New Bike: बजाज ऑटो ने अपकमिंग पल्सर मोटरसाइकिल का पहला टीजर जारी कर दिया है। टीजर में "Twist Into an All New Rush" टैगलाइन का इस्तेमाल किया गया है। इससे संकेत मिलता है कि कंपनी जल्द ही पूरी तरह नए मॉडल से पर्दा उठाने वाली है। वीडियो में बाइक को कवर से ढका दिखाया गया है, लेकिन इसका मस्कुलर सिल्हूट साफ तौर पर नजर आता है। फिलहाल कंपनी ने मॉडल के नाम का खुलासा नहीं किया है और यह भी स्पष्ट नहीं किया है कि यह नई पल्सर 125 होगी या पल्सर 150 बाइक।
टीजर से मिले संकेत टीजर में दिखाई गई बाइक का डिजाइन हाल ही में टेस्टिंग के दौरान स्पॉट किए गए मॉडल से काफी मेल खाता है। इसमें बड़ा फ्रंट काउल, ज्यादा मस्कुलर फ्यूल टैंक, नए बॉडी पैनल और दमदार रोड प्रेजेंस देखने को मिलती है। इसके अलावा लंबी सीट और सीधा राइडिंग स्टांस भी पहले सामने आई टेस्ट बाइक जैसा ही नजर आता है।
हालांकि, बाइक का अधिकांश हिस्सा अभी भी कवर से ढका हुआ है, इसलिए यह कहना जल्दबाजी होगी कि यह नई पीढ़ी की Pulsar 125 है या Pulsar 150।
संभावित फीचर्स स्पाई तस्वीरों के अनुसार, नई Pulsar में पूरी तरह नया फ्रंट फेसिया, बड़े टैंक एक्सटेंशन, नए साइड पैनल और साइड-स्लंग एग्जॉस्ट दिया जा सकता है। सस्पेंशन के लिए आगे टेलीस्कोपिक फ्रंट फोर्क्स और पीछे मोनोशॉक यूनिट मिलने की संभावना है। इसके अलावा अलॉय व्हील्स, फ्रंट डिस्क ब्रेक और स्प्लिट-सीट सेटअप भी देखने को मिल सकता है।
डिजाइन और टेक्नोलॉजी अगली पीढ़ी की Pulsar 125 और Pulsar 150 में ब्रांड की पहचान बने मस्कुलर डिजाइन को बरकरार रखते हुए कई बड़े बदलाव किए जा सकते हैं। इनमें शार्प बॉडीवर्क, नए LED लाइटिंग एलिमेंट्स और पहले से अधिक प्रीमियम स्टाइलिंग मिलने की उम्मीद है।
फीचर्स की बात करें तो बाइक में ब्लूटूथ कनेक्टिविटी, टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन, कॉल और मैसेज अलर्ट के साथ नया डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर दिया जा सकता है। इसके अलावा बेहतर राइड क्वालिटी, अधिक माइलेज और कम NVH (Noise, Vibration and Harshness) के लिए कंपनी चेसिस और इंजन में भी बदलाव कर सकती है।
Bajaj Auto अपनी इस नई Pulsar से 12 अगस्त को आधिकारिक तौर पर पर्दा उठाएगी, जिसके बाद इसके सभी फीचर्स, इंजन और कीमत की जानकारी सामने आएगी।
भूलने की समस्या आज के समय में बेहद आम हो चुकी है। अमूमन लोग इसके लिए अत्यधिक तनाव व मल्टीटास्किंग को ही दोष देते हैं। लेकिन वास्तव में यह पूरी तरह से सच नहीं है। कई बार इसकी असली वजह शरीर में विटामिन बी12 की कमी भी हो सकती है? जी हां, यह विटामिन केवल खून बनाने के लिए ही नहीं, बल्कि दिमाग और नसों को स्वस्थ रखने के लिए भी बेहद जरूरी है।
अक्सर लोगों को विटामिन बी12 की कमी का अहसास नहीं होता, लेकिन अगर समय रहते इसकी कमी को पहचाना और पूरा नहीं किया जाए, तो यह याददाश्त, एकाग्रता और सोचने-समझने की क्षमता पर असर डाल सकती है। तो चलिए जानते हैं कि विटामिन बी12 की कमी का दिमाग से क्या संबंध है और इससे कैसे बचा जा सकता है।
विटामिन बी12 क्यों जरूरी है?
विटामिन बी12 एक पानी में घुलनशील विटामिन है, जो शरीर में कई महत्वपूर्ण काम करता है। यह ना केवल लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में मदद करता है और डीएनए बनने की प्रक्रिया में भाग लेता है। बल्कि मस्तिष्क की कोशिकाओं के सही कामकाज में भी मदद करता है। यही वजह है कि जब शरीर में इसकी कमी होती है, तो सबसे पहले इसका असर नसों और मस्तिष्क के कार्यों पर दिखाई दे सकता है।
विटामिन बी12 की कमी और याददाश्त का आपस में क्या कनेक्शन है?
विटामिन बी12 की कमी और याददाश्त आपस में गहराई से जुड़े हैं। यह दिमाग को कई तरह से प्रभावित कर सकता है। विटामिन बी12 की कमी से लाल रक्त कोशिकाएं सामान्य रूप से नहीं बन पातीं, जिससे एनीमिया होने का खतरा बढ़ सकता है। इससे शरीर और मस्तिष्क तक ऑक्सीजन की आपूर्ति कम हो सकती है। जिसकी वजह से मानसिक थकान, ध्यान लगाने में परेशानी व याद रखने की क्षमता में कमी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
किन लोगों में विटामिन बी12 की कमी का खतरा अधिक होता है?
यूं तो विटामिन बी12 की कमी किसी को भी हो सकती है, लेकिन कुछ लोगों में इसकी कमी की संभावना ज्यादा होती है, मसलन-
50 वर्ष से अधिक उम्र के लोग
लंबे समय से पूरी तरह शाकाहारी या वीगन डाइट लेने वाले लोग
पेट या आंतों से जुड़ी बीमारियों वाले मरीज
लंबे समय तक एसिडिटी की दवाएं लेने वाले लोग
डायबिटीज की कुछ दवाएं लंबे समय तक लेने वाले लोग
क्या हर भूलने की बीमारी का कारण बी12 की कमी होती है?
यह सच है कि विटामिन बी12 की कमी से व्यक्ति की याददाश्त पर असर पड़ता है। लेकिन भूलने की समस्या सिर्फ विटामिन बी12 की कमी से नहीं जुड़ी होती, बल्कि इसके अन्य भी कई कारण हो सकते हैं, जैसे-
पर्याप्त नींद न लेना
लगातार तनाव
अवसाद
थायरॉयड की समस्या
कुछ दवाओं का असर
बढ़ती उम्र से जुड़े बदलाव
अन्य न्यूरोलॉजिकल रोग
इसलिए कभी भी सिर्फ लक्षण देखकर खुद से सप्लीमेंट लेना शुरू ना करें।
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