Rahul Gandhi के Pune में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को मिली 30 शर्तों संग पुलिस अनुमति
पुलिस ने पुणे में 22 अगस्त के लिए प्रस्तावित राहुल गांधी के कार्यक्रम ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के लिए अनुमति दे दी है। इसके लिए 30 शर्तें तय की गई हैं, जिनमें ‘‘आपत्तिजनक’’ चित्रों या बैनरों के प्रदर्शन पर रोक लगाई गई है और आयोजकों से यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि धार्मिक भावनाओं को ठेस न पहुंचे। पुलिस द्वारा जारी अनुमति के अनुसार, यह कार्यक्रम शहर में आरटीओ चौक के पास एसएसपीएमएस कॉलेज मैदान में शाम साढ़े चार बजे से रात साढ़े नौ बजे तक आयोजित होना तय हुआ है, जहां 8,000 से 10,000 लोगों के जुटने का अनुमान है।
पुलिस द्वारा तय की गई 30 शर्तों में, आयोजकों को कोई भी आपत्तिजनक तस्वीर या बैनर न लगाने का निर्देश दिया गया है। अनुमति आदेश में कहा गया है कि यदि कोई अप्रिय घटना होती है और उससे कानून-व्यवस्था की स्थिति पैदा होती है, तो आयोजक इसके जिम्मेदार होंगे। इसमें कहा गया, ‘‘कार्यक्रम के दौरान किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचनी चाहिए और यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी आयोजकों की होगी।’’ महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष मोहन जोशी ने कहा कि पुलिस ने कार्यक्रम की अनुमति दे दी है और आयोजक उनके द्वारा रखी गई सभी शर्तों का पालन करेंगे।
उन्होंने कहा कि अनुमति देते समय पुलिस द्वारा कुल 30 शर्तें तय की गई हैं। अनुमति के तहत आयोजकों को पर्याप्त सुरक्षा, पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग व्यवस्था, पर्याप्त प्रवेश और निकास द्वार, पीने का पानी, शौचालय, अग्नि-सुरक्षा उपकरण और पार्किंग सुविधाएं सुनिश्चित करने की भी आवश्यकता है। पुलिस ने आयोजन स्थल पर फोटोग्राफी के लिए ड्रोन के इस्तेमाल पर भी रोक लगा दी है और आयोजकों को निर्देश दिया है कि पुलिस, चिकित्सा और अग्निशमन सेवाओं के लिए आपातकालीन पहुंच उपलब्ध रहे।
यह अनुमति यातायात विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र मिलने पर निर्भर करेगी। पुलिस ने कहा कि कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाली किसी भी अवैध गतिविधि का पता चलने पर इसे किसी भी समय रद्द किया जा सकता है। अनुमति में यह भी कहा गया है कि यदि स्थान को लेकर कोई विवाद उत्पन्न होता है, तो अनुमति तुरंत रद्द कर दी जाएगी।
BJP का Congress पर हमला: Vande Mataram के दो पद गाने पर पार्टी को बताया नई मुस्लिम लीग
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस द्वारा भविष्य में पार्टी के सभी कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के केवल शुरुआती दो पद गाने के फैसले की बुधवार को निंदा करते हुए कहा कि राष्ट्रीय गीत के पूरे संस्करण के खिलाफ अपने ‘अड़ियल’ रुख से मुख्य विपक्षी पार्टी ने आजादी की लड़ाई की ‘एकमात्र कॉपीराइट धारक’ होने के अपने ही दावे को पूरी तरह से खंडित कर दिया है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि वंदे मातरम् पर अपनी सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था के 1937 के प्रस्ताव पर कायम रहने के फैसले के साथ कांग्रेस भी एक ‘नयी मुस्लिम लीग’ बन गई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के फैसले ने देश के प्रति उसकी ‘देशभक्ति और निष्ठा’ पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी)ने बुधवार को वंदे मातरम् पर अपनी सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था के 1937 के प्रस्ताव का पालन करने का फैसला किया। इसके तहत अब से पार्टी के सभी कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत के केवल दो अंतरे ही गाए जाएंगे। कांग्रेस का यह फैसला तब आया जब भाजपा ने उसके नेताओं पर पार्टी कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम्’ का पूरा संस्करण न गाकर उसका अपमान करने का आरोप लगाया।
त्रिवेदी ने कांग्रेस के निर्णय को ‘बेहद निंदनीय’ करार देते हुए कहा, ‘‘इस फैसले ने आजादी की लड़ाई का एकमात्र कॉपीराइट धारक होने के कांग्रेस के स्व-घोषित दावे को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया है।’’ भाजपा नेता ने कहा कि इस फैसले से कांग्रेस ने यह भी साबित कर दिया है कि वह खुद को ‘‘संविधान, संसद और देश’’ से ऊपर मानती है। उन्होंने कहा, ‘‘वर्ष 1931 में मुस्लिम लीग ने ‘वंदे मातरम्’ के पूर्ण संस्करण का पुरजोर तरीके से विरोध किया था। उसी तरह की जिद दिखाते हुए, कांग्रेस ने आज अपनी बैठक में ‘वंदे मातरम्’ पर फैसला लिया है, जबकि संसद ने (वंदे मातरम् का पूरा संस्करण गाने को लेकर) एक कानून पारित किया है।’’ त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ‘नयी मुस्लिम लीग’ बन गई है।
उन्होंने रेखांकित किया कि वर्ष 1937 में मुस्लिम लीग ने ही ‘वंदे मातरम्’ के पूरे संस्करण का विरोध किया था। भाजपा के राज्यसभा सदस्य त्रिवेदी ने कहा, ‘‘ऐसे शर्मनाक अध्याय को भुलाने या स्थिति को सुधारने के बजाय, कांग्रेस ने इसे अपना लिया है। इससे पार्टी की मौजूदा हालत का पता चलता है।
अब इसमें कोई शक नहीं रह गया है कि देश के प्रति उसकी निष्ठा पूरी तरह से संदेह के घेरे में है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi








