Telangana Principal Murder: फोन पर बोला गया आखिरी शब्द 'बाबू' बना हत्यारों का सुराग; 10वीं के 2 छात्रों ने चाकुओं से किए थे 27 वार
कम उम्र में अपराध, ऐशो-आराम की चाहत और सोशल मीडिया से जल्दी पैसा कमाने के शॉर्टकट युवाओं को किस कदर खौफनाक रास्ते पर ले जा रहे हैं, इसका दिल दहला देने वाला मामला तेलंगाना से सामने आया है। गुरु-शिष्य के रिश्ते को तार-तार करते हुए महज 16 साल के दो छात्रों ने लूटपाट के इरादे से अपनी ही स्कूल प्रिंसिपल के घर में घुसकर चाकू से 27 वार कर उनकी जान ले ली।
इस ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने के लिए पुलिस ने करीब 70 सीसीटीवी कैमरों और फॉरेंसिक साक्ष्यों की मदद ली, लेकिन सबसे बड़ा सुराग मृतका का फोन पर बोला गया एक आखिरी शब्द साबित हुआ।
कत्ल से पहले फोन पर निकला 'बाबू' शब्द, ऐसे गहराया छात्रों पर शक
11 अगस्त को कोंडामल्लेपल्ली स्थित आवास पर 50 वर्षीय रूपा रेड्डी की 27 बार चाकू घोंपकर निर्मम हत्या कर दी गई थी। वारदात के समय उनके पति काम के सिलसिले में हैदराबाद में थे। नलगोंडा एसपी शरत चंद्र पवार के नेतृत्व में जांच कर रही टीमों को पता चला कि हत्या के वक्त रूपा रेड्डी अपनी मौसी से फोन पर बात कर रही थीं और कॉल कटने से ठीक पहले उन्होंने किसी को 'बाबू' कहकर संबोधित किया था।
चूंकि प्रिंसिपल अपने स्कूल के छात्रों को अक्सर 'बाबू' कहकर बुलाती थीं, इसलिए पुलिस ने स्कूल से गायब चल रहे छात्रों पर फोकस किया।
शराब, बाइक का शौक और हॉस्टल से निकाले जाने का गुस्सा
जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी छात्र स्कूल के हॉस्टल में रहता था और उसे शराब, सिगरेट और तेज बाइक चलाने का शौक था। घटना से कुछ दिन पहले प्रिंसिपल ने उसके बैग से मोबाइल और नकदी बरामद कर परिजनों के सामने फटकार लगाई थी और उसे हॉस्टल से निकालकर 'डे-स्कॉलर' बना दिया था।
इसी अपमान का बदला लेने और मौज-मस्ती के लिए पैसा जुटाने के मकसद से उसने अपने सहपाठी के साथ मिलकर लूट की साजिश रची। उन्हें पता था कि महीने की 10 तारीख के आसपास स्कूल फीस का लाखों रुपया प्रिंसिपल के घर रखा रहता है।
मास्क गिरा तो पहचान खुलने के डर से किए 27 वार, ₹2.5 लाख लूटे
आरोपियों ने वारदात से 5 दिन पहले इलाके की रेकी की और कोंडामल्लेपल्ली बाजार से चाकू व दस्ताने खरीदे। 11 अगस्त को एक छात्र ने बाउंड्री फांदकर घर में प्रवेश किया, जबकि दूसरा बाहर निगरानी कर रहा था। घर में तलाशी के दौरान जब प्रिंसिपल की नजर उस पर पड़ी तो हाथापाई में उसका मास्क गिर गया।
पकड़े जाने और पुलिस कंप्लेंट के डर से उसने चाकू से 27 ताबड़तोड़ वार कर प्रिंसिपल को मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद दोनों आरोपी बेडरूम से करीब ₹2.5 लाख नकद और मोबाइल फोन लूटकर फरार हो गए।
नोटों पर मिले खून के धब्बे और आईफोन ने खोल दी पोल
वारदात के बाद दोनों छात्रों ने अचानक महंगे शौक पूरे करने, पार्टियां देने और ₹60,000 का नया आईफोन खरीदने का काम शुरू किया। शक के आधार पर जब पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर तलाशी ली, तो उनके पास से ₹1.54 लाख नकद बरामद हुए। जब्त किए गए 500-500 के नोटों पर खून के धब्बे लगे थे।
फॉरेंसिक जांच में यह खून मृतका रूपा रेड्डी का पाया गया। कड़ाई से पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने लूटी गई नकदी, हत्या में प्रयुक्त चाकू, आईफोन और खून से सने कपड़े बरामद कर दोनों नाबालिगों को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के समक्ष पेश किया है।
