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CWG 2026: गुलवीर सिंह ने 5000 मीटर में रचा इतिहास, एक ही संस्करण में दो मेडल जीतने वाले पहले भारतीय बने

Gulveer Singh: भारतीय लॉन्ग-डिस्टेंस रनर गुलवीर सिंह ने शनिवार को इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया है। वह कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में पुरुषों की 5000 मीटर स्पर्धा में पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए हैं। मौजूदा एशियाई चैंपियन गुलवीर ने इस प्रतियोगिता में कांस्य पदक अपने नाम किया है। इसके साथ ही उन्होंने इस महाकुंभ में अपने शानदार प्रदर्शन को दोहराते हुए डबल मेडल अपने नाम किया है, क्योंकि इससे पहले वह पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में रजत पदक भी जीत चुके हैं।

एक ही संस्करण में दो पदक जीतने वाले पहले एथलीट
इस बड़ी उपलब्धि के साथ गुलवीर सिंह कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में एक ही संस्करण में दो ट्रैक एंड फील्ड मेडल जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट भी बन गए हैं। भारतीय एथलेटिक्स के इतिहास में यह एक ऐतिहासिक और मील का पत्थर साबित होने वाली उपलब्धि है।

एथलेटिक्स प्रतियोगिता के अंतिम दिन गुलवीर ने 13:24.95 का समय निकालकर पुरुषों की 5000 मीटर फाइनल में तीसरा स्थान हासिल किया। केन्या के मैथ्यू किपचुम्बा किपसांग ने 13:23.61 का समय लेकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया, जबकि ऑस्ट्रेलिया के काई रॉबिन्सन (जिन्होंने पहले 10,000 मीटर का खिताब जीता था) ने 13:24.70 के समय के साथ रजत पदक हासिल किया।

कांटे की टक्कर में केन्याई प्रतिद्वंद्वी को पीछे छोड़ा
28 वर्षीय भारतीय धावक, जो 5000 मीटर और 10,000 मीटर दोनों इवेंट्स में राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक भी हैं, पूरी रेस के दौरान लीडिंग ग्रुप के साथ बने रहे और अंतिम लैप में जोरदार फिनिश दी। गुलवीर ने अंतिम चरणों में गजब का संयम दिखाया और केन्या के कॉर्नेलियस केम्बोई को महज 0.04 सेकंड के अंतर से पीछे छोड़ते हुए कांस्य पदक अपने नाम कर लिया। केम्बोई इस साल की शुरुआत में 12:56.02 के अपने पर्सनल बेस्ट के साथ उतरे थे, लेकिन पोडियम से चूक गए।

गौर करने वाली बात यह है कि गुलवीर का यह मेडल-विनिंग समय उनके इस साल के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन (13:03.93) और उनके राष्ट्रीय रिकॉर्ड (12:59.77) से नीचे था, फिर भी यह भारतीय एथलेटिक्स के लिए इतिहास रचने के लिए पर्याप्त साबित हुआ।

इससे पहले इस भारतीय धावक ने 2023 के हांगझोउ एशियाई खेलों में 10,000 मीटर में कांस्य पदक जीता था, जिसके बाद अब उन्होंने इस कॉमनवेल्थ गेम्स में एक रजत और एक कांस्य अपने नाम कर लिया है।

प्रवीण चित्रवेल और सेलवा प्रभु ने भी बढ़ाया भारत का मान
एथलेटिक्स में भारत के लिए शनिवार का दिन बेहद सफल रहा। पुरुषों की ट्रिपल जंप (त्रिस्तरीय कूद) में प्रवीण चित्रवेल ने 16.58 मीटर के शानदार प्रयास के साथ रजत पदक अपने नाम किया। वहीं उनके साथी एथलीट सेलवा प्रभु तिरुमरण ने 16.52 मीटर की छलांग लगाकर कांस्य पदक जीता, जो उनके करियर का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय पदक है। जमैका के जॉर्डन स्कॉट ने 16.72 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

पैरा एथलेटिक्स में सोमन राणा और शुभम जुयाल का जलवा
पैरा एथलेटिक्स प्रतियोगिता में भी भारत का दबदबा देखने को मिला। पुरुषों की F57 शॉट पुट (गोला फेंक) स्पर्धा में सोमन राणा ने सीजन के सर्वश्रेष्ठ 13.40 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। उनके साथी भारतीय एथलीट शुभम जुयाल ने सीजन के बेस्ट 13.28 मीटर के प्रयास के साथ रजत पदक देश की झोली में डाला। इस तरह भारत ने इस स्पर्धा में वन-टू फिनिश हासिल की। वहीं कैमरून के सेड्रिक अज़ामदजी ने 12.57 मीटर के साथ कांस्य पदक हासिल किया।

अन्य स्पर्धाओं में भारत का मिला-जुला प्रदर्शन
अन्य मुकाबलों की बात करें तो महिलाओं की 10,000 मीटर रेस वॉक में प्रियंका गोस्वामी ने सीजन के अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन (45:53.93) के साथ सातवां स्थान हासिल किया, जबकि साथी एथलीट रवीना को डिस्क्वालीफाई कर दिया गया। पुरुषों की पोल वॉल्ट (बांस कूद) में राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक देव कुमार मीना 5.30 मीटर की छलांग लगाकर चौथे स्थान पर रहे, जबकि कुलदीप कुमार 5.10 मीटर के साथ छठे स्थान पर रहे।

इसके अलावा, विशाल टीके, अंसा बाबू, संतोष कुमार तमिलरासन और रशदीप कौर की भारतीय मिक्स्ड 4x400 मीटर रिले टीम ने 3:20.32 के समय के साथ छठा स्थान प्राप्त किया। भले ही एथलेटिक्स में इस बार एबल-बॉडी वर्ग में कोई स्वर्ण पदक हाथ नहीं लगा, लेकिन भारत ने कुल 10 पदकों (पांच रजत और पांच कांस्य) के साथ अपना अभियान समाप्त किया।

नई दिल्ली में 2010 में जीते गए 12 पदकों के बाद कॉमनवेल्थ गेम्स में एथलेटिक्स का यह भारत का दूसरा सबसे बड़ा और बेहतरीन पदक अभियान रहा है।

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