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भारत में मुख्य उद्योगों की वृद्धि दर जुलाई में 5.4 प्रतिशत रही

नई दिल्ली, 20 अगस्त (आईएएनएस)। भारत का प्रमुख उद्योगों के लिए संयुक्त सूचकांक (आईसीआई) की वृद्धि दर जुलाई में सालाना आधार पर 5.4 प्रतिशत रही है। इसकी वजह लौह अयस्क, सीमेंट और बिजली उत्पादन में तेज वृद्धि होना है। यह जानकारी वाणिज्य और औद्योगिक मंत्रालय की ओर से गुरुवार को दी गई।

सीमेंट सेक्टर में इस महीने 13.1 प्रतिशत की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई, क्योंकि हाईवे, पोर्ट और रेलवे जैसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में सरकार के भारी निवेश की वजह से इसकी मांग बनी रही।

जुलाई में लौह अयस्क के उत्पादन में 29.5 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी हुई। उत्पादन प्रक्रिया में लौह अयस्क के बड़े पैमाने पर इस्तेमाल और औद्योगिक विकास में इसके योगदान को देखते हुए, इसे आईसीआई की नई सीरीज में प्रमुख उद्योगों की लिस्ट में एक नए आइटम के तौर पर शामिल किया गया है। इसके चलते, नई सीरीज में मुख्य उद्योगों की संख्या आठ से बढ़कर नौ हो गई है। यह पिछले महीने ही लागू हुई थी।

आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई में बिजली उत्पादन में 9 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जबकि कोयले का उत्पादन 7.6 प्रतिशत बढ़ा। इस महीने के दौरान स्टील और रिफाइनरी उत्पादों के उत्पादन में क्रमशः 2.9 प्रतिशत और 2.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

हालांकि, इस साल जुलाई में प्राकृतिक गैस, कच्चा तेल और उर्वरकों की वृद्धि दर में गिरावट देखी गई।

सरकारी बयान के मुताबिक, जून 2026 के महीने के लिए फाइनल इंडेक्स को 119.6 (अस्थायी अनुमान) से बदलकर 120.7 कर दिया गया है। इससे सालाना आधार पर वृद्धि दर 5 प्रतिशत से बदलकर 6 प्रतिशत हो गई है।

आईसीआई की अप्रैल-जुलाई 2026 में संचयी वृद्धि दर 4.3 प्रतिशत रही है, जो कि पिछले साल समान अवधि में 1.5 प्रतिशत थी।

उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) के आर्थिक सलाहकार कार्यालय ने इस साल जून के डेटा के लिए पहली बार जुलाई में 2022-23 के आधार वर्ष के साथ आईसीआई की संशोधित सीरीज जारी की थी। इस नई सीरीज ने 2011-12 के आधार वर्ष वाली सीआईसी की पुरानी सीरीज की जगह ले ली है।

--आईएएनएस

एबीएस

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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'रवींद्र जडेजा अब अटैकिंग स्पिनर नहीं..., आर अश्विन ने भारतीय स्टार ऑलराउंडर को लेकर कही दी बड़ी

R Ashwin on Ravindra Jadeja: भारतीय टीम के स्टार ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा को लेकर पूर्व दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने एक बड़ा बयान दिया है. अश्विन ने भारत और श्रीलंका के बीच गॉल में खेले गए पहले टेस्ट मैच के बाद यह बड़ी बात कही है. गॉल टेस्ट मैच में टीम इंडिया ने श्रीलंका को 165 रनों से हराया. इस मैच में 24 वर्षीय बाएं हाथ के युवा स्पिनर मानव सुथार ने दोनों पारियों में कुल 10 विकेट लेकर भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई. जबकि गॉल टेस्ट में जडेजा से टीम और फैंस को एक शानदार गेंदबाजी स्पेल की उम्मीद थी, लेकिन वह काम मानव सुथार ने किया. मानव के इसी प्रदर्शन को देखते हुए अश्विन ने जडेजा के करियर में आए बदलाव को लेकर यह बड़ी बात कही है.

जडेजा अब उतने अटैकिंग स्पिनर नहीं रहे - आर अश्विन

रविचंद्रन अश्विन ने अपने आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए कहा, "रवींद्र जडेजा और मानव सुथार पूरी तरह से अलग गेंदबाज हैं. सुथार की ताकत उनकी गेंदों का रोटेशन है. वहीं जडेजा विकेट पर सीधे गेंदबाजी करते हैं और अपनी स्टॉक गेंदों से आपको कंट्रोल देते हैं. मुझे लगता है कि जडेजा अब उतने अटैकिंग स्पिनर नहीं रहे. वह अब एक ऐसे बल्लेबाज हैं जो गेंद के साथ अनुभव प्रदान करते हैं और मुझे लगता है कि उन्होंने इस भूमिका में खुद को ढाल लिया है, जो कि कोई बुरी बात नहीं है."

टीम इंडिया में बदल गई है जडेजा की भूमिका 

अश्विन का मानना है कि 37 वर्षीय रवींद्र जडेजा का रोल टीम में बदल गया है. अब वे टीम में मुख्य रूप से विकेट चटकाने वाले अटैकिंग गेंदबाज नहीं रहे, बल्कि जडेजा एक ऐसे ऑलराउंडर बन चुके हैं जो लोवर ऑर्डर में आकर मजबूत बल्लेबाजी करते हैं और जरूरत पड़ने पर अपनी सटीक गेंदबाजी से रन रोककर विरोधी टीम पर दबाव बनाते हैं. 

गॉल टेस्ट में मानव सुथार ने की स्पिन अटैक की अगुवाई

गॉल टेस्ट में भारत के पास रवींद्र जडेजा और कुलदीप यादव जैसे बेहद अनुभवी स्टार स्पिनर मौजूद थे, लेकिन इसके बावजूद, 24 वर्षीय युवा मानव सुथार ने दोनों पारियों में श्रीलंका की बैटिंग ऑर्डर को ध्वस्त किया. पहली पारी में सुथार ने 4 विकेट लेकर श्रीलंका की कमर तोड़ी. इसके बाद दूसरी पारी में 6 विकेट लेकर श्रीलंकाई बल्लेबाजी को तहस-नहस किया. इस तरह मानव सुथार ने पूरे मैच में कुल 10 विकेट लेने का कारनामा किया. उन्होंने सीनियर गेंदबाजों से बेहतर प्रदर्शन किया.

जडेजा बल्ले से भी नहीं कर पाए कमाल

वहीं रवींद्र जडेजा ने दोनों पारियों को मिलाकर कुल 4 विकेट चटकाए, जबकि कुलदीप यादव दोनों पारियों में सिर्फ 1 विकेट ही हासिल कर सके. हालांकि जडेजा के बल्ले से रन भी नहीं निकला. पहला पारी में सिर्फ 13 रन बनाकर आउट हो गए थे. इसके बाद दूसरी पारी में सिर्फ 9 रन बनाए. वो गॉल टेस्ट में 22 रन ही बना सके. अब देखने वाली बात होगी कि दूसरे टेस्ट मैच में जडेजा का प्रदर्शन कैसा रहता है.

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