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UN उप महासचिव Amina Mohammed 26 अगस्त से भारत का दौरा करेंगी, अधिकारियों से होगी चर्चा

योषिता सिंह संयुक्त राष्ट्र, 20 अगस्त संयुक्त राष्ट्र की उप महासचिव अमीना मोहम्मद इस महीने के अंत में भारत की यात्रा करेंगी और इस दौरान वह नयी दिल्ली और इस वैश्विक संस्था के बीच सहयोग पर चर्चा करेंगी। मोहम्मद इस सप्ताह चीन जाएंगी और इसके बाद मंगोलिया का दौरा करेंगी। वहां से न्यूयॉर्क लौटते समय वह भारत आएंगी।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने बुधवार को दैनिक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि 26 से 28 अगस्त तक भारत यात्रा के दौरान अमीना मोहम्मद नयी दिल्ली में वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों से मुलाकात करेंगी। इस दौरान ‘‘संयुक्त राष्ट्र-भारत सहयोग और सतत विकास को आगे बढ़ाने में भारत की भागीदारी’’ पर चर्चा होगी। मोहम्मद भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) के छात्रों से भी मुलाकात करेंगी।

इस दौरान वह ‘‘सतत विकास लक्ष्यों के समर्थन में डिजिटल नवोन्मेष के इस्तेमाल की संभावनाओं और चुनौतियों पर छात्रों के साथ विचार-विमर्श करेंगी।’’ दुजारिक ने बताया कि अमीना मोहम्मद चीन में बृहस्पतिवार और शुक्रवार को कृत्रिम मेधा (एआई) और मानव विकास पर तीसरे संवाद की अध्यक्षता करेंगी। उन्होंने बताया कि 23 अगस्त को वह महासचिव के प्रतिनिधि के रूप में मंगोलिया की राजधानी उलानबटोर जाएंगी, जहां वह मरुस्थलीकरण से निपटने संबंधी संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (यूएनसीसीडी सीओपी-17) के पक्षकारों के 17वें सत्र में हिस्सा लेंगी। अमीना मोहम्मद इससे पहले जुलाई 2023 में भारत आई थीं।

जनवरी 2022 में संयुक्त राष्ट्र की उप महासचिव के रूप में पांच वर्ष के दूसरे कार्यकाल के लिए दोबारा नियुक्ति के बाद यह भारत की उनकी पहली यात्रा थी। उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात की थी और बेंगलुरु भी गई थीं।

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Iran US Conflict | क्या ईरान के साथ जारी तनाव अमेरिका को भारी पड़ रहा है? US का कर्ज 40 ट्रिलियन डॉलर के पार, ट्रंप कार्यकाल में बना नया रिकॉर्ड

अमेरिकी अर्थव्यवस्था एक बार फिर बड़े वित्तीय संकट के मुहाने पर खड़ी नजर आ रही है। रक्षा खर्च में भारी बढ़ोतरी, सोशल सिक्योरिटी व मेडिकेयर जैसे सामाजिक कार्यक्रमों के विस्तार और बढ़ते ब्याज भुगतानों के कारण अमेरिका का राष्ट्रीय कर्ज पहली बार 40 ट्रिलियन डॉलर के ऐतिहासिक और अभूतपूर्व स्तर को पार कर गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में यह चौथी बार है जब अमेरिकी कर्ज ने कोई नया रिकॉर्ड बनाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि मध्य पूर्व में ईरान के साथ जारी लंबे समय के तनाव, नौसैनिक नाकेबंदी और भारी सैन्य अभियानों के वित्तीय बोझ ने इस आंकड़े को तेजी से बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाई है।

मार्च में 39 ट्रिलियन डॉलर और अक्टूबर में 38 ट्रिलियन डॉलर का आंकड़ा पार करने के बाद, कर्ज का स्तर सिर्फ़ पांच महीनों में 40 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया। कर्ज में यह तेज़ी US सरकार पर अलग-अलग प्राथमिकताओं के बीच संतुलन बनाने का दबाव दिखाती है, जिसमें रक्षा खर्च बढ़ाना और ईंधन व किराने के सामान जैसी ज़रूरी चीज़ों की लागत कम करने की कोशिशें शामिल हैं।

व्हाइट हाउस के प्रवक्ता कुश देसाई ने कहा कि ट्रंप प्रशासन संघीय खर्च में बर्बादी, धोखाधड़ी और दुरुपयोग को कम करने के साथ-साथ आर्थिक विकास को बढ़ावा देने और देश के कर्ज-से-GDP अनुपात को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।

