भौतिक एआई की वैश्विक दौड़ शुरू, भारत के पास अच्छे अवसर: एडवर्ब सीईओ
भौतिक एआई की वैश्विक दौड़ शुरू, भारत के पास अच्छे अवसर: एडवर्ब सीईओबॉडी बिल्डिंग का शॉर्टकट पड़ सकता है भारी: स्टेरॉइड सप्लीमेंट्स लेने से पहले जान लें 5 रिस्क! शरीर को हो सकता है बड़ा नुकसान
Steroid Supplements: आजकल फिट और मस्कुलर बॉडी बनाने का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है। जिम में घंटों पसीना बहाने के साथ कई लोग जल्दी रिजल्ट पाने के लिए स्टेरॉइड सप्लीमेंट्स या एनाबॉलिक स्टेरॉइड्स का सहारा लेने लगते हैं। हालांकि कुछ समय के लिए मांसपेशियां तेजी से बढ़ती हुई नजर आ सकती हैं, लेकिन इसके पीछे छिपे गंभीर स्वास्थ्य जोखिम अक्सर नजरअंदाज कर दिए जाते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, बिना डॉक्टर की सलाह के स्टेरॉइड्स का इस्तेमाल शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों पर बुरा असर डाल सकता है। हार्मोनल गड़बड़ी से लेकर लिवर, हार्ट और मानसिक स्वास्थ्य तक पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। अगर आप भी बॉडी बनाने के लिए ऐसे प्रोडक्ट्स लेने की सोच रहे हैं, तो पहले इनके संभावित नुकसान जरूर जान लें।
स्टेरॉइड सप्लीमेंट्स से हो सकते हैं ये 5 बड़े नुकसान
हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ सकता है
स्टेरॉइड्स का लंबे समय तक इस्तेमाल करने से ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है और शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ने लगता है। वहीं अच्छा कोलेस्ट्रॉल कम हो सकता है। इससे हार्ट अटैक, स्ट्रोक और अन्य दिल संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। कम उम्र में भी गंभीर कार्डियोवैस्कुलर समस्याएं देखने को मिल सकती हैं।
लिवर को पहुंच सकता है गंभीर नुकसान
कुछ ओरल एनाबॉलिक स्टेरॉइड्स लिवर पर अतिरिक्त दबाव डालते हैं। लंबे समय तक सेवन करने से लिवर एंजाइम बढ़ सकते हैं, फैटी लिवर, लिवर डैमेज या दुर्लभ मामलों में लिवर ट्यूमर जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। इसलिए बिना चिकित्सकीय निगरानी के इनका सेवन जोखिम भरा माना जाता है।
हार्मोनल असंतुलन और प्रजनन क्षमता पर असर
पुरुषों में स्टेरॉइड्स का अधिक उपयोग शरीर में प्राकृतिक टेस्टोस्टेरोन के उत्पादन को कम कर सकता है। इससे शुक्राणुओं की संख्या घट सकती है, प्रजनन क्षमता प्रभावित हो सकती है और टेस्टिकल्स का आकार भी छोटा हो सकता है। महिलाओं में आवाज भारी होना, अनचाहे बाल बढ़ना और मासिक धर्म में अनियमितता जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ सकता है असर
स्टेरॉइड्स का असर केवल शरीर पर ही नहीं बल्कि दिमाग पर भी पड़ता है। इनके सेवन से चिड़चिड़ापन, गुस्सा, आक्रामक व्यवहार, चिंता, अवसाद और मूड स्विंग जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कुछ मामलों में स्टेरॉइड्स छोड़ने के बाद मानसिक तनाव और डिप्रेशन भी देखा गया है।
किडनी और त्वचा से जुड़ी समस्याएं
लंबे समय तक स्टेरॉइड्स लेने से किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। इसके अलावा चेहरे और शरीर पर मुंहासे, ऑयली स्किन, बाल झड़ना और संक्रमण का खतरा भी बढ़ सकता है। कुछ लोगों में शरीर में पानी जमा होने से सूजन और वजन तेजी से बढ़ने जैसी समस्याएं भी सामने आती हैं।
बॉडी बनाने का सही और सुरक्षित तरीका
- संतुलित और हाई-प्रोटीन डाइट लें।
- नियमित स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करें।
- पर्याप्त नींद और रिकवरी पर ध्यान दें।
- केवल प्रमाणित और जरूरत होने पर ही सप्लीमेंट्स लें।
- किसी भी हार्मोन या स्टेरॉइड का उपयोग डॉक्टर या योग्य स्पोर्ट्स मेडिसिन विशेषज्ञ की सलाह के बिना न करें।
(Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई सामग्री सिर्फ जानकारी के लिए है। हरिभूमि इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी सलाह या सुझाव को अमल में लेने से पहले किसी विशेषज्ञ/डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)
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लेखक: (कीर्ति)
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