लहसुन की 1-2 कलियां रोज करें डाइट में शामिल, दिल से लेकर पेट तक मिल सकते हैं ये फायदे
नई दिल्ली, 20 अगस्त (आईएएनएस)। हमारे घर की रसोई में ऐसी कई चीजें होती हैं, जिन्हें हम रोज खाते हैं, लेकिन उनके फायदे के बारे में ज्यादा नहीं सोचते। लहसुन भी ऐसी ही एक चीज है। सब्जी हो, दाल हो या चटनी, लहसुन खाने का स्वाद बढ़ा देता है। लेकिन लहसुन सिर्फ स्वाद के लिए ही खास नहीं है। इसमें ऐसे कई गुण पाए जाते हैं, जो शरीर के लिए लाभकारी होते हैं।
लहसुन का सबसे ज्यादा फायदा दिल और ब्लड प्रेशर से जुड़ा है। वैज्ञानिक रिसर्च में पाया गया है कि लहसुन का सेवन हाई ब्लड प्रेशर वाले लोगों में बल्ड प्रेशर को थोड़ा कम करने में मदद करता है। इसमें मौजूद सल्फर शरीर की नसों को आराम देता हैं। इससे खून का बहाव ठीक रखने में मदद मिलती है।
लहसुन शरीर में सूजन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाव में भी मददगार होता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं, जो शरीर में बनने वाले कुछ हानिकारक फ्री रेडिकल्स से लड़ने में मदद करते हैं। रोजमर्रा की डाइट में सब्जियों, फलों, साबुत अनाज और प्रोटीन के साथ थोड़ी मात्रा में लहसुन शामिल करना एक संतुलित डाइट का हिस्सा हो सकता है।
लहसुन पेट के लिए भी फायदेमंद होता है। इसमें मौजूद प्रीबायोटिक गुण आंतों में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया के लिए मददगार होते हैं। हमारी आंतों में मौजूद ये बैक्टीरिया पाचन और शरीर के सामान्य स्वास्थ्य में अहम भूमिका निभाते हैं। हालांकि यहां मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है। ज्यादा कच्चा लहसुन खाने से कुछ लोगों को गैस, पेट दर्द या जलन की समस्या हो सकती है।
लहसुन में ऐसी चीजें भी पाई जाती हैं, जो शरीर में होने वाली सूजन को कम करने में मदद कर सकती हैं। शरीर में थोड़ी बहुत सूजन होना सामान्य है, लेकिन लंबे समय तक ज्यादा सूजन शरीर के लिए अच्छी नहीं मानी जाती। लहसुन में मौजूद कुछ खास तत्व शरीर को इस परेशानी से बचाने में मदद कर सकते हैं। इसके अलावा इसमें ऐसे गुण भी पाए जाते हैं, जो शरीर की कोशिकाओं को नुकसान से बचाने में मदद कर सकते हैं।
लहसुन कोलेस्ट्रॉल लेवल के लिए भी उपयोगी माना जाता है। लहसुन खाने से शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल का स्तर थोड़ा कम होता है। इससे दिल की सेहत को फायदा मिलता है, लेकिन इसका असर हर व्यक्ति में एक जैसा नहीं होता। अगर किसी का कोलेस्ट्रॉल ज्यादा है, तो सिर्फ लहसुन खाना काफी नहीं है। सही खाना, रोज थोड़ा चलना और डॉक्टर की सलाह जरूरी है।
अब बात करते हैं कि लहसुन को कैसे खाएं। बहुत से लोग सुबह खाली पेट कच्चा लहसुन खाने की सलाह देते हैं, लेकिन ऐसा करना हर किसी के लिए सही नहीं होता। कच्चा लहसुन खाने से पेट में जलन या गैस हो सकती है। इसे सब्जी, दाल, चटनी या सूप में डालकर खाना आसान तरीका है। लहसुन को काटने या कुचलने के बाद कुछ देर रखने से इसमें मौजूद एक खास तत्व बनने में मदद मिलती है, जिसे एलिसिन कहा जाता है।
लहसुन खाते समय कुछ लोगों को सावधानी भी रखनी चाहिए। बहुत ज्यादा लहसुन खाने से मुंह से तेज गंध, गैस, पेट में जलन और अपच हो सकती है। जो लोग खून पतला करने वाली दवा लेते हैं, उन्हें लहसुन खाने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
--आईएएनएस
पीके/वीसी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
'आवाज क्यों नहीं उठाई गई', CWC बैठक में खरगे ने नेताओं की चुप्पी पर जताई नाराजगी; ‘शुद्धिकरण’ विवाद ने बढ़ाई सियासी हलचल
कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने उत्तराखंड के हल्द्वानी में सामने आए कथित ‘शुद्धिकरण’ विवाद को लेकर पार्टी नेताओं की प्रतिक्रिया पर नाराजगी जताई. उन्होंने सवाल उठाया कि इतने गंभीर मामले पर पार्टी के कई नेताओं की ओर से अपेक्षित समर्थन और आवाज क्यों नहीं उठाई गई. यह मुद्दा अब कांग्रेस की आंतरिक रणनीति और सामाजिक न्याय से जुड़ी राजनीति के केंद्र में आता दिखाई दे रहा है.
हल्द्वानी में क्या हुआ था?
विवाद की शुरुआत उस घटना से हुई, जिसमें खरगे के एक कार्यक्रम के बाद हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कथित तौर पर मंच का ‘शुद्धिकरण’ किए जाने का आरोप लगा. खरगे ने इसे केवल राजनीतिक विरोध नहीं, बल्कि सामाजिक भेदभाव से जुड़ा गंभीर विषय बताया था.
उन्होंने राज्यसभा में भी इस मुद्दे को उठाते हुए सवाल किया था कि क्या किसी व्यक्ति के कार्यक्रम के बाद उस स्थान को ‘शुद्ध’ करने की जरूरत महसूस की जा सकती है. इस घटनाक्रम ने राजनीतिक बयानबाजी के साथ-साथ सामाजिक समानता और जातिगत भेदभाव पर भी बहस छेड़ दी.
CWC बैठक में क्यों उठाया मुद्दा?
कांग्रेस की शीर्ष निर्णय लेने वाली संस्था CWC की बैठक में खरगे ने पार्टी नेताओं की चुप्पी को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की. रिपोर्ट के मुताबिक, उनका मानना था कि इस तरह के मामले में पार्टी नेताओं को खुलकर अपनी बात रखनी चाहिए थी.
खरगे के लिए यह मामला व्यक्तिगत राजनीतिक विवाद से आगे बढ़कर सामाजिक सम्मान और समानता का सवाल है. इसलिए उन्होंने पार्टी के भीतर भी इस मुद्दे पर अधिक स्पष्ट और एकजुट रुख की अपेक्षा जताई.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation








