Responsive Scrollable Menu

आज तमिलनाडु के दौरे पर रहेंगे राहुल गांधी:महाबलीपुरम में 74 जिला अध्यक्षों के साथ पार्टी संगठन की बैठक करेंगे

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी शनिवार को तमिलनाडु के महाबलीपुरम में पार्टी संगठन की बड़ी बैठक करेंगे। पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, सुबह 10:30 बजे होने वाली इस बैठक में वे राज्य के 74 जिला अध्यक्षों से चर्चा करेंगे। साथ ही प्रेजेंटेशन के जरिए जिला अध्यक्षों को भी संबोधित करेंगे और आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर रोडमैप तैयार करेंगे। बैठक का मुख्य फोकस बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को अधिक प्रभावी ढंग से जोड़ना है। बैठक के बाद राहुल गांधी राज्य के सांसदों, विधायकों, पूर्व विधायकों और पूर्व उम्मीदवारों के साथ भी अलग से बैठक करेंगे। CM विजय से मिलने का कार्यक्रम नहीं तमिलनाडु के प्रभारी महासचिव गुलाम अहमद मीर ने बताया कि 'संगठन सृजन' अभियान का उद्देश्य बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को जागरूक करना, कांग्रेस की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाना और प्रत्येक बूथ पर मजबूत संगठनात्मक ढांचा खड़ा करना है। अहमद मीर ने यह भी बताया कि तमिलनाडु यात्रा के दौरान राहुल का मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय से मिलने का कोई कार्यक्रम नहीं है।

Continue reading on the app

कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड से चूके नीरज चोपड़ा:85.83 मीटर थ्रो के साथ सिल्वर मेडल जीता; पिता ने बताईं दो वजहें, बोले-हमें बेटे पर गर्व

ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स की पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा के फाइनल मुकाबले में भारत के स्टार एथलीट नीरज चोपड़ा ने देश के लिए सिल्वर मेडल जीता है। नीरज ने अपने दूसरे प्रयास में 85.83 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो करते हुए पदक तालिका में दूसरा स्थान प्राप्त किया। इस कड़े मुकाबले में श्रीलंका के रुमेश पथिराजे ने 89.75 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया, जबकि पाकिस्तान के ओलंपिक चैंपियन अरशद नदीम तीन थ्रो के बाद ही प्रतियोगिता से बाहर हो गए। जैसे ही नीरज मेडल विनर बने, पानीपत के गांव खंडरा में उनके घर खुशियां मनाई गई। दैनिक भास्कर एप से फोन पर बातचीत के दौरान नीरज चोपड़ा के पिता सतीश चोपड़ा ने कहा कि बेटे ने एक बार फिर देश की झोली में मेडल डाला, इसकी बेहद ज्यादा खुशी है, लेकिन उम्मीद गोल्ड मेडल की थी। उन्होंने बेटे के गोल्ड मेडल से चूकने दो मुख्य वजहें बताई। इनमें पहली वजह वहां का तेज हवा वाला ठंडा मौसम रहा। उन्होंने कहा- तेज हवा के कारण जिस खिलाड़ी ने अपना पहला जो भी बेस्ट थ्रो किया, इसके बाद उससे आगे कोई नहीं जा सका। सभी पिछड़ते ही रहे। दूसरा कारण बीते दिनों नीरज को जो चोट लगी थी, वो भी कारण रहा है। मगर, हर बड़े मुकाबले में हर खिलाड़ी पर प्रेशर रहता ही है। इसके बावजूद बेटे को सिल्वर मेडल मिला, इसकी हमें बहुत खुशी है। पिता ने ये बताया कि परिवार के सभी लोग बाहर गए हुए हैं, इसी वजह इस बार मुकाबला इक्ट्‌ठा नहीं देख पाए। नीरज का मैच देखते उनके परिवार के PHOTOS… फाइनल में उतार-चढ़ाव वाला रहा नीरज का प्रदर्शन फाइनल मुकाबले के दौरान नीरज चोपड़ा का प्रदर्शन उतार-चढ़ाव से भरा रहा। उनके पहले प्रयास में 80.97 मीटर, दूसरे प्रयास में 85.83 मीटर, तीसरे प्रयास में 81.29 मीटर और चौथे प्रयास में 80.73 मीटर दूर भाला फेंका। अपने चौथे थ्रो के बाद नीरज खुद के प्रदर्शन से काफी असंतुष्ट दिखे। वहीं, पांचवें और छठे प्रयास में भाला 80 मीटर से कम दूरी पर गिरता देख उन्होंने अपने थ्रो रद्द कर दिए। दूसरे प्रयास में 85.83 मीटर के थ्रो के आधार पर उन्होंने सिल्वर मेडल जीता। दूसरे थ्रो से बजी तालिया, परिजनों ने कराया मुंह मीठा जब नीरज ने अपने दूसरे प्रयास में 85.83 मीटर का थ्रो किया, तो पूरे घर में तालियों की गूंज सुनाई दी और सभी चेहरे खिल उठे। सिल्वर मेडल पक्का होते ही देर रात घर पर मौजूद परिजनों और ग्रामीणों ने एक-दूसरे का मुंह मीठा करवाकर नीरज की इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर की और एक बार फिर देश का नाम रोशन करने के लिए उन्हें बधाई दी। चाचा भीम बोले- आने वाले समय में ज्वेलिन पर भारत का होगा दबदबा भतीजे नीरज चोपड़ा के सिल्वर मेडल जीतने के बाद चाचा भीम चोपड़ा ने कहा कि उन्हें इस मेडल की भी बहुत खुशी है। भारत की झोली में दो पदक आए, इससे खुशी और ज्यादा बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि अब भारत में 80-85 मीटर तक भाला फेंकने वाले कई खिलाड़ी सामने आ गए हैं। इससे भविष्य की तस्वीर साफ है। जिस तरह पहले फिनलैंड का ज्वेलिन पर दबदबा होता था, आने वाले समय में भारत का दबदबा नजर आएगा। पानीपत के गांव खंडरा में जश्न, पिता और दादा नहीं थे मौजूद नीरज चोपड़ा के इस ऐतिहासिक फाइनल मुकाबले को देखने के लिए हरियाणा में उनके पैतृक गांव खंडरा (पानीपत) स्थित आवास पर देर रात ग्रामीणों का जमावड़ा लगा। नीरज के चाचा भीम चोपड़ा ने ग्रामीणों के साथ घर के वेटिंग एरिया में बैठकर पूरे मैच का आनंद लिया। हालांकि, उनके पिता सतीश चोपड़ा और दादा धर्म सिंह चोपड़ा इस बार मौजूद नहीं थे।

Continue reading on the app

  Sports

भारत की झोली में गिरे 39 मेडल... बॉक्सिंग, वेटलिफ्टिंग और एथलेटिक्स में चमके भारतीय एथलीट, जानें किस खेल में मिले कितने पदक

India signs off with 39 medals in CWG 2026: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय एथलीटों ने 39 मेडल जीतकर नया इतिहास रचा. मुक्केबाजी में भारत ने 7 स्वर्ण सहित 10 पदक झटके. एथलेटिक्स-पैरा एथलेटिक्स में 3 स्वर्ण, 6 रजत और 7 कांस्य सहित 16 मेडल मिले. वहीं वेटलिफ्टिंग में मीराबाई के स्वर्ण संग 8 पदक, जूडो में 4 पदक और पैरा-पावरलिफ्टिंग में 1 कांस्य मिला. Sun, 2 Aug 2026 22:37:46 +0530

  Videos
See all

CWG 2026: कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने रचा इतिहास | Team India | Gold Medal | Sports News | Breaking #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-02T18:16:17+00:00

Pappu Yadav News: 'सनातन को कितना बदनाम..'-प्रमोद कृष्णम #ytshorts #pappuyadav #sanatandharma #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-02T18:12:05+00:00

Nepal Violence Update: फिर भड़की नेपाल में हिंसा की आग, अब कैसे हैं हालात? #shorts #ytshorts #nepal #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-02T18:11:41+00:00

Middle East Crisis: ट्रंप का नया ड्रामा, ईरान ने नहीं माना ! | Trump | America Iran War | Breaking #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-02T18:12:26+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers