में देरी इसका उल्टा असर डाल सकती है।

बैंक के कॉल और मैसेज आ सकते हैं
ईएमआई मिस होने के बाद बैंक या एनबीएफसी की ओर से कॉल, SMS या दूसरे रिमाइंडर आना सामान्य प्रक्रिया है। अगर भुगतान किसी अस्थायी वित्तीय परेशानी की वजह से रुका है तो लेंडर से बात करना बेहतर है। समस्या छिपाने या कॉल से बचने के बजाय स्थिति स्पष्ट करने से समाधान निकालना आसान हो सकता है।

एक EMI को अगली किस्त तक न खींचें
अगर पहली बकाया EMI अगले महीने तक नहीं चुकाई गई तो दूसरी EMI भी देय हो जाएगी। ऐसे में दो किस्तों का बोझ एक साथ आ सकता है और धीरे-धीरे बकाया बढ़ने लगेगा। इसलिए मिस हुई EMI को जल्द से जल्द चुकाना बेहतर है।

ऑटो-डेबिट फेल होने की वजह भी जांचें
हर बार EMI मिस होने का कारण पैसों की कमी नहीं होता। ई-मैंडेट एक्सपायर होना, तकनीकी समस्या या ऑटो-डेबिट के समय खाते में पर्याप्त बैलेंस नहीं होना भी इसकी वजह हो सकती है। ऐसे में बैंक खाते की जांच करें और जरूरत पड़ने पर लेंडर से संपर्क करें।

इमरजेंसी फंड से बच सकती है परेशानी
मेडिकल खर्च, नौकरी में बदलाव या बिजनेस पेमेंट में देरी जैसी परिस्थितियां अचानक बजट बिगाड़ सकती हैं। ऐसे समय कुछ महीनों की EMI के बराबर इमरजेंसी फंड मददगार हो सकता है।

एक EMI मिस होना वित्तीय संकट नहीं है, लेकिन उसे नजरअंदाज करना समस्या बढ़ा सकता है। बकाया रकम जल्द चुकाएं और बैंक के संपर्क में रहें।

(प्रियंका कुमारी)

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इंग्लैंड ने तीसरे ही दिन पाकिस्तान को पारी और 103 रनों से रौंदा, जो रूट की कप्तानी का धमाकेदार आगाज

England thrash Pakistan: जो रूट ने इंग्लैंड के नियमित टेस्ट कप्तान के रूप में अपनी दूसरी पारी का धमाकेदार आगाज किया है. हेडिंग्ले में खेले गए पहले टेस्ट मैच में इंग्लैंड ने पाकिस्तान को महज तीन दिनों के भीतर पारी और 103 रनों से करारी शिकस्त दी. इंग्लैंड के तेज गेंदबाजी आक्रमण के आगे पाकिस्तानी बल्लेबाजी पूरी तरह बिखर गई और दूसरी पारी में मात्र 135 रनों पर ढेर हो गई. जोफ्रा आर्चर और जोश टंग की घातक गेंदबाजी के दम पर इंग्लैंड ने 1-0 की बढ़त बना ली है. Fri, 21 Aug 2026 20:55:59 +0530

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