BJP का Congress पर हमला: Vande Mataram के दो पद गाने पर पार्टी को बताया नई मुस्लिम लीग
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस द्वारा भविष्य में पार्टी के सभी कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के केवल शुरुआती दो पद गाने के फैसले की बुधवार को निंदा करते हुए कहा कि राष्ट्रीय गीत के पूरे संस्करण के खिलाफ अपने ‘अड़ियल’ रुख से मुख्य विपक्षी पार्टी ने आजादी की लड़ाई की ‘एकमात्र कॉपीराइट धारक’ होने के अपने ही दावे को पूरी तरह से खंडित कर दिया है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि वंदे मातरम् पर अपनी सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था के 1937 के प्रस्ताव पर कायम रहने के फैसले के साथ कांग्रेस भी एक ‘नयी मुस्लिम लीग’ बन गई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के फैसले ने देश के प्रति उसकी ‘देशभक्ति और निष्ठा’ पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी)ने बुधवार को वंदे मातरम् पर अपनी सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था के 1937 के प्रस्ताव का पालन करने का फैसला किया। इसके तहत अब से पार्टी के सभी कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत के केवल दो अंतरे ही गाए जाएंगे। कांग्रेस का यह फैसला तब आया जब भाजपा ने उसके नेताओं पर पार्टी कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम्’ का पूरा संस्करण न गाकर उसका अपमान करने का आरोप लगाया।
त्रिवेदी ने कांग्रेस के निर्णय को ‘बेहद निंदनीय’ करार देते हुए कहा, ‘‘इस फैसले ने आजादी की लड़ाई का एकमात्र कॉपीराइट धारक होने के कांग्रेस के स्व-घोषित दावे को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया है।’’ भाजपा नेता ने कहा कि इस फैसले से कांग्रेस ने यह भी साबित कर दिया है कि वह खुद को ‘‘संविधान, संसद और देश’’ से ऊपर मानती है। उन्होंने कहा, ‘‘वर्ष 1931 में मुस्लिम लीग ने ‘वंदे मातरम्’ के पूर्ण संस्करण का पुरजोर तरीके से विरोध किया था। उसी तरह की जिद दिखाते हुए, कांग्रेस ने आज अपनी बैठक में ‘वंदे मातरम्’ पर फैसला लिया है, जबकि संसद ने (वंदे मातरम् का पूरा संस्करण गाने को लेकर) एक कानून पारित किया है।’’ त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ‘नयी मुस्लिम लीग’ बन गई है।
उन्होंने रेखांकित किया कि वर्ष 1937 में मुस्लिम लीग ने ही ‘वंदे मातरम्’ के पूरे संस्करण का विरोध किया था। भाजपा के राज्यसभा सदस्य त्रिवेदी ने कहा, ‘‘ऐसे शर्मनाक अध्याय को भुलाने या स्थिति को सुधारने के बजाय, कांग्रेस ने इसे अपना लिया है। इससे पार्टी की मौजूदा हालत का पता चलता है।
अब इसमें कोई शक नहीं रह गया है कि देश के प्रति उसकी निष्ठा पूरी तरह से संदेह के घेरे में है।
Rajasthan Congress ने पंचायत चुनाव के लिए बनाई Task Force, 50% युवाओं को मिलेगा अवसर
कांग्रेस ने बुधवार को राजस्थान में आगामी स्थानीय निकाय और पंचायती राज चुनावों के लिए ‘पंचायत चुनाव कार्यबल’ का गठन किया जिसका उद्देश्य चुनाव लड़ने के इच्छुक युवाओं की पहचान कर उन्हें पार्टी संगठन से जोड़ना है। यहां कांग्रेस के ‘वॉर रूम’ में प्रदेश पार्टी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव शेष नारायण ओझा ने इस पहल की शुरुआत की। इसके तहत युवा कांग्रेस के दल(टीम) प्रदेशभर में जाकर जिला, ब्लॉक और पंचायत स्तर पर संभावित युवा उम्मीदवारों की पहचान करेंगे तथा उनका विवरण प्रदेश कांग्रेस समिति (पीसीसी) को भेजेंगे।
ओझा ने कहा कि राजस्थान में शुरू की गई यह पहल खासतौर पर 39 वर्ष से कम उम्र के उन युवाओं पर केंद्रित होगी, जो फिलहाल कांग्रेस संगठन का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन संविधान में विश्वास रखते हैं और चुनावी राजनीति में प्रवेश करना चाहते हैं। युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय समन्वयक जिलों का दौरा कर ऐसे दावेदारों की पहचान करेंगे तथा उन्हें चुनाव के लिए प्रशिक्षित और तैयार करेंगे। डोटासरा ने स्पष्ट किया कि कार्यबल उम्मीदवारों का चयन या टिकट तय नहीं करेगी।
उन्होंने कहा, ‘‘कार्यबल युवा दावेदारों की पहचान करेगा, उन्हें संगठन से जोड़ेगा और चुनाव लड़ने के लिए प्रोत्साहित करेगा। टिकट पर अंतिम फैसला पार्टी की निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही होगा।’’ उन्होंने कहा कि उम्मीदवारों के चयन में जमीनी स्तर पर समर्थन, संगठन में सक्रियता और चुनाव जीतने की क्षमता जैसे कारकों को ध्यान में रखा जाएगा। डोटासरा ने कहा कि आगामी स्थानीय चुनावों में पार्टी 50 प्रतिशत से अधिक प्रतिनिधित्व युवाओं को देने का प्रयास करेगी।
उन्होंने कहा कि महिलाओं तथा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवारों को भी अवसर दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि युवा उम्मीदवारों को प्राथमिकता देने का कोई बाध्यकारी फार्मूला नहीं होगा और आवश्यकता के अनुसार अनुभवी उम्मीदवारों को भी मौका दिया जाएगा।
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