संयुक्त राष्ट्र की उप महासचिव अमीना मोहम्मद इस महीने के अंत में करेंगी भारत की यात्रा
संयुक्त राष्ट्र की उप महासचिव अमीना मोहम्मद इस महीने के अंत में करेंगी भारत की यात्राNilekani Task Force on Exam Reforms: नीलेकणि पैनल के गठन को 25 दिन पूरे, अब तक नहीं आई कोई सिफारिश; NTA में बदलाव जारी
देश भर में नीट (NEET) और यूजीसी-नेट जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और गड़बड़ियों के बाद उपजे छात्र आक्रोश के बीच केंद्र सरकार ने परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और अभेद्य बनाने की दिशा में कई कदम उठाए हैं।
इन्फोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि की अगुवाई में एक हाई-पावर्ड टास्क फोर्स का गठन किया गया था, जिसे तीन महीने के भीतर संपूर्ण सुधारों की विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का जिम्मा मिला है। टास्क फोर्स की अंतिम सिफारिशों के इंतजार के बीच ही शिक्षा मंत्रालय और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के आंतरिक ढांचे में युद्धस्तर पर बदलाव शुरू कर दिए गए हैं।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद शिक्षा मंत्रालय में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल
परीक्षा विवादों के बीच छात्र आंदोलन के बाद तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 25 जुलाई को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद 26 जुलाई को प्रल्हाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय की कमान सौंपी गई। उसी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में पूर्व इसरो प्रमुख एस. सोमनाथ और आईबी निदेशक तपन डेका जैसे दिग्गजों को शामिल कर हाई-पावर्ड टास्क फोर्स का एलान किया।
इससे पहले 23 और 24 जुलाई को उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी की जगह नरेश पाल गंगवार और स्कूल शिक्षा सचिव के रूप में टीके अनिल कुमार की नियुक्ति कर पूरे प्रशासनिक तंत्र को रीसेट किया गया था।
NTA के 600 विशेषज्ञ बाहर, 4-स्तरीय प्रश्नपत्र जांच और ऑडिट का आदेश
नए शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कार्यभार संभालते ही एनटीए की कार्यप्रणाली के व्यापक ऑडिट का आदेश दिया और 30 दिनों के भीतर सुधारात्मक कार्रवाई रिपोर्ट तलब की। इसके तहत एनटीए के परीक्षा पैनल से करीब 600 पुराने विशेषज्ञों को हटाकर नए विषय-विशेषज्ञों को शामिल किया गया है।
इसके अलावा प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर परिणाम जारी करने तक 4-स्तरीय जांच व्यवस्था लागू की गई है। एजेंसी अपने कार्यालयों को स्थानांतरित करने के साथ-साथ सीआईएसएफ (CISF) की कड़ी निगरानी में सुरक्षा घेरा मजबूत कर रही है।
नीट पर बड़े फैसलों के लिए नीलेकणि पैनल की सिफारिशों का इंतजार
संसद से सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक 2026 पारित कराकर कानून को और कड़ा कर दिया गया है। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को भी सूचित किया है कि नीट-यूजी को पेन-पेपर मोड से कंप्यूटर आधारित टेस्ट में बदलने और जेईई की तर्ज पर इसे दो चरणों में आयोजित करने पर विचार चल रहा है।
हालांकि, इस पर अंतिम निर्णय नीलेकणि टास्क फोर्स की औपचारिक रिपोर्ट और विभिन्न हितधारकों के साथ परामर्श के बाद ही लिया जाएगा।
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