रूस पर यूक्रेन का सबसे बड़ा ड्रोन हमला:6 की मौत; मॉस्को के पास ई-कॉमर्स गोदाम में आग लगी; रूस ने 1400 ड्रोन मार गिराए
यूक्रेन ने रविवार को रूस पर युद्ध शुरू होने के बाद अब तक का सबसे बड़े ड्रोन हमला किया है। इसमें कम से कम 6 लोगों की मौत हो गई। इन ड्रोन हमलों में मॉस्को के पास रूसी ई-कॉमर्स कंपनी वाइल्डबेरिज के डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर में आग लग गई। यह गोदाम करीब 2 लाख वर्ग मीटर में फैला है। सामने आई तस्वीरों में इमारत का बड़ा हिस्सा आग की चपेट में दिखाई दिया। आसमान में दूर तक काला धुआं उठता नजर आया। रूस के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उसने पिछले 24 घंटे में 9 यूक्रेनी क्रूज मिसाइल और कुल 1,478 ड्रोन मार गिराए हैं। मॉस्को के मेयर सर्गेई सोब्यानिन ने बताया कि करीब 600 ड्रोन राजधानी की ओर दागे गए थे। उन्होंने इसे पिछले दो साल में मॉस्को पर हुआ सबसे बड़ा हवाई हमला बताया। गोदाम में आग की तस्वीरें… रूस के हमलों में यूक्रेन में 7 लोगों की मौत इसी दौरान रूस ने भी रविवार को यूक्रेन पर ड्रोन और मिसाइल से हमले किए। इन हमलों में कम से कम 7 लोगों की मौत हुई। राजधानी कीव भी पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया गया। इसमें 6 लोग घायल हुए और राजधानी में कई जगह आग लग गई। कीव के ओबोलोंस्की जिले में पेट्रोव्का बुक मार्केट का बड़ा हिस्सा जल गया। द गार्डियन की रिपोर्ट के मुताबिक, आग में उनकी किताबों का पूरा स्टॉक नष्ट हो गया। कीव में हमले के बाद की तस्वीरें… जेलेंस्की बोले- रूस नागरिक इलाकों को निशाना बना रहा यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की रूस पर नागरिक इलाकों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने का आरोप लगाया। जेलेंस्की ने कहा कि रूस अपनी पहुंच वाले इलाकों में नागरिक ढांचे पर हमला कर रहा है। उनके मुताबिक, पिछले एक हफ्ते में रूस ने यूक्रेन के शहरों और दूसरे इलाकों पर 1,550 से ज्यादा ड्रोन, करीब 1,560 गाइडेड बम और 62 मिसाइल दागीं। इनमें बड़ी संख्या बैलिस्टिक मिसाइलों की थी। बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकना यूक्रेन के लिए बड़ी चुनौती यूक्रेन धीमी गति से आने वाले ड्रोन को रोकने में काफी हद तक सफल रहा है। लेकिन तेज गति से आने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकना उसके लिए बड़ी चुनौती है। ऐसी मिसाइलों को रोकने में अमेरिका की पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम अहम भूमिका निभाती है। हालांकि, लगातार हो रहे रूसी हमलों के कारण यूक्रेन के पास इन इंटरसेप्टर मिसाइलों का भंडार सीमित हो गया है। हालांक, जेलेंस्की ने अमेरिका और यूरोपीय देशों से तुरंत और पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम के इंटरसेप्टर मिसाइल भेजने की अपील की है। उन्होंने कहा कि ये मिसाइलें लोगों की जान बचाने के लिए हैं, इसलिए इन्हें गोदामों में रखने के बजाय यूक्रेन भेजा जाना चाहिए। यूक्रेन ने 1,500 मील तक हमला करने की क्षमता बढ़ाई यूक्रेन ने 2026 में अपनी लंबी दूरी की ड्रोन और मिसाइल क्षमता में तेजी से इजाफा किया है। द गार्डियन की रिपोर्ट के मुताबिक, अब वह रूस की सीमा से करीब 1,500 मील दूर तक मौजूद ठिकानों को निशाना बनाने में सक्षम है। यूक्रेन इन हथियारों से रूस के गोदामों, तेल रिफाइनरियों, बंदरगाहों और सैन्य ठिकानों पर हमले कर रहा है। इससे युद्ध में पहली बार रूस की लंबी दूरी तक हमला करने की क्षमता को कड़ी चुनौती मिल रही है। दोनों देशों की एयर डिफेंस यानी हवाई हमलों को रोकने वाले सिस्टम पर भी लगातार दबाव बढ़ रहा है। यूक्रेन रूसी कंपनी वाइल्डबेरीज को क्यों निशाना बना रहा? पिछले एक महीने में यूक्रेन ने वाइल्डबेरीज से जुड़ी कई इमारतों और सुविधाओं को निशाना बनाया है। कंपनी रूस के ऑनलाइन कारोबार में बड़ी भूमिका निभाती है और इसके डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर देशभर में फैले हैं। यूक्रेन के हमलों में करीब 20 गोदामों और दूसरी इमारतों को निशाना बनाए जाने की बात सामने आई है। द गार्डियन के मुताबिक ऐसे हमलों का मकसद रूस की सप्लाई चेन और अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ाना हो सकता है। --------------------- यह खबर भी पढ़ें… जेलेंस्की ने अमेरिका और यूरोपीय देशों से पैट्रियट मिसाइलें मांगी: बोले- यूक्रेन भेजो, गोदामों में न रखो; रूस के हमले में 9 की मौत रूस के ताजा मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने अमेरिका और यूरोपीय देशों से तुरंत पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम के इंटरसेप्टर मिसाइल भेजने की अपील की है। पूरी खबर पढ़ें…
मैं कभी नहीं करूंगा पान मसाला का विज्ञापन, Shubhankar Mishra के पॉडकास्ट में बोले Sunny Deol
बॉलीवुड के ‘ढाई किलो के हाथ’ वाले सनी देओल अपनी फिल्मों के साथ-साथ अपने बेबाक अंदाज के लिए भी जाने जाते हैं। 68 साल की उम्र में भी अभिनेता जिस तरह खुलकर अपनी बात रखते हैं, उसकी एक झलक हाल ही में उनके एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में देखने को मिली। सनी ने बताया कि वह पान मसाला और गुटखा जैसे प्रोडक्ट्स का विज्ञापन क्यों नहीं करते और अगर आगे भी ऐसा कोई ऑफर आता है तो उनका जवाब क्या होगा। शुभांकर मिश्रा के पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान सनी देओल से पूछा गया कि वह उन विज्ञापनों में क्यों नजर नहीं आते, जिनमें बॉलीवुड के कई बड़े सितारे दिखाई देते रहे हैं। इस सवाल पर अभिनेता ने बिना घुमाए-फिराए अपनी बात रखी।
सनी ने साफ कहा कि वह पान मसाला के विज्ञापन नहीं करते और भविष्य में भी ऐसा करने का उनका कोई इरादा नहीं है। उनके मुताबिक, इस तरह के ऑफर उन्हें मिलते जरूर हैं, लेकिन वह उन्हें स्वीकार नहीं करते क्योंकि वह उन चीजों को प्रमोट नहीं करना चाहते, जिन पर खुद भरोसा नहीं करते। अभिनेता ने बातचीत में कहा कि वह जिंदगी में कई ऐसे काम नहीं करते, जिन्हें करने के लिए उनका जमीर उन्हें इजाजत नहीं देता। वहीं, जिन चीजों को लेकर वह सहज होते हैं, उन्हें करने में उन्हें कोई परेशानी नहीं होती। यानी मामला सिर्फ एक विज्ञापन या ब्रांड डील का नहीं है। सनी के लिए यह उनकी निजी सोच और उसूलों से जुड़ा फैसला है। उनका मानना है कि अगर किसी चीज को वह खुद सही नहीं मानते तो सिर्फ पैसे या लोकप्रियता के लिए उसका चेहरा बनना उन्हें ठीक नहीं लगता।
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सनी ने पान मसाला और गुटखे को लेकर अपनी राय बिल्कुल स्पष्ट रखी। उन्होंने कहा कि वह ऐसी चीजों में विश्वास नहीं रखते और उन्हें नहीं लगता कि इनका प्रचार करना अच्छी बात है। उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब बॉलीवुड सितारों के पान मसाला विज्ञापनों को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। खासकर जब बड़े सितारे किसी ऐसे ब्रांड से जुड़े नजर आते हैं, जिसके विज्ञापन को लेकर सरोगेट एडवरटाइजिंग के सवाल उठते हैं।
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इंटरव्यू में सनी से यह भी पूछा गया कि अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान, ऋतिक रोशन और अजय देवगन जैसे सितारे जहां लगातार अलग-अलग ब्रांड्स के विज्ञापनों में नजर आते हैं, वहीं वह विज्ञापनों से काफी दूर दिखाई देते हैं। इस पर सनी ने मजाकिया अंदाज में कहा कि उन्हें खुद नहीं पता कि विज्ञापन उनके पास क्यों नहीं आते। उन्होंने कहा कि जिस तरह एक समय फिल्मों के ऑफर भी उनके पास नहीं आ रहे थे, उसी तरह विज्ञापनों को लेकर भी उन्हें कोई खास जानकारी नहीं है।
सनी देओल का यह बयान ऐसे वक्त आया है जब महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने पान मसाला विज्ञापन को लेकर बॉलीवुड के तीन बड़े सितारों—अजय देवगन, शाहरुख खान और टाइगर श्रॉफ—को नोटिस जारी किया है। महाराष्ट्र FDA ने इन कलाकारों से एक Vimal Elaichi विज्ञापन में उनकी भूमिका को लेकर जवाब मांगा है। नियामक का दावा है कि विज्ञापन का संबंध Vimal Pan Masala ब्रांड से जोड़ा जा सकता है और यह अप्रत्यक्ष या सरोगेट विज्ञापन के दायरे में आ सकता है। FDA ने यह कार्रवाई राज्य में तंबाकू और पान मसाला की बिक्री और प्रचार के खिलाफ अपनी सख्ती बढ़ाने के बीच की है। जारी किए गए नोटिस में कलाकारों से इस विज्ञापन को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया है। मामला फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 के तहत अप्रत्यक्ष प्रचार के सवाल से भी जुड़ा है।
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विज्ञापनों से दूरी की बात भले ही सनी ने साफ कर दी हो, लेकिन फिल्मों के मोर्चे पर अभिनेता लगातार सक्रिय हैं। इन दिनों वह ‘Batwara 1947’ में नजर आ रहे हैं। फिल्म में उनके साथ प्रीति जिंटा, शबाना आजमी, करण देओल और अली फजल भी अहम भूमिकाओं में हैं। कहानी का बैकड्रॉप भारत के विभाजन का दौर है। इसके बाद सनी देओल की अगली बड़ी फिल्म ‘Ramayana’ है, जिसका निर्देशन नितेश तिवारी कर रहे हैं। इस फिल्म में सनी भगवान हनुमान की भूमिका निभाते नजर आएंगे। कुल मिलाकर, सनी देओल ने यह साफ कर दिया है कि ब्रांड एंडोर्समेंट के मामले में वह अपनी पसंद और निजी विश्वास से समझौता करने के मूड में नहीं हैं। फिल्मों में किरदार बदल सकते हैं, लेकिन किसी प्रोडक्ट को अपना चेहरा देने से पहले वह यह जरूर देखते हैं कि वह खुद उस चीज के बारे में क्या सोचते हैं।
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