कावेरी प्रदर्शन का 'जन नायकन' पर असर, कर्नाटक के बाद अब बेंगलुरु में शो रद्द, थिएटरों से हटे पोस्टर
Jana Nayagan Screening Halted: थलापति विजय (Thalapathy Vijay) की जन नायकन (Jana Nayagan) ने अपनी रिलीज का एक हफ्ता पूरा कर लिया है. फिल्म ने ओपनिंग डे काफी अच्छी कमाई की थी. हालांकि, दूसरे हफ्ते में एंट्री करने के बाद भी फिल्म कमाई कर रही है. लेकिन इसी के साथ कावेरी जल विवाद के चलते इसकी कमाई पर असर देखने को मिल रहा है. दरअसल, कर्नाटक में कावेरी नदी के जल बंटवारे को लेकर प्रदर्शन जा रही है. जहां प्रदर्शनकारी सरकार से मांग कर रहे हैं कि कावेरी का पानी तमिलनाडु को ना दिया जाए. वहीं, दूसरी तरफ प्रदर्शनकारियों ने जन नायकन की कर्नाटक के बाद बेंगलुरुर में भी स्क्रीनिंग रुकवा दी है. आइए पूरा मामला समझते हैं.
कर्नाटक के कई प्रमुख थिएटर में शो हुए रद्द
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कावेरी विवाद के चलते कर्नाटक के कई हिस्सों में फिल्म की स्क्रीनिंग रोक दी गई है. वहीं, प्रशासन की ओर से बेंगलुरु के प्रमुख सिनेमाघरों ने सुरक्षा के चलते फिल्म के शो रद्द कर दिए हैं. थिएटर मालिकों का इस पर कहना है कि किसी भी अनहोनी सेबचने के लिए यह फैसला एहतियात के तौर पर लिया गया है.
क्यों कर रहे लोग प्रदर्शन
दरअसल, यह पूरा विवाद कावेरी जल विवाद से जुड़ा हुआ है. कर्नाटक में प्रदर्शनकारी सीडब्ल्यूआरसी के उस आदेश का विरोध कर रहे हैं. जिसमें कहा गया था कि कर्नाटक को तमिलनाडु को 15 दिनों तक रोजाना कावेरी नदी से 3,500 क्यूसेक देना होगा. प्रदर्शनकारी सीडब्ल्यूआरसी के आदेश के साथ-साथ विजय की फिल्म के खिलाफ भी प्रदर्शन कर रहे हैं क्योंकि थलापति तमिलनाडु से हैं. इस प्रदर्शन का असर फिल्म की स्क्रीनिंग पर पड़ता हुआ दिखाई दे रहा है. पिछले दिन खबर आई थी कि कर्नाटक के मांड्या में कई प्रदर्शनकारियों ने थिएटर का घेराव कर किया, जिसके चलते फिल्म की स्क्रीनिंग रोक दी गई है. इसी बीच अब कर्नाटक के साथ-साथ बेंगलुरु में कई प्रमुख सिनेमाघरों में शो कर रद्द कर दिए हैं.
बेंगलुरु के संपिगे थिएटर में पूरे दिन के शो हुए रद्द
आपको बता दें कि कावेरी विवाद की वजह से जन नायकन की स्क्रीनिंग पर असर बेंगलुरु के संपिगे थिएटर में देखने को मिला, जहां पूरे दिन के सभी शो रद्द कर दिए गए. थिएटर मालिकों ने न सिर्फ फिल्म के शो रद्द किए, बल्कि परिसर से विजय की फिल्म 'जन नायकन' के पोस्टर भी हटा दिए. वही, बताया जा रहा है कि कुछ जगहों पर फिल्म के पोस्टरों को दूसरे पोस्टरों से ढक दिया गया ताकि विवाद न हो.
संवेदनशील इलाकों में बढ़ाई गई सुरक्षा
कावेरी विवाद को बढ़ते देख बेंगलुरु के श्रीरामपुरा समेत कई संवेदनशील इलाकों में पुलिस ने अपनी सुरक्षा बढ़ा दी है. खासतौर पर उन क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं, जहां तमिल भाषी लोगों की संख्या अधिक है. इस विवाद को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके. इसके साथ ही पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर गौर न देने की अपील भी की है. हालांकि, फिल्म के मेकर्स या एक्टर की ओर से इस विवाद पर कोई ऑफिशियल बयान सामने नहीं आया है.
फिल्म की कमाई पर मंडराया संकट
कावेरी जल विवाद की वजह से 'जन नायकन' की कमाई पर भी असर पड़ सकता है. दरअसल, कर्नाटक किसी भी बड़ी तमिल फिल्म के लिए बहुत जरूरी माना जाता है क्योंकि यहां आमतौर पर तमिल की फिल्में देखी जाती हैं. यहां शो रद्द होने से बॉक्स ऑफिस पर फिल्म की कमाई पर असर पड़ सकता है. फिलहाल मेकर्स और डिस्ट्रीब्यूटर हालात नॉर्मल होने का इंतजार कर रहे हैं. वहीं, फैंस उम्मीद कर रहे हैं कि तनाव कम होने के बाद फिल्म की स्क्रीनिंग फिर से शुरू होगी और वे इसे बड़े पर्दे पर देख सकेंगे.