वंदे मातरम के अपमान पर अमित शाह का कांग्रेस पर तीखा हमला, बोले- 1937 में तुष्टीकरण के लिए किए थे टुकड़े
Amit Shah attacks Congress: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सरकारी आयोजनों में 'वंदे मातरम' के पूर्ण गायन से जुड़े प्रोटोकॉल का पालन न करने के फैसले को लेकर कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कांग्रेस पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि वह 'तुष्टीकरण की राजनीति' में लिप्त है और उन तमाम स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान कर रही है, जिन्होंने भारत की आजादी के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया था।
अमित शाह ने इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि साल 1937 में केवल राजनीतिक लाभ और मुस्लिम तुष्टीकरण के मकसद से कांग्रेस ने 'वंदे मातरम' गीत को दो हिस्सों में बांट दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी ऐतिहासिक फैसले ने देश के विभाजन की नींव को मजबूत किया और द्वि-राष्ट्र सिद्धांत (two-nation theory) को बढ़ावा दिया, जिसके परिणामस्वरूप आखिरकार देश का बंटवारा हुआ और पाकिस्तान का जन्म हुआ।
#WATCH | Chengalpattu, Tamil Nadu | On Congress's CWC resolution on Vande Mataram, Union Home Minister Amit Shah says, "Yesterday, Congress Working Committee took an anti-national decision. Following their 1937 resolution, Congress decided to sing only two stanzas of Vande… pic.twitter.com/9BmI4PJKml
— ANI (@ANI) August 20, 2026
राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व पर साधा निशाना
तमिलनाडु के चेंगलपट्टू में 31वीं सदर्न जोनल काउंसिल की बैठक के इतर मीडिया से बात करते हुए भाजपा नेता ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस पार्टी अपने उसी पुराने 1937 के प्रस्ताव को आगे बढ़ा रही है और संसद द्वारा बनाए गए नियमों को दरकिनार कर रही है।
गृह मंत्री ने कहा, "मुझे हैरानी है कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी एक बार फिर उसी तुष्टीकरण की राजनीति को आगे बढ़ा रही है।" उन्होंने देशवासियों से अपील की कि वे कांग्रेस के इस फैसले के खिलाफ एकजुट हों और यह स्पष्ट करें कि अब देश में तुष्टीकरण की यह राजनीति नहीं चलेगी।
ऐतिहासिक भूल को सुधारने की दिशा में उठाया गया कदम
गृह मंत्री ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने 'वंदे मातरम' की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर इस पुरानी ऐतिहासिक भूल को सुधारने का काम किया है। सरकार ने सभी आधिकारिक कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत के पूर्ण संस्करण के गायन को अनिवार्य बनाया है, जिससे देश की राष्ट्रीय एकता और अखंडता को और अधिक मजबूती मिली है।
दूसरी ओर, केंद्र सरकार के इस फैसले के बाद कांग्रेस पार्टी ने अपने हालिया कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक में यह स्पष्ट किया था कि वह अपने 1937 के उस प्रस्ताव का ही पालन करेगी जिसके तहत पार्टी कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत के केवल शुरुआती दो छंद ही गाए जाएंगे। इस स्टैंड को लेकर भाजपा लगातार कांग्रेस पर हमलावर है।
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