पश्चिम बंगाल: चंद्रनाथ रथ मर्डर केस में CBI को बड़ी सफलता, दो सगे भाई गिरफ्तार
Chandranath Rath Murder Case: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को पश्चिम बंगाल के चर्चित चंद्रनाथ रथ हत्याकांड की जांच में बड़ी कामयाबी मिली है. एजेंसी ने मामले में दो सगे भाइयों साहेब सोनकर और सागर सोनकर को गिरफ्तार किया है. दोनों आरोपियों को शुक्रवार देर रात गिरफ्तार किया गया, जिसके बाद अदालत ने उन्हें 7 दिनों की CBI रिमांड पर भेज दिया है.
CBI सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी चंद्रनाथ रथ की टीम से जुड़े हुए थे. जांच में सामने आया है कि दोनों पर हत्या की साजिश को अंजाम देने में अहम भूमिका निभाने का आरोप है. एजेंसी का दावा है कि आरोपियों ने वारदात के लिए लॉजिस्टिक सपोर्ट उपलब्ध कराया, हथियारों की व्यवस्था की और अन्य आवश्यक संसाधन जुटाने में मदद की.
यह भी पढ़ें: CM शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में बड़ा एक्शन, CBI को सौंपी जांच; एफआईआर दर्ज
CBI अब रिमांड के दौरान दोनों आरोपियों से पूछताछ कर हत्या की साजिश, हथियारों के स्रोत, अन्य सहयोगियों की भूमिका और पूरे नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश करेगी. एजेंसी को उम्मीद है कि पूछताछ से मामले में शामिल अन्य लोगों और साजिश के पूरे घटनाक्रम का खुलासा हो सकता है.
इस गिरफ्तारी को चंद्रनाथ रथ हत्याकांड की जांच में अब तक का एक बड़ा ब्रेकथ्रू माना जा रहा है.CBI मामले के हर पहलू की गहन जांच कर रही है और आने वाले दिनों में इस केस में और भी अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है.
यह भी पढ़ें: ‘मेरे बेटे को साजिश के तहत मारा गया’, चंद्रनाथ रथ की मां का बड़ा आरोप, दोषियों के लिए मांगी उम्रकैद
क्रिकेट छोड़ बने जैवलिन थ्रोअर, अब नीरज चोपड़ा को पछाड़कर जीता गोल्ड मेडल, पढ़िए रुमेश पथिरागे की दिलचस्प कहानी
Who Is Rumesh Pathirage: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के स्टार जैवलिन थ्रोवर नीरज चोपड़ा ने शानदार प्रदर्शन किया और सिल्वर मेडल जीत लिया. इंजरी से उबरकर नीरज ने अपने देश के लिए सिल्वर मेडल जीत लिया. वैसे तो भारत को अपने इस गोल्डन बॉय से गोल्ड मेडल की उम्मीद थी, लेकिन श्रीलंका के रमेश थरंगा पथिरागे ने उन्हें पीछे छोड़ दिया और कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के चैंपियन रहे. रुमेश शुरुआत से जैवलिन थ्रो नहीं करते थे, बल्कि वह शुरुआत में तो क्रिकेट खेलते थे. जी हां, नीरज चोपड़ा को पीछे छोड़कर जैवलिन थ्रो में गोल्ड मेडल जीतने वाले रुमेश ने श्रीलंका के लिए अंडर-19 में क्रिकेट खेला है.
कौन हैं रुमेश पथिरागे?
Commonwealth Games Men’s Javelin throw.
