Maruti Suzuki ने जुलाई में दर्ज किया रिकॉर्ड उत्पादन, 2.48 लाख से अधिक वाहन बनाए
नयी दिल्ली, दो अगस्त देश की सबसे बड़ी वाहन विनिर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया (एमएसआई) ने जुलाई में अपना रिकॉर्ड मासिक उत्पादन दर्ज किया है। जुलाई में कंपनी ने 2,48,845 वाहनों का उत्पादन किया, जो पिछले साल के इसी महीने के आंकड़े 1,87,073 इकाई के मुकाबले 33 प्रतिशत अधिक है। कंपनी का इससे पहले का सर्वश्रेष्ठ मासिक उत्पादन रिकॉर्ड मार्च, 2026 में बना था, जब उसने 2,31,933 वाहनों का विनिर्माण किया था।
मारुति सुजुकी के वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी (विपणन एवं बिक्री) पार्थो बनर्जी ने बताया कि रिकॉर्ड उत्पादन के बावजूद डीलर नेटवर्क में वाहन का स्टॉक सामान्य स्तर से काफी कम है। जुलाई में कंपनी की खुदरा बिक्री 1.78 लाख इकाई रही। उन्होंने कहा कि डीलर नेटवर्क में मौजूदा स्टॉक करीब 16 दिन का है, जबकि उद्योग का औसत लगभग 30 दिन का रहता है।
कंपनी के पास करीब 1.6 लाख वाहनों की बुकिंग लंबित है। कंपनी ने जुलाई में घरेलू बाजार में यात्री वाहनों की अब तक की सबसे अधिक थोक बिक्री दर्ज की। इस दौरान कंपनी ने 1,96,203 यात्री वाहन बेचे, जो जुलाई, 2025 के 1,37,776 वाहन की तुलना में 43 प्रतिशत अधिक है।
हल्के वाणिज्यिक वाहनों को शामिल करने पर कुल घरेलू बिक्री 2,00,123 इकाई के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। उत्पादन के मामले में कंपनी ने जुलाई में ऑल्टो और एस-प्रेसो की 13,964 इकाइयों का विनिर्माण किया, जबकि पिछले साल इसी महीने यह आंकड़ा 11,484 इकाई था। वहीं, बलेनो, सेलेरियो और स्विफ्ट जैसे कॉम्पैक्ट मॉडल का उत्पादन बढ़कर 1,13,067 इकाई हो गया, जो पिछले वर्ष के समान महीने के आंकड़े 87,950 इकाई से 29 प्रतिशत अधिक है।
कंपनी के लोकप्रिय यूटिलिटी वाहन ब्रेजा, अर्टिगा और फ्रॉन्क्स का उत्पादन भी तेजी से बढ़ा। जुलाई में इन मॉडल की 1,02,787 इकाइयों का उत्पादन हुआ, जबकि पिछले साल जुलाई में यह आंकड़ा 70,241 इकाई था। इसमें 46 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
इसके अलावा ईको वैन का उत्पादन 14,627 इकाई रहा, जो पिछले साल के 13,610 इकाई से सात प्रतिशत अधिक है। वहीं, हल्के वाणिज्यिक वाहन सुपर कैरी का उत्पादन बढ़कर 4,400 इकाई हो गया, जो पिछले साल समान महीने में 3,788 इकाई था। हंसलपुर स्थित चौथे संयंत्र (प्लांट डी) में उत्पादन शुरू होने के बाद मारुति सुजुकी की हरियाणा और गुजरात स्थित कारखानों की कुल उत्पादन क्षमता बढ़कर 29 लाख इकाई सालाना की हो गई है।
Andhra Pradesh में Godavari नदी का जलस्तर घटा, बैराज पर पानी का भारी प्रवाह जारी
अमरावती, दो अगस्त आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एपीएसडीएमए) ने रविवार को कहा कि भद्राचलम में गोदावरी नदी का जलस्तर घटने लगा है और वहां से दूसरे स्तर की चेतावनी को वापस ले लिया गया है। हालांकि, दौलेश्वरम बैराज पर अब भी भारी मात्रा में बाढ़ का पानी प्रवाहित हो रहा है। प्राधिकरण के अनुसार, भद्राचलम में गोदावरी का जलस्तर 47.9 फुट, कुनावरम में 21.5 मीटर और पोलावरम में 13.3 मीटर दर्ज किया गया।
वहीं, दौलेश्वरम बैराज पर पानी का प्रवाह और निकास 14.6 लाख क्यूसेक दर्ज किया गया। दौलेश्वरम, पूर्वी गोदावरी जिले के राजमुंदरी के निकट स्थित है। एपीएसडीएमए के प्रबंध निदेशक प्रखर जैन ने एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा, ‘‘भद्राचलम में गोदावरी नदी में बाढ़ का प्रवाह कम हो रहा है और वहां से दूसरे स्तर की चेतावनी वापस ले ली गयी है।
हालांकि, दौलेश्वरम बैराज पर अब भी भारी मात्रा में बाढ़ का पानी बह रहा है।’’ उन्होंने लोगों से अपील की कि वे उफनते नालों और जलमग्न पुलियों को पार करने का प्रयास न करें तथा राहत एवं बचाव कार्य में लगे अधिकारियों का सहयोग करें। जैन ने लोगों को यह भी चेतावनी दी कि वर्तमान बाढ़ की स्थिति को देखते हुए गोदावरी नदी में यात्रा, स्नान, तैराकी या मछली पकड़ने जैसी गतिविधियों से बचें, क्योंकि मौजूदा परिस्थितियों में ये गतिविधियां अत्यंत जोखिमपूर्ण हैं।
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