Narendra Modi को धमकी देने के मामले में झारखंड में प्राथमिकी दर्ज
रांची, दो अगस्त झारखंड पुलिस ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ‘जान से मारने की धमकी’ देने के आरोप में एक व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। रांची जिले के नगरी पुलिस थाने में शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नगरी मंडल अध्यक्ष रितेश राज महतो की शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई।
नगरी पुलिस थाने के प्रभारी अभिषेक राय ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि शिकायत के अनुसार, उसी पुलिस थाना क्षेत्र के साहेर गांव के रहने वाले अलीम अंसारी ने सोशल मीडिया पर एक आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें उसने मोदी, शाह और आदित्यनाथ के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल किया और उन्हें जान से मारने की धमकी दी। उन्होंने कहा, ‘‘हमने आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपी ने आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट करके सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने की कोशिश की और संवैधानिक पदों का खुलेआम अपमान किया।’’ अधिकारी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहित (बीएनएस) की सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
जांच पूरी होने के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया जाएगा।
Neet पेपर लीक मामले की त्वरित अदालत की विशेष न्यायाधीश अनु ग्रोवर बालीगा का तबादला
नयी दिल्ली, दो अगस्त दिल्ली उच्च न्यायालय ने प्रश्नपत्र लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए गठित विशेष त्वरित अदालत की न्यायाधीश अनु ग्रोवर बालीगा समेत 137 न्यायाधीशों का तबादला कर दिया है। विशेष न्यायाधीश बालीगा ने 25 जुलाई को कार्यभार संभालने के बाद त्वरित अदालत में मुश्किल से एक सप्ताह ही पूरा किया था। नीट समेत प्रश्नपत्र लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई पहले कर रहे विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता अब उनकी जगह लेंगे।
शनिवार को जारी उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार, न्यायाधीश बालीगा का तबादला राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) अधिनियम के तहत गठित विशेष अदालत में किया गया है, जहां वह आतंकवाद से जुड़े मामलों की सुनवाई करेंगी। आतंकवाद से जुड़े मामलों की सुनवाई करने वाले एनआईए के अन्य नए विशेष न्यायाधीशों में विकास ढुल, प्रशांत शर्मा, पुलस्त्य प्रमाचल, किरण बंसल और अमित बंसल शामिल हैं। उच्च न्यायालय ने सार्वजनिक परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक और अन्य अनुचित साधनों के इस्तेमाल से जुड़े आपराधिक मामलों की सुनवाई के लिए 23 जुलाई को एक विशेष अदालत अधिसूचित की थी।
इसके बाद न्यायाधीश बालीगा की वहां नियुक्ति की गई थी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रश्नपत्र लीक के मामलों का त्वरित निपटारा सुनिश्चित करने के लिए त्वरित अदालतें स्थापित करने की घोषणा की थी। नीट प्रश्नपत्र लीक मामले की पहली सुनवाई 27 जुलाई को हुई थी, लेकिन बचाव पक्ष के वकील के अनुरोध पर कार्यवाही स्थगित कर दी गई थी।
इसके बाद न्यायाधीश ने मामले को सोमवार के लिए सूचीबद्ध किया, ताकि सीबीआई के आरोपपत्र और दो आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर विचार किया जा सके। इस मामले में सीबीआई ने 13 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने तीन मई को आयोजित राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (स्नातक) को प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के चलते 12 मई को रद्द कर दिया था। इसके बाद 21 जून को परीक्षा दोबारा आयोजित की गई।
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