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शहीद ऊधम सिंह की शहादत दिवस पर सीएम धामी ने गदरपुर में दी श्रद्धांजलि, सिख समाज के योगदान को सराहा
Uttarakhand News: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऊधम सिंह नगर जिले के गदरपुर स्थित कम्बोज धर्मशाला में अमर शहीद शिरोमणि ऊधम सिंह के शहादत दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया. इस अवसर पर उन्होंने शहीद ऊधम सिंह की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी. मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में आयोजित अखंड पाठ में भी सहभागिता की और गुरुद्वारे में माथा टेककर प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और प्रगति की कामना की. इस दौरान उन्होंने कहा कि शहीद ऊधम सिंह का बलिदान भारतीय इतिहास का ऐसा अध्याय है, जो आने वाली पीढ़ियों को हमेशा राष्ट्रभक्ति और साहस की प्रेरणा देता रहेगा.
वीरता और आस्था का अद्भुत संगम
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह आयोजन वीरता, आस्था और राष्ट्रभक्ति का अद्भुत संगम है. उन्होंने कहा कि जब भी अमर शहीद ऊधम सिंह के त्याग, साहस और देशभक्ति का स्मरण किया जाता है, तो हर भारतीय का सिर गर्व से ऊंचा हो जाता है. उन्होंने कहा कि शहीद ऊधम सिंह केवल एक क्रांतिकारी नहीं थे, बल्कि वे भारत के स्वाभिमान और आत्मसम्मान के प्रतीक थे. उनका जीवन यह संदेश देता है कि अन्याय के खिलाफ संघर्ष और राष्ट्र के सम्मान की रक्षा के लिए हर परिस्थिति में दृढ़ रहना चाहिए.
जलियांवाला बाग हत्याकांड का लिया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में जलियांवाला बाग हत्याकांड को भारतीय इतिहास का सबसे दर्दनाक और काला अध्याय बताया. उन्होंने कहा कि वर्ष 1919 में हुए इस नरसंहार ने पूरे देश को झकझोर दिया था. हजारों निहत्थे भारतीयों पर अंग्रेजी हुकूमत द्वारा गोलियां चलाना मानवता के खिलाफ एक जघन्य अपराध था. उन्होंने कहा कि शहीद ऊधम सिंह ने वर्षों तक इस अन्याय को अपने हृदय में संजोए रखा और अंततः अंग्रेज अधिकारी माइकल ओ'डायर को दंडित कर दुनिया के सामने भारत के स्वाभिमान, साहस और अडिग संकल्प का परिचय दिया.
देशभक्ति और बलिदान की अमर मिसाल
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि शहीद ऊधम सिंह का जीवन हर नागरिक को साहस, स्वाभिमान, राष्ट्रभक्ति और निस्वार्थ सेवा का संदेश देता है. उनका बलिदान केवल स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास नहीं, बल्कि देश के प्रति समर्पण का जीवंत उदाहरण है. उन्होंने कहा कि आज के युवाओं को शहीद ऊधम सिंह के जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए. देश के विकास और सामाजिक समरसता के लिए उनके आदर्श आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने स्वतंत्रता आंदोलन के समय थे.
गुरु साहिब की शिक्षाएं मानवता का मार्ग दिखाती हैं
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रभक्ति, सेवा और मानवता की भावना का सबसे बड़ा संदेश श्री गुरु ग्रंथ साहिब की पवित्र वाणी से मिलता है. गुरु साहिब की शिक्षाएं पूरी दुनिया को सत्य, करुणा, भाईचारे, समानता और निस्वार्थ सेवा का मार्ग दिखाती हैं. उन्होंने कहा कि समाज में सद्भाव और एकता बनाए रखने के लिए इन मूल्यों को अपनाना अत्यंत आवश्यक है. यदि हम गुरु साहिब की शिक्षाओं को अपने जीवन में उतारें, तो एक मजबूत और समृद्ध समाज का निर्माण संभव है.
उत्तराखंड के विकास में सिख समाज की अहम भूमिका
मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर पर उत्तराखंड के विकास में सिख समाज के योगदान की भी सराहना की. उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में कृषि, व्यापार, उद्योग, शिक्षा और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में सिख समाज का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है. राज्य के विकास और जनकल्याण के कार्यों में सिख समाज ने हमेशा अग्रणी भूमिका निभाई है. उन्होंने कहा कि यह समाज सेवा, परिश्रम और राष्ट्रभक्ति की भावना का उत्कृष्ट उदाहरण है.
शहीदों के आदर्शों पर चलने का किया आह्वान
मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों से आह्वान किया कि वे अमर शहीद ऊधम सिंह के आदर्शों और मूल्यों को अपने जीवन में अपनाएं. उन्होंने कहा कि राष्ट्र की एकता, अखंडता और प्रगति के लिए हर नागरिक को अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करना चाहिए. शहीदों का सम्मान केवल श्रद्धांजलि देने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उनके बताए मार्ग पर चलकर देश के विकास में योगदान देना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी.
कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग रहे मौजूद
इस गरिमामय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ प्रभारी मंत्री प्रदीप बत्रा, विधायक अरविंद पांडे, विधायक शिव अरोरा, विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, भाजपा जिलाध्यक्ष कमल जिंदल, मनोज पाल, मेयर विकास शर्मा, दीपक बाली तथा दर्जा राज्य मंत्री अनिल कपूर डब्बू सहित अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे. बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों, श्रद्धालुओं और सिख समाज के प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में भाग लेकर अमर शहीद ऊधम सिंह को श्रद्धासुमन अर्पित किए और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया.
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