Yes Milord: सब CJP में लगे थे, इधर कोर्ट में शिवसेना टूट की कहानी क्या पलटने वाली है?
क्या विधायक दावा कर सकते हैं कि वे ही पार्टी हैं?
इसे भी पढ़ें: Delhi High Court ने धन शोधन मामले में Nayan Raheja की याचिका पर ED से मांगा जवाब
एक चुनाव चिह्न पर चुने गए, दूसरे का दावा कर रहे हैं
इसे भी पढ़ें: Delhi HC का बड़ा फैसला: Basketball Player Kushal Singh के खिलाफ अपमानजनक Instagram Posts तुरंत हटाएं
अदालत ने विलंब संबंधी दलील पर सवाल उठाए
इसे भी पढ़ें: Ballia में नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी नौशाद को 25 साल की कैद: POCSO Court
ECI के फ़ैसले को चुनौती
सार्वजनिक परीक्षाओं के Bill पर राष्ट्रपति की मंजूरी, राज्यों में बनेंगी विशेष अदालतें
नयी दिल्ली, एक अगस्त सार्वजनिक परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक के मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए प्रत्येक राज्य में विशेष त्वरित अदालत स्थापित करने और दोषियों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान करने वाले विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी मिल गई है। शुक्रवार को जारी राजपत्र अधिसूचना के अनुसार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) (संशोधन) विधेयक, 2026 को अपनी मंजूरी दे दी है। संसद के दोनों सदनों ने इस सप्ताह की शुरुआत में इस विधेयक को पारित किया था।
अब प्रश्नपत्र लीक के मामलों की जांच दो महीने के भीतर पूरी करना अनिवार्य होगा। कानून के अनुसार, प्रश्नपत्र लीक कराने या परीक्षाओं में अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने के दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों को कम से कम पांच वर्ष और अधिकतम 10 वर्ष तक के कारावास की सजा तथा 50 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। वहीं, संगठित अपराध से जुड़े मामलों में संशोधित कानून के तहत कम से कम सात वर्ष के कारावास और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi



















