वंदे मातरम के अपमान पर अमित शाह का कांग्रेस पर तीखा हमला, बोले- 1937 में तुष्टीकरण के लिए किए थे टुकड़े
Amit Shah attacks Congress: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सरकारी आयोजनों में 'वंदे मातरम' के पूर्ण गायन से जुड़े प्रोटोकॉल का पालन न करने के फैसले को लेकर कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कांग्रेस पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि वह 'तुष्टीकरण की राजनीति' में लिप्त है और उन तमाम स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान कर रही है, जिन्होंने भारत की आजादी के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया था।
अमित शाह ने इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि साल 1937 में केवल राजनीतिक लाभ और मुस्लिम तुष्टीकरण के मकसद से कांग्रेस ने 'वंदे मातरम' गीत को दो हिस्सों में बांट दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी ऐतिहासिक फैसले ने देश के विभाजन की नींव को मजबूत किया और द्वि-राष्ट्र सिद्धांत (two-nation theory) को बढ़ावा दिया, जिसके परिणामस्वरूप आखिरकार देश का बंटवारा हुआ और पाकिस्तान का जन्म हुआ।
#WATCH | Chengalpattu, Tamil Nadu | On Congress's CWC resolution on Vande Mataram, Union Home Minister Amit Shah says, "Yesterday, Congress Working Committee took an anti-national decision. Following their 1937 resolution, Congress decided to sing only two stanzas of Vande… pic.twitter.com/9BmI4PJKml
— ANI (@ANI) August 20, 2026
राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व पर साधा निशाना
तमिलनाडु के चेंगलपट्टू में 31वीं सदर्न जोनल काउंसिल की बैठक के इतर मीडिया से बात करते हुए भाजपा नेता ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस पार्टी अपने उसी पुराने 1937 के प्रस्ताव को आगे बढ़ा रही है और संसद द्वारा बनाए गए नियमों को दरकिनार कर रही है।
गृह मंत्री ने कहा, "मुझे हैरानी है कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी एक बार फिर उसी तुष्टीकरण की राजनीति को आगे बढ़ा रही है।" उन्होंने देशवासियों से अपील की कि वे कांग्रेस के इस फैसले के खिलाफ एकजुट हों और यह स्पष्ट करें कि अब देश में तुष्टीकरण की यह राजनीति नहीं चलेगी।
ऐतिहासिक भूल को सुधारने की दिशा में उठाया गया कदम
गृह मंत्री ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने 'वंदे मातरम' की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर इस पुरानी ऐतिहासिक भूल को सुधारने का काम किया है। सरकार ने सभी आधिकारिक कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत के पूर्ण संस्करण के गायन को अनिवार्य बनाया है, जिससे देश की राष्ट्रीय एकता और अखंडता को और अधिक मजबूती मिली है।
दूसरी ओर, केंद्र सरकार के इस फैसले के बाद कांग्रेस पार्टी ने अपने हालिया कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक में यह स्पष्ट किया था कि वह अपने 1937 के उस प्रस्ताव का ही पालन करेगी जिसके तहत पार्टी कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत के केवल शुरुआती दो छंद ही गाए जाएंगे। इस स्टैंड को लेकर भाजपा लगातार कांग्रेस पर हमलावर है।
CRIME: शिकायत करने पर 10वीं के दो छात्रों ने की महिला प्रिंसिपल की बेरहमी से हत्या, 27 बार गोपे चाकू
Telangana crime news: तेलंगाना के नलगोंडा जिले के कोंडामल्लेपल्ली में एक बेहद चौंकाने वाला और खौफनाक मामला सामने आया है। 10वीं कक्षा में पढ़ने वाले दो नाबालिग छात्रों ने अपनी ही स्कूल प्रिंसिपल कल्लू रूपा रेड्डी की उनके घर में घुसकर बेरहमी से हत्या कर दी। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि दोनों छात्र हॉस्टल के एक ही कमरे में रहते थे और उन्हें महंगे फोन, बाइक और लग्जरी लाइफस्टाइल का शौक था।
हाल ही में प्रिंसिपल रूपा रेड्डी को उनके हॉस्टल बैग में एक मोबाइल फोन और कुछ नकदी मिली थी। उन्होंने छात्रों को कड़ी फटकार लगाई थी और चेतावनी दी थी कि वे इसकी शिकायत उनके माता-पिता से करेंगी। इसी बात से नाराज होकर और रातों-रात अमीर बनने की चाहत में (जिसके लिए वे यूट्यूब पर तरीके भी खोज रहे थे), छात्रों ने प्रिंसिपल को लूटने और मौत के घाट उतारने की खौफनाक साजिश रच डाली।
27 बार किए चाकू से वार
नलगोंडा पुलिस के अनुसार, इस जघन्य वारदात को अंजाम देने से पहले दोनों नाबालिगों ने लगभग एक सप्ताह तक प्रिंसिपल के घर की रेकी की। हत्या वाले दिन उन्होंने कोंडामल्लेपल्ली में अपने कपड़े बदले और बाजार से चाकू व दस्ताने खरीदे। घर के मुख्य द्वार पर सीसीटीवी कैमरा लगा होने के कारण, दोनों पिछले दरवाजे से अंदर दाखिल हुए।
VIDEO | Nalgonda: SP Sharath Chandra Pawar on the murder of Nagarjuna Grammar School principal Roopa Reddy, says, "Police have arrested two juveniles, aged 15 to 16, who were studying at the same school. They allegedly planned the murder for money to fund expensive habits,… pic.twitter.com/zuPuRDk2Er
— Press Trust of India (@PTI_News) August 19, 2026
घर में घुसकर वे नकदी चुरा ही रहे थे कि प्रिंसिपल रूपा रेड्डी ने उन्हें पहचान लिया। पकड़े जाने के डर से दोनों ने उन पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। आरोपियों ने प्रिंसिपल को 27 बार चाकू घोंपा और नकदी व उनका मोबाइल फोन लूटकर पीछे के रास्ते से ही फरार हो गए।
एक शब्द से हुआ मर्डर मिस्ट्री का खुलासा
इस ब्लाइंड मर्डर केस को सुलझाने में प्रिंसिपल की उनके अंतिम पलों में हुई एक फोन कॉल ने अहम भूमिका निभाई। फोन स्विच ऑफ होने से ठीक पहले वह अपनी चाची से बात कर रही थीं और उनके मुंह से निकला आखिरी शब्द "बाबू" था। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि स्कूल में छात्रों को अक्सर प्यार से 'बाबू' कहकर ही बुलाया जाता था। इसी सुराग ने जांच की सुई स्कूल के छात्रों की ओर मोड़ दी।
शुरुआत में 13 संदिग्ध छात्रों की पहचान की गई, जिनमें से 5 से गहन पूछताछ हुई। अंततः पुलिस का शक उन दो छात्रों पर गहरा गया जो अचानक बहुत अधिक पैसा खर्च करने लगे थे। नलगोंडा के पुलिस अधीक्षक (SP) सरथ चंद्र पवार ने इसे एक बड़ी चुनौती मानते हुए देवरकोंडा डीएसपी के नेतृत्व में पांच विशेष टीमों का गठन किया था। जांच में 30 किलोमीटर के दायरे में लगे 70 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए और 80 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की गई। डॉग स्क्वायड, फिंगरप्रिंट और फोरेंसिक साक्ष्यों ने भी अहम सुराग दिए।
पुलिस ने आरोपियों को किया गिरफ्तार
पुलिस को इस मामले में तब बड़ी कामयाबी मिली जब डोनियाला एक्स-रोड (Doniyala X-Road) के पास मोटरसाइकिल पर जा रहे दोनों आरोपी छात्रों को रोककर तलाशी ली गई। उनके पास से 1.54 लाख रुपये की नकदी बरामद हुई, जिसमें से 500 रुपये के तीन नोटों पर खून के धब्बे लगे हुए थे।
पूछताछ में दोनों ने प्रिंसिपल कल्लू रूपा रेड्डी की हत्या और लूट की बात कबूल कर ली। पुलिस ने आरोपियों के पास से लूटे गए 1.54 लाख रुपये नकद, मृतका का मोबाइल फोन, 60 हजार रुपये में खरीदा गया एक नया आईफोन, वारदात में इस्तेमाल किया गया चाकू, दस्ताने, मास्क और दो अन्य मोबाइल फोन बरामद कर लिए हैं। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
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