SSC MTS Havaldar PET-PST: 24 अगस्त से शुरू होंगे एसएससी एमटीएस-हवलदार भर्ती के लिए फिजिकल टेस्ट, चेक करें डिटेल
SSC MTS Havaldar PET PST 2026: स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (SSC) की मल्टी टास्किंग स्टाफ (MTS) और हवलदार भर्ती परीक्षा में सफल उम्मीदवारों के लिए जरूरी अपडेट है। आयोग ने PET-PST यानी फिजिकल एंड्योरेंस टेस्ट और फिजिकल स्टैंडर्ड टेस्ट का शेड्यूल जारी कर दिया है। रिटेन टेस्ट में सफल अभ्यर्थियों को अब अगले चरण की परीक्षा में शामिल होना होगा। आयोग की ओर से जारी नोटिस के मुताबिक फिजिकल टेस्ट का आयोजन 24 अगस्त से 31 अगस्त 2026 तक निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर किया जाएगा।
24 अगस्त से शुरू होगा PET-PST
SSC MTS और हवलदार भर्ती के रिटेन टेस्ट का रिजल्ट 3 अगस्त 2026 को जारी किया गया था। इसमें सफल उम्मीदवारों को अब भर्ती प्रक्रिया के अगले चरण यानी फिजिकल टेस्ट के लिए बुलाया जाएगा।
आयोग के शेड्यूल के अनुसार PET-PST 24 अगस्त से 31 अगस्त 2026 तक आयोजित किए जाएंगे। उम्मीदवारों को उनके निर्धारित सेंटर, तारीख और रिपोर्टिंग टाइम से जुड़ी जानकारी आयोग की ओर से उपलब्ध कराई जाएगी।
किन उम्मीदवारों को देना होगा फिजिकल टेस्ट?
रिटेन टेस्ट में सफल घोषित किए गए उम्मीदवार ही हवलदार पद के अगले चरण में शामिल होंगे। PET-PST भर्ती प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण है, इसलिए उम्मीदवारों को अपने एडमिट कार्ड और आयोग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों को ध्यान से पढ़ना चाहिए। फिजिकल टेस्ट में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को निर्धारित तारीख और समय पर संबंधित केंद्र पर पहुंचना होगा।
उम्मीदवार इन बातों का रखें ध्यान
- PET-PST की तारीख और सेंटर की जानकारी पहले से जांच लें।
- एडमिट कार्ड में दिए गए रिपोर्टिंग टाइम का पालन करें।
- आयोग द्वारा निर्धारित जरूरी दस्तावेज साथ लेकर जाएं।
- फिजिकल टेस्ट से संबंधित निर्देशों को ध्यान से पढ़ें।
- किसी भी अपडेट के लिए केवल SSC की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी नोटिस को ही मान्य मानें।
भर्ती प्रक्रिया का अगला चरण
SSC MTS और हवलदार भर्ती में रिटेन परीक्षा के बाद चयनित उम्मीदवारों के लिए फिजिकल टेस्ट आयोजित किया जा रहा है। PET-PST में निर्धारित मानकों को पूरा करने वाले उम्मीदवार भर्ती के आगे के चरणों के लिए पात्र होंगे।
Milk Protein: भैंस, गाय या सोया… किस दूध में है ज्यादा प्रोटीन? कैल्शियम से भरपूर 5 विकल्पों पर डालें नजर
Highest Protein Milk: दूध को प्रोटीन, कैल्शियम और कई जरूरी पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत माना जाता है। लेकिन हर दूध का पोषण प्रोफाइल एक जैसा नहीं होता। भेड़ के दूध से लेकर सोया और बादाम मिल्क तक, हर विकल्प की अपनी खासियत है। जानें इन 6 तरह के दूध में क्या खास है और इनके क्या फायदे हो सकते हैं।
1. भैंस का दूध
गाय के दूध की तुलना में भैंस के दूध में प्रोटीन और फैट दोनों अधिक होते हैं। करीब 3.7-4.5 ग्राम प्रोटीन प्रति 100 ml मिल सकता है। इसका टेक्सचर गाढ़ा और क्रीमी है। इसी कारण इससे पनीर, दही और खोया बनाए जाते हैं। हालांकि, इसमें फैट ज्यादा होने के कारण कैलोरी भी अधिक हो सकती है।
2. गाय का दूध
गाय का दूध रोजमर्रा की डाइट में सबसे आसानी से शामिल किए जाने वाले विकल्प है। इसमें लगभग 3.2-3.5 ग्राम प्रोटीन प्रति 100 ml हो सकता है। इसमें प्रोटीन के साथ कैल्शियम जैसे पोषक तत्व भी मिलते हैं। इसे सीधे पीने के अलावा चाय, कॉफी, स्मूदी या सीरियल के साथ भी लिया जा सकता है।
3. बकरी का दूध
बकरी के दूध में करीब 3-3.5 ग्राम प्रोटीन प्रति 100 ml हो सकता है। इसका पोषण प्रोफाइल गाय के दूध के काफी करीब माना जाता है। इसमें प्रोटीन और कैल्शियम समेत कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। कुछ लोगों को इसका स्वाद और टेक्सचर गाय के दूध से अलग लग सकता है।
4. सोया मिल्क
जो लोग डेयरी दूध नहीं लेते, उनके लिए सोया मिल्क प्रोटीन वाला प्लांट-बेस्ड विकल्प हो सकता है। इसमें करीब 3-4 ग्राम प्रोटीन प्रति 100 ml मिल सकता है। सोया प्रोटीन की खासियत यह है कि इसमें शरीर के लिए जरूरी सभी आवश्यक अमीनो एसिड पाए जाते हैं। पैक्ड सोया मिल्क खरीदते समय लेबल जरूर देखें।
5. बादाम मिल्क
बादाम मिल्क हल्का और प्लांट-बेस्ड ड्रिंक है, लेकिन प्रोटीन के मामले में यह दूसरे विकल्पों से पीछे रहता है। कई कमर्शियल बादाम मिल्क में करीब 0.5-1 ग्राम प्रोटीन प्रति 100 ml ही हो सकता है। इसका फायदा यह है कि यह डेयरी-फ्री विकल्प चाहने वालों के लिए एक विकल्प देता है।
कौन सा दूध आपके लिए बेहतर है?
दूध का चुनाव सिर्फ प्रोटीन की मात्रा देखकर नहीं करना चाहिए। आपकी डाइट, स्वाद, फैट की जरूरत, कैलोरी और एलर्जी को भी ध्यान में रखना जरूरी है।
अगर ज्यादा प्रोटीन पर फोकस है तो सोया मिल्क जैसे विकल्प ध्यान में रखे जा सकते हैं। वहीं रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए गाय और भैंस का दूध ज्यादा आसानी से उपलब्ध विकल्प हैं।
(Disclaimer): यह जानकारी सामान्य पोषण संबंधी जानकारी के लिए है। किसी बीमारी, एलर्जी या विशेष डाइट की जरूरत होने पर डॉक्टर या योग्य डाइटीशियन की सलाह लें।
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