कॉमनवेल्थ गोल्ड मेडलिस्ट जैस्मिन को दादा ने किया था मना:परिवार ने मनाया, एशियाड की हार से उभरी, फिजिकल एजुकेशन में पीजी डिप्लोमा भी कर रही
ग्लासगो (स्कॉटलैंड) में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भिवानी की बॉक्सर जैस्मिन लंबोरिया ने 57 किलोग्राम भारवर्ग में गोल्ड मेडल जीता है। जिसके बाद दैनिक भास्कर ऐप ने जैस्मिन की मां जोगिंदर कौर से बातचीत की और यहां तक के सफर की कहानी जानी। जैस्मिन लंबोरिया की मां जोगिंदर कौर ने कहा कि जैस्मिन ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। देश के लिए गोल्ड मेडल जीतकर सिर गर्व से ऊंचा किया है। बचपन से ही जैस्मिन में खेल भावना थी। आठवीं कक्षा में फुटबाल में भाग लिया था, लेकिन बाद में फुटबाल नहीं कर पाई और बॉक्सिंग शुरू की। उन्होंने बताया कि, शुरुआत में तो जैस्मिन के दादा ने मना कर दिया था, लेकिन उन्हें पीवी सिंधु व मैरी कॉम का उदाहरण देकर मनाया कि ये बेटियां भी किसी की हैं और मेडल लेकर आ रही है। हमारी जैस्मिन भी मेडल लेकर आएगी। इसके बाद दादा ने हामी भरी। परिवार की पहली लड़की जो गेम खेल रही जोगिंदर कौर ने कहा कि, उनके परिवार में पहली लड़की जैस्मिन है, जो खिलाड़ी है। इससे पहले किसी ने गेम नहीं किया। उम्मीद करते हैं कि आगे भी कोई बेटी गेम करे। जैस्मिन के पिता के बचपन में दो-तीन एक्सीडेंट हो गए थे, इसलिए नहीं किया। जोगिंदर कौर ने बताया कि, उन्होंने खुद भी कोई गेम नहीं किया। इसके अंकल बॉक्सिंग करते थे, उनको देखकर प्रेरणा मिली थी। पहले वे घर में पशु पालते थे, इससे घर का ही घी-दूध हो जाता था। उन्होंने कहा कि जैस्मिन सबसे ज्यादा लाडली पिता की है और वह भी पापा को ही ज्यादा पसंद करती है। हालांकि पूरे परिवार की लाडली है। वह घर के कार्य में भी हाथ बंटाती है। जैस्मिन किसी शादी, प्रोग्राम व सिनेमा आदि से दूर रहती है। परिवार में भी कोई कार्यक्रम होता है तो उससे भी दूर रहती है। खेल के साथ पढ़ाई में भी अच्छी जोगिंदर कौर ने कहा कि एशियाड गेम में जैस्मिन जीता हुआ मैच हार गई थी। जिसके बाद यह थोड़ी तो टूट गई थी। लेकिन वह अपनी हिम्मत व हौंसले को नहीं खोती। हार के कुछ समय दुख होता है, लेकिन फिर से वह उठकर आगे की तैयारी में जुट जाती है। पिछली बार कॉमनवेल्थ गेम में भी उसका सपना गोल्ड मेडल जीतने का था, लेकिन वह चूक गई थी। अबकि बार वह कमी बेटी ने पूरी कर दी। जैस्मिन के संघर्षशील दिन तो 12वीं कक्षा के दौरान के थे। उस समय ट्रेनिंग व स्कूल को समय देने के चक्कर में भागती रहती थी। खाने तक का समय नहीं मिलता था। कई बार तो बिना खाना खाए ही स्कूल चली जाती, जिस पर वह खाना पैक करके स्कूल भेजती थी। हालांकि जैस्मिन खेल के साथ-साथ पढ़ाई में भी अच्छी रही है। 10वीं व 12वीं कक्षा में 80 प्रतिशत से ज्यादा अंक हासिल किए है। टीचर आज भी कहते हैं कि जैस्मिन ऐसे बेटी हैं जो खेल व पढ़ाई दोनों में अव्वल रही है। जैस्मिन के पिता होमगार्ड, मां गृहणी बॉक्सर जैस्मिन लंबोरिया के पिता जयवीर लंबोरिया होमगार्ड हैं और उनकी माता जोगिंदर कौर गृहणी हैं। जयवीर लंबोरिया के 4 बच्चे हैं, तीन बेटी और एक छोटा बेटा। जैस्मिन लंबोरिया तीसरे नंबर की है। जैस्मिन घर की पहली लड़की है, जो बॉक्सिंग कर रही हैं। वहीं जैस्मिन फिलहाल फिजिकल एजुकेशन में पीजी डिप्लोमा भी कर रही हैं। 2021 में जैस्मिन ने खेल कोटे से आर्मी को जॉइन किया था। 2016 में शुरू की थी बॉक्सिंग जैस्मिन ने 2016 में बॉक्सिंग की शुरू की थी। बचपन से ही अपने अंकल एवं कोच संदीप लंबोरिया और प्रमेंद्र लंबोरिया को देखकर बॉक्सिंग शुरू की। शुरुआत में फाइनेंशियल सपोर्ट भी इतना अच्छा नहीं था। थोड़ा डाइट में भी बेसिक कोच ने साथ दिया। हेल्थ से रिलेटेड इश्यू भी रहते थे। कोई भी देखकर बोलता था कि तुम भी बॉक्सिंग करती हो। वो चीजें भी कहीं ना कहीं दिमाग में रहती थी कि पतली हैं।
अब 20 दिन में भर्ती का रिजल्ट जारी करेगा RPSC:एक लाख से ज्यादा कैंडिडेट्स वाली भर्तियां कोर्ट में न रुकें, इसकी भी प्लानिंग की
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) अब एक लाख से कम कैंडिडेट्स वाले OMR शीट बेस्ड भर्ती एग्जाम का रिजल्ट 20 दिन में जारी करेगा। अधिकतम 90 दिन में सभी एग्जाम के रिजल्ट जारी होंगे। यही नहीं, एक लाख से ज्यादा कैंडिडेट्स वाली सभी भर्तियों में अब आयोग कोर्ट में एडवांस कैविएट भी दायर करेगा। आयोग के अध्यक्ष रिटायर्ड लेफ्टिनेंट कर्नल केसरी सिंह ने इसके लिए आदेश भी जारी कर दिए हैं। इसका मकसद है कि भर्ती प्रोसेस में किसी भी प्रकार से अनावश्यक देरी न हो और भर्ती समय पर प्रॉपर तरीके से पूरी हो। 30 दिन में 30 से ज्यादा रिजल्ट घोषित किए वहीं, ‘मिशन 30 दिन 30 रिजल्ट’ के तहत आयोग ने 1 से 30 जुलाई तक 30 रिजल्ट घोषित किए हैं। अभी करीब 100 भर्ती परीक्षाओं के रिजल्ट आना बाकी हैं। अब आने वाले 30 दिन में भी 30 से ज्यादा रिजल्ट घोषित किए जाएंगे। आगामी 10 अक्टूबर तक आयोग की ओर से आयोजित सभी भर्ती परीक्षाओं के 90 प्रतिशत रिजल्ट घोषित कर दिए जाएं, इसको लेकर आयोग काम कर रहा है। इससे युवाओं को समय पर नियुक्तियां मिल सकेंगी। वर्षों तक चलने वाली भर्ती प्रक्रियाओं पर लगाम लगाई जा सकेगी। कमियों को दूर कर जल्दी रिजल्ट की प्लानिंग आयोग मैनेजमेंट ने तय किया है कि एक लाख तक कैंडिडेट्स वाले ओएमआर शीट बेस्ड भर्ती एग्जाम का रिजल्ट 20 दिन के भीतर घोषित किया जाए। अगर एक लाख से ज्यादा कैंडिडेट्स हैं और मल्टीपल सब्जेक्ट के एग्जाम हुए हैं, तब भी रिजल्ट अधिकतम 90 दिन में जारी कर दिया। इसके लिए आयोग ने एग्जाम सेंटर से लेकर ओएमआर शीट को जांचने और रिजल्ट जारी करने के पूरे प्रोसेस का आकलन किया। उसमें होने वाली देरी की कमियों को चिह्नित कर उनको दूर किया। क्या होती है कैविएट कोर्ट में कैविएट एक कानूनी सूचना है। इसे कोर्ट को यह सुनिश्चित करने के लिए दाखिल किया जाता है कि किसी व्यक्ति के खिलाफ कोई एकतरफा आदेश या कार्रवाई न हो और उसे पहले सुना जाए। यह इस बात की सुरक्षा है कि विरोधी पक्ष आपकी पीठ पीछे कोर्ट से कोई स्टे या आदेश न ले ले। कैविएट दाखिल करने वाले व्यक्ति या संस्थान को संभावित विरोधी पक्ष को भी इसकी कॉपी भेजनी होती है। ये होगा फायदा कैविएट दाखिल करने से कोई भी व्यक्ति RPSC के खिलाफ कोर्ट जाकर सीधा स्टे नहीं ला सकता। कोर्ट स्टे या रोक का आदेश देने से पहले RPSC का पक्ष सुनेगा। इसके बाद ही फैसला दिया जाएगा। जानकारों का मानना है कि अब तक जब भी RPSC ने अपना पक्ष कोर्ट में रखा तो 90 प्रतिशत से ज्यादा मामलों में आयोग की जीत हुई है। ऐसे में अभ्यर्थी स्टे या रोक का आदेश लेकर भर्ती प्रोसेस में अनावश्यक देरी नहीं कर सकेंगे। अध्यक्ष सहित तीन सदस्यों के पद रिक्त RPSC में अध्यक्ष के पद पर स्थाई नियुक्ति का इंतजार है। वर्तमान में बतौर कार्यवाहक अध्यक्ष की जिम्मेदारी केसरी सिंह को सौंपी गई है। आयोग में अध्यक्ष सहित 10 सदस्य होते हैं, लेकिन तीन पद रिक्त हैं। छह सदस्य वर्तमान में कार्य कर रहे हैं, जिनमें केसरी सिंह, अयूब खान, सुशील कुमार बिस्सू, हेमंत प्रियदर्शी, दीपक कुमार शर्मा और संतोष आनंद है। वहीं बाबूलाल कटारा निलंबित चल रहे हैं। वर्तमान में आयोग सचिव का पद भी रिक्त है। इस पद का अतिरिक्त कार्यभार मुख्य परीक्षा नियंत्रक आशुतोष गुप्ता को सौंपा गया है। ………. ये खबर भी पढ़ें… RPSC चेयरमैन बोले- राजस्थान में पेपर लीक नहीं होने देंगे:जयपुर में JLO भर्ती परीक्षा के दौरान पहली बार खुद निरीक्षण करने पहुंचे
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