JPSC exam: CID ने पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते से 8 घंटे तक पूछताछ की
झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) द्वारा आयोजित परीक्षाओं में कथित अनियमितता से जुड़े मामले में अपराध जांच विभाग (सीआईडी) के अधिकारियों ने शुक्रवार को जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते से करीब आठ घंटे पूछताछ की। उन्हें तीसरी बार पूछताछ के लिए बुलाया गया था। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि खियांग्ते पूर्वाह्न करीब 11 बजे सीआईडी कार्यालय पहुंचे और शाम करीब सात बजे बाहर निकले सीआईडी ने खियांग्ते से मंगलवार को करीब नौ घंटे और बुधवार को करीब आठ घंटे तक पूछताछ की थी। खियांग्ते ने 22 जुलाई को जेपीएससी अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया था। सीआईडी ने झारखंड लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के संबंध में उनके आधिकारिक आवास सहित कई स्थानों पर तलाशी भी ली थी।
खियांग्ते ने सोमवार को कहा था कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए उन्होंने स्वेच्छा से इस्तीफा दिया। राज्य के मुख्य सचिव पद से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्हें पिछले साल फरवरी में जेपीएससी अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। सीआईडी ने इस मामले में अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार किया है।
विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विरोध प्रदर्शनों के बीच आयोग ने ‘‘अपरिहार्य परिस्थितियों’’ का हवाला देते हुए 25 जुलाई से 27 जुलाई तक आयोजित होने वाली जेपीएससी संयुक्त सिविल सेवा (मुख्य) परीक्षा स्थगित कर दी। इस बीच, कथित जेपीएससी परीक्षा अनियमितताओं की सीबीआई जांच की मांग को लेकर यहां जयपाल सिंह स्टेडियम के पास पिछले कई दिनों से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे छात्रों के एक समूह ने अपने आंदोलन में राजनीतिक दलों की भागीदारी का विरोध किया। आंदोलनकारी छात्रों ने धरने को गैर-राजनीतिक आंदोलन बताया और कहा कि वे किसी भी राजनीतिक दल के नेताओं या प्रतिनिधियों को मंच साझा करने की अनुमति नहीं देंगे।
US ने 2025 से अब तक 4,840 भारतीयों को किया deport, विदेश मंत्रालय ने दी जानकारी
अमेरिका ने 2025 से अब तक कुल 4,840 भारतीय नागरिकों को निर्वासित किया है। इनमें इस साल जनवरी से जुलाई के बीच भेजे गए 1,273 लोग शामिल हैं। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया, “एक जनवरी 2026 से अब तक अमेरिका से भारत वापस भेजे गए भारतीयों की कुल संख्या 1,273 है। 2025 में कुल 3,567 भारतीय नागरिकों को अमेरिका से निर्वासित किया गया था।” जायसवाल की यह टिप्पणी उनकी नियमित पत्रकार वार्ता के दौरान पूछे गए एक सवाल के जवाब में आई। उन्होंने कहा कि भारत निर्वासन से जुड़े मुद्दों पर कई सरकारों के साथ काम कर रहा है।
जायसवाल ने कहा, “जब भी ऐसे मामले हमारे पास भेजे जाते हैं, तो हम निर्वासित किए जाने वाले व्यक्ति की नागरिकता की पुष्टि करने के लिए अपनी तरफ से जरूरी जांच-पड़ताल करते हैं।” उन्होंने कहा, “एक बार जब हम पूरी तरह से संतुष्ट हो जाते हैं कि संबंधित व्यक्ति भारतीय नागरिक है, तभी हम उनकी भारत वापसी की व्यवस्था करते हैं।” अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन अवैध प्रवासियों के खिलाफ एक बड़े अभियान के तहत बड़ी संख्या में लोगों को निर्वासित कर रहा है।
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