'आवाज क्यों नहीं उठाई गई', CWC बैठक में खरगे ने नेताओं की चुप्पी पर जताई नाराजगी; ‘शुद्धिकरण’ विवाद ने बढ़ाई सियासी हलचल
कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने उत्तराखंड के हल्द्वानी में सामने आए कथित ‘शुद्धिकरण’ विवाद को लेकर पार्टी नेताओं की प्रतिक्रिया पर नाराजगी जताई. उन्होंने सवाल उठाया कि इतने गंभीर मामले पर पार्टी के कई नेताओं की ओर से अपेक्षित समर्थन और आवाज क्यों नहीं उठाई गई. यह मुद्दा अब कांग्रेस की आंतरिक रणनीति और सामाजिक न्याय से जुड़ी राजनीति के केंद्र में आता दिखाई दे रहा है.
हल्द्वानी में क्या हुआ था?
विवाद की शुरुआत उस घटना से हुई, जिसमें खरगे के एक कार्यक्रम के बाद हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कथित तौर पर मंच का ‘शुद्धिकरण’ किए जाने का आरोप लगा. खरगे ने इसे केवल राजनीतिक विरोध नहीं, बल्कि सामाजिक भेदभाव से जुड़ा गंभीर विषय बताया था.
उन्होंने राज्यसभा में भी इस मुद्दे को उठाते हुए सवाल किया था कि क्या किसी व्यक्ति के कार्यक्रम के बाद उस स्थान को ‘शुद्ध’ करने की जरूरत महसूस की जा सकती है. इस घटनाक्रम ने राजनीतिक बयानबाजी के साथ-साथ सामाजिक समानता और जातिगत भेदभाव पर भी बहस छेड़ दी.
CWC बैठक में क्यों उठाया मुद्दा?
कांग्रेस की शीर्ष निर्णय लेने वाली संस्था CWC की बैठक में खरगे ने पार्टी नेताओं की चुप्पी को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की. रिपोर्ट के मुताबिक, उनका मानना था कि इस तरह के मामले में पार्टी नेताओं को खुलकर अपनी बात रखनी चाहिए थी.
खरगे के लिए यह मामला व्यक्तिगत राजनीतिक विवाद से आगे बढ़कर सामाजिक सम्मान और समानता का सवाल है. इसलिए उन्होंने पार्टी के भीतर भी इस मुद्दे पर अधिक स्पष्ट और एकजुट रुख की अपेक्षा जताई.
बिहार में BPSC AEDO पेपर लीक में बड़ा एक्शन, धांधली का मास्टरमाइंड अतुल राज गिरफ्तार
Bihar BPSC AEDO Paper Leak: बिहार में BPSC की AEDO परीक्षा में कथित धांधली की जांच के दौरान आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने बड़ी कार्रवाई की है. जांच एजेंसी ने परीक्षा में तैनात बायोमीट्रिक ऑपरेटर अतुल राज पांडेय को गिरफ्तार किया है. जांच में सामने आया है कि अतुल राज पांडेय के कथित तौर पर सॉल्वर गैंग से संपर्क था. एजेंसी को यह भी जानकारी मिली है कि वह कई परीक्षा केंद्रों को मैनेज करने की साजिश में शामिल था.
पूछताछ के दौरान जांच एजेंसी को मामले से जुड़े कई अहम नामों के बारे में जानकारी मिली है. अब इन लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है और EOU इस पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है. एजेंसी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि परीक्षा में धांधली को अंजाम देने के लिए किन-किन लोगों ने मिलकर काम किया और परीक्षा केंद्रों तक उनकी पहुंच कैसे बनी.
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