Duleep Trophy का फाइनल अब Chennai में होगा, BCCI ने दर्शकों की सुविधा के लिए बदला मैदान
दलीप ट्रॉफी 2026-27 का अगले महीने होने वाला फाइनल बेंगलुरु के ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ से हटाकर अब चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में कराया जाएगा। भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने बुधवार को बताया कि फाइनल को चेन्नई स्थानांतरित करने का फैसला इसलिए किया गया है ताकि ज्यादा से ज्यादा दर्शक स्टेडियम में बैठकर इस महत्वपूर्ण घरेलू मुकाबले को देख सकें। फाइनल छह से 10 सितंबर तक खेला जाएगा।
बीसीसीआई ने बयान में कहा, ‘‘दलीप ट्रॉफी 2026-27 का फाइनल बेंगलुरु के ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ (सीओई) से चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में कर दिया गया है। इसका उद्देश्य दर्शकों को छह से 10 सितंबर तक होने वाले फाइनल को स्टेडियम में देखने का मौका देना है। ’’ टूर्नामेंट के बाकी मुकाबले तय कार्यक्रम के अनुसार 23 अगस्त से बेंगलुरु के सीओई में ही खेले जाएंगे।
शुरुआती दिन पूर्वी क्षेत्र का सामना पूर्वोत्तर क्षेत्र से जबकि उत्तरी क्षेत्र की भिड़ंत पश्चिम क्षेत्र से होगी। 2026-27 सत्र में दलीप ट्रॉफी में छह टीमें हिस्सा ले रही हैं। इस बार टूर्नामेंट अपने पारंपरिक क्षेत्रीय प्रारूप में लौट आया है।
इसमें मध्य क्षेत्र, दक्षिण क्षेत्र, पूर्वी क्षेत्र, पश्चिम क्षेत्र, उत्तरी क्षेत्र और पूर्वोत्तर क्षेत्र की टीमें शामिल हैं। बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने कहा कि सीओई में दर्शकों की संख्या को लेकर कुछ सीमाएं हैं इसलिए फाइनल को चेन्नई स्थानांतरित करने का फैसला किया गया। उन्होंने कहा, ‘‘दलीप ट्रॉफी हमारे घरेलू कैलेंडर का महत्वपूर्ण प्रथम श्रेणी टूर्नामेंट है।
इसमें हमेशा उच्च स्तर का क्रिकेट देखने को मिलता है और हम चाहते हैं कि प्रशंसकों को फाइनल मुकाबला स्टेडियम में देखने का मौका मिले। ’’ सैकिया ने कहा, ‘‘सीओई में दर्शकों की मौजूदगी को लेकर कुछ प्रतिबंध हैं। इसलिए हमें लगा कि फाइनल को ऐसे मैदान पर कराया जाना उचित होगा, जहां प्रशंसक आकर इस मुकाबले का हिस्सा बन सकें।
’’ उन्होंने बताया कि टूर्नामेंट का प्रसारण भी बढ़ाया गया है। दलीप ट्रॉफी के सभी मैचों की लाइव स्ट्रीमिंग होगी जबकि एक क्वार्टर फाइनल, एक सेमीफाइनल और फाइनल का टीवी पर सीधा प्रसारण किया जाएगा।
Lords में भारतीय दिव्यांग Cricket टीम ने इंग्लैंड को हराया, गांगुली स्टाइल जश्न
भारतीय मिश्रित दिव्यांग क्रिकेट टीम ने यहां खेले गए सातवें और अंतिम टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में इंग्लैंड को 118 रन से करारी शिकस्त देने के बाद लॉर्ड्स की बालकनी में सौरव गांगुली के शर्ट लहराने वाले बहुचर्चित जश्न को दोहराया। अर्जुन गावरे की 44 गेंदों पर 68 रन और कप्तान माजिद मगरे की महज 19 गेंदों पर नाबाद 63 रन की तूफानी पारी की मदद से भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए चार विकेट पर 206 रन बनाए। इसके जवाब में इंग्लैंड की टीम केवल 88 रन पर आउट हो गई।
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भारत की तरफ से हिलाल अहमद वानी ने 21 रन देकर चार और जयेश परमार ने 14 रन देकर तीन विकेट लिए। इंग्लैंड ने इस तरह से सात मैचों की श्रृंखला 4-3 से अपने नाम की। भारतीय दिव्यांग क्रिकेट परिषद (डीसीसीआई) ने लॉर्ड्स की बालकनी में खिलाड़ियों और अधिकारियों द्वारा अपने ब्लेज़र उतारने का एक वीडियो पोस्ट किया, जो 2002 में नेटवेस्ट ट्रॉफी के फाइनल में इसी मैदान पर भारत की इंग्लैंड के खिलाफ जीत के बाद गांगुली का शर्ट उतार कर जश्न मनाने की नकल थी।
डीसीसीआई ने एक्स पर पोस्ट किया, ‘‘जब भारत लॉर्ड्स में जीतता है, तो जश्न का माहौल ही अलग होता है। लॉर्ड्स की बालकनी पर क्रिकेट की अपार खुशी का एक पल। कोट उतारकर, जोश से भरे हुए और तिरंगा गर्व से लहराते हुए।
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118 रन से जीत। एक अविस्मरणीय जश्न।’’ मिश्रित दिव्यांग प्रारूप में शारीरिक और श्रवण सहित विभिन्न प्रकार की दिव्यांगता वाले खिलाड़ी शामिल होते हैं।
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