ट्रंप के कार्यकाल में चौथी बार रिकॉर्ड ऊंचाई

जनवरी 2025 में डोनाल्ड ट्रंप के व्हाइट हाउस लौटने के बाद से, US का राष्ट्रीय कर्ज लगभग 4 ट्रिलियन डॉलर बढ़ गया है और चार बार रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचा है। उनके दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में यह लगभग 36.2 ट्रिलियन डॉलर था, जो अगस्त 2026 में बढ़कर 40 ट्रिलियन डॉलर से ज़्यादा हो गया।

इस दौरान, कर्ज अगस्त 2025 में 37 ट्रिलियन डॉलर के आंकड़े को पार कर गया, अक्टूबर में 38 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचा, मार्च 2026 में 39 ट्रिलियन डॉलर से ऊपर चला गया और फिर अगस्त 2026 में 40 ट्रिलियन डॉलर के स्तर को पार कर गया।

कर्ज लेने की रफ़्तार खास तौर पर उल्लेखनीय रही है; अगस्त और अक्टूबर 2025 के बीच सिर्फ़ 71 दिनों में कर्ज 1 ट्रिलियन डॉलर बढ़ गया, और उसके बाद अगले 10 महीनों में इसमें 2 ट्रिलियन डॉलर और जुड़ गए।

अमेरिकियों के लिए ज़्यादा लागत

हालांकि, अर्थशास्त्री और वित्तीय विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि बढ़ता हुआ कर्ज पहले से ही अमेरिकियों को प्रभावित कर रहा है, क्योंकि उन्हें मॉर्गेज और कारों के लिए ज़्यादा ब्याज दर पर कर्ज लेना पड़ रहा है। उनका यह भी कहना है कि व्यापार में निवेश घटने से वेतन पर असर पड़ सकता है, जबकि कर्ज से जुड़ी ज़्यादा लागत के कारण सामान और सेवाएं महंगी हो सकती हैं। बाइपार्टिसन पॉलिसी सेंटर की प्रेसिडेंट और CEO, मार्गरेट स्पेलिंग्स ने कहा कि फ़ेडरल कर्ज़ की वजह से पहले से ही रहने का खर्च बढ़ रहा है और खर्च व निवेश सीमित हो रहे हैं, जिससे लंबे समय की आर्थिक समृद्धि के लिए खतरा पैदा हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि मौजूदा वित्तीय रास्ता टिकाऊ नहीं है और मंदी, वैश्विक संघर्ष या किसी बड़े झटके से यह चुनौती तेज़ी से एक गंभीर संकट में बदल सकती है।

अमेरिका में कर्ज़ की एक कानूनी सीमा तय है, जिसे कांग्रेस बढ़ा सकती है, रोक सकती है या खत्म कर सकती है। बाइपार्टिसन पॉलिसी सेंटर का अनुमान है कि देश 2027 में सर्दियों के आखिर और गर्मियों के बीच कभी भी 41.1 ट्रिलियन डॉलर की मौजूदा कर्ज़ सीमा तक पहुँच सकता है, जिससे कांग्रेस को उधार लेने की सीमा पर फिर से कोई कदम उठाना पड़ सकता है।

ऑर्गनाइज़ेशन फ़ॉर इकोनॉमिक कोऑपरेशन एंड डेवलपमेंट के हालिया आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि विकसित अर्थव्यवस्थाओं में अमेरिका की वित्तीय स्थिति सबसे कमज़ोर है। 

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  Sports

IND vs SL: क्या कुलदीप यादव का टेस्ट करियर भी खत्म, भारत की जीत के बावजूद टेंशन में सबसे बड़ा मैच विनर

Kuldeep Yadav: गॉल टेस्ट में कुलदीप यादव इतने बेअसर साबित हुए कि जो श्रीलंकाई बल्लेबाज मानव सुथार और रवींद्र जडेजा को खेलने में हिचक रहे थे वह उनके खिलाफ आसानी से रन बनाए जा रहे थे, लेकिन क्या इसे कुलदीप के टेस्ट करियर का अंत मान लें? क्या टी-20 के बाद वह भारतीय टेस्ट टीम से भी धीरे-धीरे दरकिनार कर दिए जाएंगे. कोलंबो टेस्ट उनके करियर का अहम पड़ाव होगा. कुलदीप ने भारत के लिए 19 टेस्ट में 80 विकेट लिए हैं. Thu, 20 Aug 2026 10:36:36 +0530

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Rahul Gandhi vs PM Modi: CWC की बैठक में राहुल ने PM पर कसा तंज! #pmmodi #bjp #congress #shorts #tmktech #vivo #v29pro
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