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मैं कभी नहीं करूंगा पान मसाला का विज्ञापन, Shubhankar Mishra के पॉडकास्ट में बोले Sunny Deol

बॉलीवुड के ‘ढाई किलो के हाथ’ वाले सनी देओल अपनी फिल्मों के साथ-साथ अपने बेबाक अंदाज के लिए भी जाने जाते हैं। 68 साल की उम्र में भी अभिनेता जिस तरह खुलकर अपनी बात रखते हैं, उसकी एक झलक हाल ही में उनके एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में देखने को मिली। सनी ने बताया कि वह पान मसाला और गुटखा जैसे प्रोडक्ट्स का विज्ञापन क्यों नहीं करते और अगर आगे भी ऐसा कोई ऑफर आता है तो उनका जवाब क्या होगा। शुभांकर मिश्रा के पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान सनी देओल से पूछा गया कि वह उन विज्ञापनों में क्यों नजर नहीं आते, जिनमें बॉलीवुड के कई बड़े सितारे दिखाई देते रहे हैं। इस सवाल पर अभिनेता ने बिना घुमाए-फिराए अपनी बात रखी।

सनी ने साफ कहा कि वह पान मसाला के विज्ञापन नहीं करते और भविष्य में भी ऐसा करने का उनका कोई इरादा नहीं है। उनके मुताबिक, इस तरह के ऑफर उन्हें मिलते जरूर हैं, लेकिन वह उन्हें स्वीकार नहीं करते क्योंकि वह उन चीजों को प्रमोट नहीं करना चाहते, जिन पर खुद भरोसा नहीं करते। अभिनेता ने बातचीत में कहा कि वह जिंदगी में कई ऐसे काम नहीं करते, जिन्हें करने के लिए उनका जमीर उन्हें इजाजत नहीं देता। वहीं, जिन चीजों को लेकर वह सहज होते हैं, उन्हें करने में उन्हें कोई परेशानी नहीं होती। यानी मामला सिर्फ एक विज्ञापन या ब्रांड डील का नहीं है। सनी के लिए यह उनकी निजी सोच और उसूलों से जुड़ा फैसला है। उनका मानना है कि अगर किसी चीज को वह खुद सही नहीं मानते तो सिर्फ पैसे या लोकप्रियता के लिए उसका चेहरा बनना उन्हें ठीक नहीं लगता।

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सनी ने पान मसाला और गुटखे को लेकर अपनी राय बिल्कुल स्पष्ट रखी। उन्होंने कहा कि वह ऐसी चीजों में विश्वास नहीं रखते और उन्हें नहीं लगता कि इनका प्रचार करना अच्छी बात है। उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब बॉलीवुड सितारों के पान मसाला विज्ञापनों को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। खासकर जब बड़े सितारे किसी ऐसे ब्रांड से जुड़े नजर आते हैं, जिसके विज्ञापन को लेकर सरोगेट एडवरटाइजिंग के सवाल उठते हैं।

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इंटरव्यू में सनी से यह भी पूछा गया कि अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान, ऋतिक रोशन और अजय देवगन जैसे सितारे जहां लगातार अलग-अलग ब्रांड्स के विज्ञापनों में नजर आते हैं, वहीं वह विज्ञापनों से काफी दूर दिखाई देते हैं। इस पर सनी ने मजाकिया अंदाज में कहा कि उन्हें खुद नहीं पता कि विज्ञापन उनके पास क्यों नहीं आते। उन्होंने कहा कि जिस तरह एक समय फिल्मों के ऑफर भी उनके पास नहीं आ रहे थे, उसी तरह विज्ञापनों को लेकर भी उन्हें कोई खास जानकारी नहीं है।

सनी देओल का यह बयान ऐसे वक्त आया है जब महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने पान मसाला विज्ञापन को लेकर बॉलीवुड के तीन बड़े सितारों—अजय देवगन, शाहरुख खान और टाइगर श्रॉफ—को नोटिस जारी किया है। महाराष्ट्र FDA ने इन कलाकारों से एक Vimal Elaichi विज्ञापन में उनकी भूमिका को लेकर जवाब मांगा है। नियामक का दावा है कि विज्ञापन का संबंध Vimal Pan Masala ब्रांड से जोड़ा जा सकता है और यह अप्रत्यक्ष या सरोगेट विज्ञापन के दायरे में आ सकता है। FDA ने यह कार्रवाई राज्य में तंबाकू और पान मसाला की बिक्री और प्रचार के खिलाफ अपनी सख्ती बढ़ाने के बीच की है। जारी किए गए नोटिस में कलाकारों से इस विज्ञापन को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया है। मामला फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 के तहत अप्रत्यक्ष प्रचार के सवाल से भी जुड़ा है।

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विज्ञापनों से दूरी की बात भले ही सनी ने साफ कर दी हो, लेकिन फिल्मों के मोर्चे पर अभिनेता लगातार सक्रिय हैं। इन दिनों वह ‘Batwara 1947’ में नजर आ रहे हैं। फिल्म में उनके साथ प्रीति जिंटा, शबाना आजमी, करण देओल और अली फजल भी अहम भूमिकाओं में हैं। कहानी का बैकड्रॉप भारत के विभाजन का दौर है। इसके बाद सनी देओल की अगली बड़ी फिल्म ‘Ramayana’ है, जिसका निर्देशन नितेश तिवारी कर रहे हैं। इस फिल्म में सनी भगवान हनुमान की भूमिका निभाते नजर आएंगे। कुल मिलाकर, सनी देओल ने यह साफ कर दिया है कि ब्रांड एंडोर्समेंट के मामले में वह अपनी पसंद और निजी विश्वास से समझौता करने के मूड में नहीं हैं। फिल्मों में किरदार बदल सकते हैं, लेकिन किसी प्रोडक्ट को अपना चेहरा देने से पहले वह यह जरूर देखते हैं कि वह खुद उस चीज के बारे में क्या सोचते हैं।

