Responsive Scrollable Menu

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में शांति मार्च में जोरदार धमाका, 9 लोगों की मौत

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में रविवार को एक बड़ा धमाका सामने आया है. स्वात जिले के काबल टाउन में शांति मार्च के दौरान जोरदार विस्फोट हो गया. इसमें कम से कम सात लोगों की मौत हो गई. वहीं 18 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. शुरुआती जानकारी के तहत यह धमाका आत्मघाती हमला माना जा रहा है. हालांकि इस बारे में अभी तक किसी तरह की कोई अधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है. 

Continue reading on the app

दिल्ली-6 की छतों से गायब हुई पतंगबाजी, जानिए कैसे फीकी पड़ी पुरानी दिल्ली की यह सांस्कृतिक शान

Delhi Kite Flying Culture: सावन का महीना आते ही कभी दिल्ली-6 की छतों पर पतंगबाजी शुरू हो जाती थी. सुबह से शाम तक आसमान में रंग-बिरंगी पतंगें नजर आती थीं. बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी छतों पर जमा होते थे. पतंगों के पेच लड़ते थे और किसी की पतंग कटते ही गलियों में "वो काटा" की आवाज गूंज उठती थी. लेकिन अब दिल्ली-6 के आसमान में पहले जैसी पतंगें नजर नहीं आतीं.

पतंगबाजी थी पुरानी दिल्ली की पहचान

पुरानी दिल्ली में पतंगबाजी सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि यहां की संस्कृति का हिस्सा रही है. गर्मी हो या सावन का मौसम, पतंग उड़ाने के बहाने परिवार और दोस्त घंटों छतों पर साथ रहते थे. पतंग कटने के बाद कटी पतंग के पीछे भागते बच्चों की तस्वीर भी दिल्ली-6 की पहचान हुआ करती थी. उस दौर में पतंगबाजी लोगों को एक-दूसरे से जोड़ती थी. छतों पर होने वाली महफिलों में रिश्ते मजबूत होते थे और लोगों के बीच अपनापन और मिठास देखने को मिलती थी.

फिल्मों में भी दिखी दिल्ली की पतंगबाजी

दिल्ली की पतंगबाजी का जिक्र फिल्मों में भी देखने को मिला है. कई फिल्मों में पतंग को बचपन, सपनों, उम्मीद और आजादी से जोड़कर दिखाया गया. पुरानी दिल्ली की गलियों और छतों पर होने वाली पतंगबाजी ने सिनेमा को भी अपनी ओर आकर्षित किया.

पतंग कारोबार पर पड़ा बड़ा असर

पतंगबाजी से जुड़े व्यापारियों के लिए भी यह कारोबार कभी अच्छी कमाई का जरिया था. दिल्ली-6 में कई परिवार पीढ़ियों से पतंग बनाने और बेचने का काम करते आए हैं. दुकानों पर अलग-अलग आकार और रंगों की पतंगें सजी रहती थीं. सावन और त्योहारों के दिनों में इन दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ रहती थी. व्यापारियों का कहना है कि पतंग का कारोबार उनका पुश्तैनी काम है और पहले दिल्ली-6 में बड़े पैमाने पर पतंग उड़ाई जाती थी. बाजार में भी काफी रौनक रहती थी, लेकिन अब इस कारोबार पर काफी असर पड़ा है.

मोबाइल और सोशल मीडिया ने बदली नई पीढ़ी की पसंद

व्यापारियों के मुताबिक, आजकल युवा मोबाइल, इंटरनेट और सोशल मीडिया में ज्यादा समय बिता रहे हैं. ऐसे में पतंग उड़ाने का चलन धीरे-धीरे कम होता जा रहा है. उनका कहना है कि आने वाले समय में शायद पतंगबाजी की रौनक कुछ हद तक वापस लौटे, लेकिन इसमें समय लगेगा.

