E20 फ्यूल के खिलाफ आम आदमी पार्टी का टाउनहॉल:केजरीवाल बोले- सरकार इसे वापस ले, इस पर चर्चा करेंगे; जिनकी गाड़ियां खराब हुईं वे भी पहुंचेंगे
आम आदमी पार्टी 1 अगस्त को E20 फ्यूल के मुद्दे पर ‘नेशनल टाउन हॉल’ करेगी। पार्टी ने कहा है कि इसकाे जरिए मामले से जुड़े सभी विशेषज्ञों को एक मंच पर लाया जाएगा। इस पर पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को कहा कि लोग E20 फ्यूल की वजह से भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। गाड़ियां खराब हो रही हैं और माइलेज कम हो रहा है। इससे पहले कि यह मुद्दा एक बड़े आंदोलन का रूप ले ले, प्रधानमंत्री को इसमें हस्तक्षेप कर इसे हल करना चाहिए। भारत में क्यों हो रहा है E20 पेट्रोल का विरोध? भारत में 20% एथेनॉल और 80% पेट्रोल के इस मिश्रण (E20) का विरोध हो रहा है। खासकर 2023 से पहले बनी पेट्रोल गाड़ियों के मालिक परेशान हैं। उनका दावा है कि इस फ्यूल से गाड़ियों का माइलेज कम हो रहा है, मेंटेनेंस का खर्च बढ़ गया है और इंजन के पार्ट्स जल्दी खराब हो रहे हैं। टाउन हॉल में शामिल होने की प्रक्रिया AAP ने बताया कि इस टाउन हॉल में हजारों लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। कार्यक्रम दोपहर 12 बजे शुरू होगा। दिल्ली और आसपास के शहरों के लोग जो व्यक्तिगत रूप से शामिल हो सकते हैं, उन्हें सुबह 11:30 बजे तक कॉन्स्टिट्यूशन क्लब पहुंचना होगा। जो लोग दिल्ली से बाहर हैं वे ऑनलाइन जुड़ सकते हैं। इच्छुक लोग साझा किए गए नंबर पर व्हाट्सएप मैसेज भेज सकते हैं। केजरीवाल ने कहा कि शुक्रवार शाम तक हम उन्हें एक लिंक भेजेंगे, जिसके जरिए वे शनिवार को चर्चा में शामिल हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में विशेषज्ञ और इस मुद्दे से प्रभावित लोग एक साथ आएंगे। हर किसी को बोलने का मौका मिलेगा और हम सरकार पर E20 नीति वापस लेने का दबाव बनाने के लिए भविष्य की रणनीति भी तैयार करेंगे। पार्टी ने कहा- दो लाख लोगों के साइन केजरीवाल ने कहा कि यह सिर्फ शुरुआत है। इससे पहले उन्होंने प्रधानमंत्री को संबोधित एक ऑनलाइन याचिका शुरू की थी, जिस पर दो लाख से अधिक लोगों ने हस्ताक्षर किए हैं। शनिवार के कार्यक्रम के बाद, वह प्रधानमंत्री आवास जाकर यह याचिका सौंपेंगे। केजरीवाल बोले- 30 करोड़ गाड़ियों को 'कबाड़' बना रही सरकार आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने29 जुलाई को कहा कि मोदी सरकार पर जनता पर जबरन E-20 पेट्रोल थोपने और ऑटोमोबाइल कंपनियों पर गुंडागर्दी का आरोप लगाया है। उन्होंने दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में दावा किया कि देश की सड़कों पर 2023 से पहले की बनी लगभग 30 करोड़ गाड़ियां दौड़ रही हैं, जिन्हें मोदी सरकार E-20 पेट्रोल का इस्तेमाल करवाकर कबाड़ बनाने पर तुली हुई है। पूरी खबर पढ़ें…
PM मोदी आज आंध्र प्रदेश-कर्नाटक के दौरे पर:चुट्टिलू कॉटेज जैसी डिजाइन वाले भोगापुरम एयरपोर्ट का उद्घाटन करेंगे, इसकी लागत 5000 करोड़