— Sri Lanka Tweet ???????? (@SriLankaTweet) July 31, 2026
???? Rumesh Tharanga ???????? – 89.75m
???? Neeraj Chopra ???????? – 85.83m
???? Yash Vir Singh ???????? – 85.41m
What a night ???? pic.twitter.com/bbBFvjBooS
रुमेश पथिरागे श्रीलंका से आते हैं. उनका जन्म 21 मार्च 2003 में हुआ था और अब 23 साल की उम्र में उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल जीतकर अपने देश का नाम रौशन किया है. रुमेश ने पहले एक इंटरव्यू में द इंडियन एक्सप्रेस को बताया था कि, कोच टोनी ने ही मुझे जैवलिन से परिचित कराया. वो हमेशा कहते हैं कि अगर मैं बेसिक चीजों में माहिर हो जाऊं और उन्हें सही तरीके से करूं, तो मउझे फायदा जरूर मिलेगा. वो सिर्फ एक कोच नहीं हैं. वो मुझे न सिर्फ खेल के बारे में सिखाते हैं बल्कि जिंदगी के बारे में भी सिखाते हैं.
क्रिकेटर से कैसे जैवलिन थ्रोअर बने पथिरागे?
श्रीलंका के उभरते हुए जैवलिन थ्रोअर रुमेश थरंगा पथिरागे का पहला सपना क्रिकेटर बनने का था. बचपन में उन्होंने क्रिकेट खेलना शुरू किया और स्कूल स्तर पर तेज गेंदबाज के रूप में पहचान बनाई. अंडर-16 स्तर पर वह 134 किमी/घंटा की रफ्तार से गेंद फेंकते थे और एक फास्ट बॉलिंग टैलेंट हंट में अपनी गति से सबका ध्यान खींचा. एक स्कूल मैच में उन्होंने 5 विकेट लेने के साथ अर्धशतक भी जड़ा था.
???? MEN'S JAVELIN FINAL ????
— CricHive (@CricHive_pk) July 31, 2026
???????? Sri Lanka's Rumesh Tharanga Pathirage wins GOLD with a sensational throw of 89.75m! ????
A dominant performance sees the Sri Lankan star crowned Commonwealth Games champion. pic.twitter.com/PU6uufav0H
हालांकि, राष्ट्रीय स्तर पर क्रिकेट में जगह बनाना बेहद कठिन था. तब उन्होंने महसूस किया कि जैबलिन थ्रो में उनकी प्रतिभा तेजी से आगे ले जा सकती है. उनके पिता पहले डिस्कस और शॉटपुट खिलाड़ी रहे थे, जिनकी प्रेरणा से उन्होंने 2017 में जैवलिन थ्रो अपनाया. शुरुआत में उनका पहला थ्रो करीब 30 मीटर का था, लेकिन महज दो महीने में वह 63 मीटर तक पहुंच गए. इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और आज वह श्रीलंका के सबसे सफल जैवलिन थ्रोअरों में शुमार हैं.
गोल्ड मेडल जीतने के बाद क्या बोले रुमेश पथिरागे?
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल जीतने के बाद रुमेश पथिरागे की खुशी का ठिकाना नहीं रहा. उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "श्रीलंका के लिए जैवलिन में पहला गोल्ड मेडल जीतकर मुझे बहुत खुशी हो रही है. यह गोल्ड मेडल जीतना मेरे लिए बहुत मायने रखता है और श्रीलंका के लिए पोडियम पर खड़े होकर अपना राष्ट्रगान सुनना मेरे लिए गर्व की बात है."
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 जैवलिन थ्रो फाइनल के रिजल्ट
रुमेश थरंगा पथिरागे (SRI) - 89.75 मीटर
नीरज चोपड़ा (IND) - 85.83 मीटर
यश वीर सिंह (IND) - 85.41 मीटर
एंडरसन पीटर्स (GRN) - 83.88 मीटर
डाउ स्मिथ (RSA) - 82.88 मीटर
केशॉर्न वालकॉट (TTO) - 82.55 मीटर
रोहित यादव (IND) - 81.56 मीटर
बेन ईस्ट (ENG) - 81.12 मीटर
अरशद नदीम (PAK) - 77.41 मीटर
चिनेचेरेम न्नामदी (NGR) - 76.29 मीटर
कैमरन मैकिन्टायर (AUS) - 72.34 मीटर
कीशॉन स्ट्रैचन (BAH) - 70.39 मीटर
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation


















