भास्कर अपडेट्स:वर्षा अशोक अगलावे बनीं GSI की चीफ, 176 साल के इतिहास में पहली बार किसी महिला को मिली कमान
भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) के 176 साल के इतिहास में पहली बार किसी महिला को महानिदेशक बनाया गया है। वर्षा अशोक अगलावे ने शुक्रवार को संगठन की 54वीं महानिदेशक के रूप में कार्यभार संभाला। उन्होंने असित साहा का स्थान लिया, जिन्होंने दो वर्षों तक इस पद पर कार्य किया। जीवाश्म विज्ञान (पैलियंटोलाजी) की विशेषज्ञ वर्षा अगलावे को भूविज्ञान के क्षेत्र में तीन दशक से अधिक का अनुभव है। भारतीय खान ब्यूरो (आइबीएम) में कार्य करने के बाद वह वर्ष 1992 में जीएसआइ से जुड़ी थीं। आज की अन्य बड़ी खबरें... ऑपरेशन सिंदूर के दौरान DGAO रहे एयर मार्शल भारती रिटायर भारतीय वायुसेना (IAF) के एयर मार्शल एके भारती शुक्रवार को डिप्टी चीफ ऑफ एयर स्टाफ के पद से सेवानिवृत्त हो गए। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान वह डायरेक्टर जनरल एयर ऑपरेशंस (DGAO) थे। सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने नई दिल्ली स्थित नेशनल वॉर मेमोरियल पहुंचकर देश के लिए शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। एयर मार्शल भारती मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर पर हुई तीनों सेनाओं की संयुक्त मीडिया ब्रीफिंग का प्रमुख चेहरा रहे थे। 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों, जिनमें अधिकांश पर्यटक थे, की मौत के बाद भारत ने 7 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। इस अभियान के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में नौ आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले किए गए थे। सरकार के अनुसार, इस कार्रवाई में कम से कम 100 आतंकवादी मारे गए थे। 53 साल बाद खाली होगी जम्मू यूनिवर्सिटी की जमीन, सेना के कब्जे में थी केंद्र सरकार ने रक्षा मंत्रालय के जरिए भूमि अदला-बदली (लैंड एक्सचेंज) के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही जम्मू विश्वविद्यालय के मुख्य परिसर से सटी 147 कनाल से अधिक जमीन से सेना के हटने का रास्ता साफ हो गया है। यह जमीन पिछले पांच दशक से अधिक समय से सेना के कब्जे में थी। मंजूर प्रस्ताव के तहत जम्मू-कश्मीर प्रशासन सेना को नगरोटा तहसील में 2,062 कनाल 17 मरला और जम्मू तहसील में 62 कनाल जमीन देगा। इसके बदले सेना विश्वविद्यालय परिसर से सटी अपने कब्जे वाली जमीन खाली करेगी। यह जमीन 1973 में तत्कालीन राज्य सरकार ने जम्मू विश्वविद्यालय को आवंटित की थी। हालांकि इसका एक हिस्सा सेना के कब्जे में बना रहा। इस मामले को वर्षों तक विश्वविद्यालय प्रशासन और तत्कालीन राज्य सरकार अलग-अलग स्तर पर उठाते रहे।
E20 फ्यूल के खिलाफ आम आदमी पार्टी का टाउनहॉल:केजरीवाल बोले- सरकार इसे वापस ले, इस पर चर्चा करेंगे; जिनकी गाड़ियां खराब हुईं वे भी पहुंचेंगे
आम आदमी पार्टी 1 अगस्त को E20 फ्यूल के मुद्दे पर ‘नेशनल टाउन हॉल’ करेगी। पार्टी ने कहा है कि इसकाे जरिए मामले से जुड़े सभी विशेषज्ञों को एक मंच पर लाया जाएगा। इस पर पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को कहा कि लोग E20 फ्यूल की वजह से भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। गाड़ियां खराब हो रही हैं और माइलेज कम हो रहा है। इससे पहले कि यह मुद्दा एक बड़े आंदोलन का रूप ले ले, प्रधानमंत्री को इसमें हस्तक्षेप कर इसे हल करना चाहिए। भारत में क्यों हो रहा है E20 पेट्रोल का विरोध? भारत में 20% एथेनॉल और 80% पेट्रोल के इस मिश्रण (E20) का विरोध हो रहा है। खासकर 2023 से पहले बनी पेट्रोल गाड़ियों के मालिक परेशान हैं। उनका दावा है कि इस फ्यूल से गाड़ियों का माइलेज कम हो रहा है, मेंटेनेंस का खर्च बढ़ गया है और इंजन के पार्ट्स जल्दी खराब हो रहे हैं। टाउन हॉल में शामिल होने की प्रक्रिया AAP ने बताया कि इस टाउन हॉल में हजारों लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। कार्यक्रम दोपहर 12 बजे शुरू होगा। दिल्ली और आसपास के शहरों के लोग जो व्यक्तिगत रूप से शामिल हो सकते हैं, उन्हें सुबह 11:30 बजे तक कॉन्स्टिट्यूशन क्लब पहुंचना होगा। जो लोग दिल्ली से बाहर हैं वे ऑनलाइन जुड़ सकते हैं। इच्छुक लोग साझा किए गए नंबर पर व्हाट्सएप मैसेज भेज सकते हैं। केजरीवाल ने कहा कि शुक्रवार शाम तक हम उन्हें एक लिंक भेजेंगे, जिसके जरिए वे शनिवार को चर्चा में शामिल हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में विशेषज्ञ और इस मुद्दे से प्रभावित लोग एक साथ आएंगे। हर किसी को बोलने का मौका मिलेगा और हम सरकार पर E20 नीति वापस लेने का दबाव बनाने के लिए भविष्य की रणनीति भी तैयार करेंगे। पार्टी ने कहा- दो लाख लोगों के साइन केजरीवाल ने कहा कि यह सिर्फ शुरुआत है। इससे पहले उन्होंने प्रधानमंत्री को संबोधित एक ऑनलाइन याचिका शुरू की थी, जिस पर दो लाख से अधिक लोगों ने हस्ताक्षर किए हैं। शनिवार के कार्यक्रम के बाद, वह प्रधानमंत्री आवास जाकर यह याचिका सौंपेंगे। केजरीवाल बोले- 30 करोड़ गाड़ियों को 'कबाड़' बना रही सरकार आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने29 जुलाई को कहा कि मोदी सरकार पर जनता पर जबरन E-20 पेट्रोल थोपने और ऑटोमोबाइल कंपनियों पर गुंडागर्दी का आरोप लगाया है। उन्होंने दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में दावा किया कि देश की सड़कों पर 2023 से पहले की बनी लगभग 30 करोड़ गाड़ियां दौड़ रही हैं, जिन्हें मोदी सरकार E-20 पेट्रोल का इस्तेमाल करवाकर कबाड़ बनाने पर तुली हुई है। पूरी खबर पढ़ें…
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