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हरियाणा के युवक की यूरोप में मौत,बहन ने दी मुखाग्नि:समुद्र देखने गया तो डूबा, ₹15 लाख लगाकर विदेश भेजा था; पिता की पहले मौत हो चुकी

हरियाणा के जींद से यूरोप गए 22 वर्षीय युवक की डूबने से मौत हो गई। वो मॉल्डोवा में दोस्तों के साथ वीकएंड पर समुद्र घूमने गया था। जिस बोट में वो बैठा अचानक से थे, वह डूबने लगी। समुद्र में डूबने से युवक की मौत हो गई। युवक 9 महीने पहले यूरोप स्टडी वीजा पर गया था। पढ़ाई के साथ-साथ वहां पर एक होटल में पार्ट टाइम डिलीवरी बॉय का काम करता था। युवक के परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। इसी कारण उसे विदेश भेजा गया था ताकि वो पढ़ाई के साथ वहां जॉब कर पैसे भेज सके। युवक के पिता की 7 साल पहले मौत हो चुकी है। मां ने रिश्तेदारों से पैसे उधार लेकर इकलौते बेटे को भेजा था। अब 10 लाख रुपए खर्च कर युवक का शव गांव लाया गया। शव गांव पहुंचने पर आज बड़ी बहन ने भाई का अंतिम संस्कार किया और मुखाग्नि दी। 9 महीने पहले स्टडी वीजा पर गया था गांव चांदपुर निवासी निहाल सिंह (22) करीब 9 महीने पहले स्टडी वीजा पर विदेश गया था। वह मॉल्डोवा के चिशिनाउ सिटी में रहकर होटल मैनेजमेंट का कोर्स कर रहा था। पढ़ाई के साथ वह होटल में पार्ट टाइम डिलीवरी बॉय का काम भी करता था। परिवार को उम्मीद थी कि पढ़ाई और कमाई से उसकी और परिवार की आर्थिक स्थिति सुधरेगी। 15 लाख खर्च कर भेजा था विदेश चचेरे भाई प्रवीन कुमार के मुताबिक, निहाल को विदेश भेजने में परिवार ने करीब 15 लाख रुपए खर्च किए थे। मां सुनीता देवी के पास इतने पैसे नहीं थे, इसलिए रिश्तेदारों और जानकारों से रकम जुटाई गई। अब शव भारत लाने में भी करीब 10 लाख रुपए खर्च हुए, जिसमें कुछ राशि परिवार और कुछ भाईचारे से जुटाई गई। 31 जुलाई को नदी में डूबा निहाल प्रवीन ने बताया कि 31 जुलाई को निहाल दोस्तों के साथ घूमने गया था। इसी दौरान मॉल्डोवा की समुद्र से लगती निस्ट्रू रिवर में हुए हादसे में वह डूब गया। हादसे के बाद उसका शव भारत लाने में 17 दिन लग गए। शव गांव पहुंचने के बाद परिवार में मातम छा गया। पिता की मौत के बाद परिवार का सहारा था निहाल के पिता कृष्ण कुमार की 7 साल पहले हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। इसके बाद मां सुनीता देवी ने दोनों बच्चों का पालन-पोषण किया। घर के पास उनकी करियाना की दुकान है। निहाल परिवार का अकेला कमाने वाला था और उसकी मौत से परिवार को बड़ा झटका लगा है। निहाल से परिवार को बड़ी उम्मीदें थीं परिवार को उम्मीद थी कि निहाल विदेश में पढ़ाई पूरी करने के साथ कमाई कर मां और बहन का सहारा बनेगा। उसकी मौत के बाद परिवार की उम्मीदें टूट गईं। गांव में शव पहुंचने के बाद परिवार में मातम छा गया। दोपहल 2 बजे निहाल का अंतिम संस्कार किया गया।

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वैभव सूर्यवंशी को क्रिकेटर बनना है या सिर्फ एंटरटेनर? वर्ल्ड चैंपियन कप्तान अर्जुन रणतुंगा ने दिखाया आईना

Arjuna Ranatunga on Vaibhav Sooryavanshi: श्रीलंका को 1996 वर्ल्ड कप जिताने वाले कप्तान अर्जुन रणतुंगा ने वैभव सूर्यवंशी को लेकर अहम सलाह दी है. रणतुंगा का मानना है कि वैभव अभी बच्चे हैं और उन्हें कमर्शियल चमक-दमक व गैर-जरूरी दबाव से दूर रखना चाहिए. उन्होंने साफ कहा कि टी20 सिर्फ मनोरंजन दे सकता है, असली पहचान टेस्ट क्रिकेट की तकनीक से बनेगी. रणतुंगा ने वैभव को सचिन, द्रविड़ और गावस्कर जैसे दिग्गजों के अनुभवों से सीखने की नसीहत दी है. Thu, 20 Aug 2026 23:08:31 +0530

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