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को आंध्र प्रदेश और कर्नाटक का दौरे पर जा रहे हैं। इस दौरान वे इंफ्रास्ट्रक्चर, सेमीकंडक्टर, रिन्यूएबल एनर्जी और रोड कनेक्टिविटी से जुडे़ करीब 18000 करोड़ के प्रोजेक्ट्स का प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। पीएम मोदी सुबह 10:45 बजे दिल्ली से अमरावती पहुंचेंगे। सुबह 10:58 बजे प्रधानमंत्री टर्मिनल भवन का उद्घाटन करेंगे। इसकी डिजाइन चुट्टिलू कॉटेज से प्रेरित है। विजयनगरम जिले के भोगपुरम में बने अल्लूरी सीताराम राजू एयरपोर्ट करीब 5,000 करोड़ रुपए की लागत से बना है। इसके बाद पीएम जनसभा भी करेंगे। इसके बाद दोपहर 3:30 बजे, प्रधानमंत्री मैसूरु में श्री रामकृष्ण आश्रम में स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक युवा केंद्र-विवेक स्मारक का उद्घाटन करेंगे। पहले देखिए भोगापुरम एयरपोर्ट की 4 तस्वीरें… आदिवासी ढिमसा डांस से स्वागत होगा एयरपोर्ट की फेसिलिटीज देखने के बाद प्रधानमंत्री सुबह 11:30 बजे खुली गाड़ी में जनसभा स्थल तक जाएंगे। वहां 13,500 से ज्यादा आदिवासी महिलाएं और स्टूडेंट ढिमसा नृत्य के साथ उनका स्वागत करेंगे। इसके अलावा, पीएम मोदी 18,000 करोड़ रुपए प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और लोकार्पण भी करेंगे। इसमें पेट्रोलियम और सड़क परिवहन मंत्रालय की परियोजनाएं शामिल हैं। भास्कर नॉलेज: जानिए चुटि्टलू कॉटेज और ढिमसा क्या है आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों की एक पारंपरिक गोलाकार झोपड़ी या घर बनाया जाता है। जिसे चुटि्टलू कहते हैं। तेलुगु में चुट्टिलू का अर्थ ही "गोल घर" होता है। यह कोई आधुनिक कॉटेज नहीं, बल्कि सदियों पुराने लोकल वर्नाकुलर आर्किटेक्चर का नमूना हैं। इन घरों की गोल आकृति इन्हें तेज चक्रवाती तूफान से बचाती है। गोल आकार हवा को मोड़ देता है। इससे नुकसान कम होता है। आंध्र प्रदेश का मशहूर आदिवासी लोकनृत्य है। इसे मुख्य रूप से अराकू वैली और अल्लूरी सीताराम राजू के आदिवासी समुदायों करते हैं। मुख्य रूप से बगता, वाल्मीकि, कोंडा डोरा, गडाबा, जटापू, पोरजा, मुक्का डोरा जैसे आदिवासी समुदायों की महिलाएं इसे करती हैं। इसे फसल कटाई के बाद, विवाह समारोह, ग्राम उत्सव और धार्मिक पर्वों पर किया जाता है। सरकार इसे पर्यटन और सांस्कृतिक आयोजनों में भी जगह देती है। भोगापुरम एयरपोर्ट की खासियत… कर्नाटक में निरंजन मठ में बना विवेकानंद स्मारक पीएम मोदी कर्नाटक के मैसूर में स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक युवा केंद्र 'विवेक स्मारक' का उद्घाटन करेंगे। 'विवेक स्मारक' नवंबर 1892 में भारत यात्रा के दौरान स्वामी विवेकानंद की मैसूर की ऐतिहासिक यात्रा की याद दिलाता है। वहां रहने के दौरान, उन्होंने कहा था कि विद्वानों और भक्तों से बातचीत की और महाराजा चामराजेन्द्र वाडियार का संरक्षण प्राप्त किया। इनके सहयोग से ही वे 1893 में शिकागो में धर्म संसद (पार्लियामेंट ऑफ़ रिलीजन) में जा सके। निरंजन मठ में स्थापित 'विवेक स्मारक' 81,000 वर्ग फुट से ज्यादा एरिया में बना है। इसमें एक 4-D अनुभव सेंटर, एक प्रदर्शनी हॉल, लगभग 700 लोगों के बैठने की क्षमता वाला एक एम्फीथिएटर, क्लासरूम, कॉन्फ्रेंस रूम, एक लाइब्रेरी, एक रीडिंग रूम, एक ध्यान और योग हॉल और एक बुक स्टॉल है। इस केंद्र में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए विशेष सुविधाएं भी शामिल हैं।
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