पाकिस्तान के हालात बिल्कुल खराब हैं। एक तरफ जहां पाकिस्तान की सरकार आम लोगों के निशाने पर है तो दूसरी तरफ पाकिस्तानी सुरक्षा बल विद्रोहियों के निशाने पर है। वजह साफ है क्योंकि पाकिस्तानी सेना लगातार पूरे देश में अत्याचार करती है और यही वजह है कि पाकिस्तान के सिंध प्रांत में कोएटा जाने वाली जाफर एक्सप्रेस को विद्रोहियों ने निशाना बना लिया। जैकोबाद के पास ट्रेन के पहुंचने से कुछ वक्त पहले ही रेलवे ट्रैक पर विस्फोट हुआ जिससे पटरी पूरी तरह से तबाह हो गई। एतहात के तौर पर जाफर एक्सप्रेस को जैकोबाद रेलवे स्टेशन पर रोका गया। पुलिस के मुताबिक अज्ञात हमलावरों ने इस घटना को अंजाम दिया। इस पूरे मामले की जांच की जा रही है। धमाके की जांच के बाद लगातार इलाके का कॉर्डन भी किया गया लेकिन पुलिस के हाथ कुछ भी नहीं आया।
सबसे बड़ी बात यह है कि जाफर एक्सप्रेस इसलिए भी निशाने पर विद्रोहियों के आता है क्योंकि इसके जरिए पाकिस्तानी सैनिक आवाजाही करते हैं। वहीं एक और बड़ी घटना बलूचिस्तान में घटित हुई। 17 अगस्त को एक हमले की जिम्मेदारी बीआरएएस यानी कि बलूच राजी ओजाई संगर गुट ने ली है। उसके लड़ाकों का दावा है कि उसने नुस्की में कब्जा करने वाले पाकिस्तानी सेना पर जबरदस्त सशस्त्र हमला किया और दुश्मन को भारी नुकसान पहुंचाया है। बताया गया है कि नुस्की के कचकी इलाके में लेवीज स्टेशन के पास कब्जा करने वाली पाक सेना की गाड़ियों के काफिले पर घात लगाकर हमला किया गया। इस ऑपरेशन में बताया गया है कि सेना की तीन गाड़ियों पर सीधे हमला हुआ और उसमें सात पाकिस्तानी सैनिक मारे गए। आठ से ज्यादा गंभीर रूप से घायल हुए। इसके अलावा ऑपरेशन के दौरान दावा है कि दुश्मनों ने एक क्वाडकॉप्टर को भी मार गिराया गया।
बीएआरएस इस सफल ऑपरेशन की पूरी तरह से जिम्मेदारी लेकर सामने आया और उसने कहा कि जब तक बलूच मातृभूमि की पूर्ण आजादी और कब्जा करने वाली सेनाओं की वापसी नहीं होती तब तक वो ऐसे ही पाकिस्तानी सेना पर हमला जारी रखेंगे। कुल मिलाकर देखा जाए तो पाकिस्तानी सेना की मुसीबत कम होने का नाम नहीं ले रही है।
लगातार बलूचिस्तान हो, खैबर पख्तून ख्वाह हो हर जगह पाकिस्तानी सेना निशाने पर है। हालांकि बीआरएस के हमलों में मारे गए पाकिस्तानी सैनिकों को लेकर कोई स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है। पाकिस्तानी सेना भी इस घटना पर मौन बरत रही है। कुल मिलाकर देखा जाए तो चारों तरफ पाकिस्तान की सेना इस वक्त मुसीबत से घिरी हुई है। क्योंकि सिर्फ बलूचिस्तान और खैबर पख्तून ख्वा ही नहीं बल्कि पीओके में भी पाकिस्तानी सेना के अत्याचारों के खिलाफ खुलेआम आवाज उठ रही है और पीओके से भी लोग यही चाह रहे हैं कि पाकिस्तान की सेना पीओके छोड़कर जाए। ऐसे में इस वक्त पाकिस्तान के हालात बेहद नाजुक हैं।
Continue reading on the app
सत्तारूढ़ बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के उम्मीदवार मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर बृहस्पतिवार को देश के नये राष्ट्रपति चुने गए। देश में इस पद के लिए 35 साल में पहली बार हुए मुकाबले में 78 वर्षीय आलमगीर ने 255 मत प्राप्त किये। मुख्य निर्वाचन आयुक्त एवं निर्वाचन अधिकारी ए.एम.एम. नासिर उद्दीन ने कहा कि बीएनपी के वरिष्ठ नेता ने अपने प्रतिद्वंद्वी लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (एलडीपी) के अध्यक्ष एवं जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले 11-दलीय विपक्षी गठबंधन के उम्मीदवार कर्नल (सेवानिवृत्त) ओली अहमद को हरा दिया।
उन्होंने कहा कि आलमगीर को 255 मत मिले, जबकि ओली अहमद को 88 मत प्राप्त हुए। उन्होंने बताया कि कुल 349 पंजीकृत मतदाताओं में से 343 ने मतदान किया जबकि छह सांसदों ने मतदान नहीं किया। नवनिर्वाचित राष्ट्रपति शुक्रवार शाम बंगभवन के दरबार हॉल में बांग्लादेश के नए राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेंगे।
यह 1991 के बाद बांग्लादेश में राष्ट्रपति पद के लिए ऐसा पहला चुनाव है जिसमें मुकाबला हुआ है। इस पद के लिए पिछले कुछ दशकों में आमतौर पर सर्वसम्मति से या निर्विरोध चयन होता रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के करीबी सहयोगी मोहम्मद शहाबुद्दीन ने अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा होने से पहले पिछले महीने स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा दे दिया था।
Continue reading on the app