चीनी मांझे पर रोक का भी पड़ा प्रभाव

खतरनाक चीनी मांझे के बाजार में आने के बाद भी पतंगबाजी को लेकर कई तरह की घटनाएं सामने आईं. इसके बाद प्रशासन ने चीनी मांझे पर रोक लगाई और इसके खिलाफ कार्रवाई भी की. व्यापारियों का कहना है कि चीनी मांझे पर रोक लोगों और पक्षियों की सुरक्षा के लिए जरूरी है, लेकिन इसका असर पतंग के कारोबार पर भी पड़ा है. अब सुरक्षित डोर के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जा रहा है.

महंगाई से बढ़ी कारोबारियों की मुश्किलें

महंगाई ने भी पतंग कारोबारियों और खरीदारों दोनों की मुश्किलें बढ़ाई हैं. व्यापारियों के मुताबिक, जो पतंग पहले एक रुपये में मिल जाती थी, उसकी कीमत अब करीब पांच रुपये तक पहुंच गई है. कच्चे माल और अन्य खर्च बढ़ने से पतंग की कीमत भी बढ़ी है, जिसका सीधा असर बिक्री पर पड़ रहा है.

बुजुर्गों की यादों में आज भी जिंदा है पतंगबाजी

दिल्ली-6 के बुजुर्ग आज भी उस दौर को याद करते हैं, जब आसमान पतंगों से भरा रहता था और छतों पर पतंग उड़ाने वालों की भीड़ होती थी. उनका कहना है कि उस समय पतंगबाजी सिर्फ एक खेल नहीं थी, बल्कि लोगों को जोड़ने का जरिया थी. छतों पर परिवार और पड़ोसी साथ आते थे, बच्चों की हंसी गूंजती थी और लोगों के बीच रिश्तों की एक अलग ही मिठास दिखाई देती थी.

यादें बाकी हैं, रौनक लौटने का इंतजार

आज आसमान कुछ खाली है, लेकिन पतंगों से जुड़ी यादें लोगों के दिलों में अब भी मौजूद हैं. पतंग सिर्फ कागज और डोर का खेल नहीं है. दिल्ली-6 के लिए यह बचपन की याद, परिवार की खुशी, रिश्तों की मिठास और कई छोटे व्यापारियों की रोजी-रोटी से जुड़ी है. व्यापारियों को उम्मीद है कि सुरक्षित डोर के साथ धीरे-धीरे इस पुराने कारोबार में फिर रौनक लौटेगी, लेकिन इसके लिए समय और नई पीढ़ी की दिलचस्पी दोनों जरूरी हैं.

यह भी पढ़ें: दिल्ली में अवैध ओवरस्टे पर पुलिस का शिकंजा, 6 बांग्लादेशी नागरिक पकड़े गए; डिपोर्ट करने की प्रक्रिया शुरू

Continue reading on the app

  Sports

The hundred: मोहम्मद आमिर ने काव्या मारन की टीम से छीनी जीत, लगातार 10 गेंदों में ऐसे पलट दिया मैच

The Hundred 2026: द हंड्रेड 2026 के 17वें मुकाबले में ट्रेंट रॉकेट्स ने शानदार प्रदर्शन दिखाया और सनराइजर्स लीड्स के खिलाफ रोमांचक जीत हासिल की. इस दौरान पाकिस्तान के अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर ने मैच का पासा पलट दिया. Sun, 02 Aug 2026 22:57:18 +0530

  Videos
See all

Imran Masood On Sonam Vangchuk: वांगचुक पर क्या बोलकर इमरान मसूद ने चौंकाया ? #shorts #ytshorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-02T18:36:50+00:00

Pappu Yadav Angry: 'मेरे बच्चों को डरा..' पप्पू यादव का दावा ! #shorts #ytshorts #pappuyadav #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-02T18:37:40+00:00

Pappu Yadav Angry: 'कोई कह रहा जला दो, मार दो..' #shorts #ytshorts #pappuyadav #biharcrime #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-02T18:39:19+00:00

Weather Update: IMD का नया अलर्ट जारी! जानें आपके राज्य में कैसी रहेगी बारिश? Weather News #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-02T18:45:07+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers