Shani Nakshatra Parivartan 2026: सावन में शनि बदलेंगे नक्षत्र, गोचर से इन 6 राशियो को लगेगा जैकपॉट
Sawan 2026 Rashifal: सावन महीने में शनि देव बड़ा नक्षत्र परिवर्तन करने जा रहे हैं। 20 अगस्त 2026 की शाम से शनि देव रेवती नक्षत्र के पहले पद में प्रवेश करेंगे, जिससे कई राशियों के अच्छे दिन शुरू होंगे।
Bhojshala परिसर के पास Supreme Court की अनुमति के बाद कड़ी सुरक्षा में नमाज अदा
उच्चतम न्यायालय की अनुमति के एक दिन बाद, मध्यप्रदेश के धार जिले में स्थित भोजशाला-कमाल मौला परिसर के निकट शुक्रवार को कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच मुस्लिम समुदाय ने निर्धारित स्थल पर नमाज अदा की। जिला प्रशासन ने बताया कि मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद भोजशाला के निकट सर्वे नंबर 612 को नमाज के लिए चुना गया था। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा मई में भोजशाला-कमाल मौला परिसर को देवी सरस्वती का मंदिर घोषित किए जाने के बाद पहली बार बड़ी संख्या में मुस्लिम जुमे की नमाज के लिए पहुंचे।
उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि मुस्लिम समुदाय को विवादित भोजशाला परिसर से सटे दरगाह परिसर में शुक्रवार को दोपहर एक बजे से तीन बजे के बीच नमाज अदा करने की अनुमति दी जाए। अदालत के निर्देश के बाद जिला प्रशासन ने नमाज के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं कीं। अधिकारियों ने बताया कि दोपहर करीब ढाई बजे 150 से अधिक लोग नमाज के लिए पहुंचे।
बारिश के बावजूद उन्होंने निर्धारित स्थल पर नमाज अदा की। उन्होंने बताया कि नमाज से पहले जिला प्रशासन और मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधियों के बीच बैठक हुई। सुरक्षा के मद्देनजर भोजशाला परिसर के चारों ओर अवरोधक लगाए गए और परिसर तथा आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया।
मुस्लिम पक्ष का प्रतिनिधित्व कर रहे कमाल मौलाना वेलफेयर सोसाइटी के सदस्य अब्दुल समद ने कहा, हमने अपनी मांगें उच्चतम न्यायालय के समक्ष रखीं। अदालत ने गंभीरता से सुनवाई करते हुए कमाल मौला मस्जिद से लगे क्षेत्र में नमाज अदा करने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि अदालत ने सर्वे नंबर 611, 612 और 596 का उल्लेख किया था तथा उपलब्ध स्थान पर नमाज की व्यवस्था करने को कहा है।
समद ने कहा, प्रशासन के सहयोग से हमने सर्वे नंबर 612 पर नमाज अदा की और सर्वे नंबर 611 छोड़ दिया, ताकि किसी की भावनाओं या आस्था को ठेस न पहुंचे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय डावर ने कहा, बृहस्पतिवार शाम से ही मुस्लिम समुदाय के साथ लगातार संवाद किया गया। प्रशासन और पुलिस विभाग ने आपसी सहमति से आज शांतिपूर्ण ढंग से उसी स्थान पर नमाज कराने का निर्णय लिया।
उन्होंने बताया कि नमाज के दौरान लगभग 800 से 900 पुलिसकर्मी तैनात किए गए। इनमें विशेष कार्य बल (एसटीएफ) के जवान भी शामिल थे। शहर के संवेदनशील इलाकों में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सीसीटीवी के जरिए भी निगरानी की गई।
उपखंड अधिकारी (एसडीएम) राजकुमार हलधर ने कहा कि प्रशासन की ओर से की गई व्यवस्थाओं के बीच करीब 150 लोगों ने सर्वे नंबर 612 पर शांतिपूर्वक नमाज अदा की। इससे पहले धार के जिलाधिकारी राजीव रंजन मीणा ने बताया था कि नमाज के लिए सभी आवश्यक प्रशासनिक व्यवस्थाएं की गई हैं। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने मई में अपने फैसले में भोजशाला-कमाल मौला परिसर को देवी सरस्वती का मंदिर माना था और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के वर्ष 2003 के उस आदेश को निरस्त कर दिया था, जिसके तहत मुस्लिम समुदाय को परिसर में शुक्रवार की नमाज की अनुमति दी गई थी।
उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने अपने 242 पन्नों के फैसले में कहा था कि 11वीं शताब्दी के इस स्मारक का धार्मिक स्वरूप वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर स्थापित हो चुका है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया था कि मुस्लिम पक्ष मस्जिद निर्माण के लिए जिले में अलग भूमि आवंटित करने का अनुरोध राज्य सरकार से कर सकता है। इसके बाद मुस्लिम पक्ष ने उच्चतम न्यायालय का रुख किया, जिसने बृहस्पतिवार को विवादित परिसर से सटे दरगाह परिसर में शुक्रवार की नमाज की अनुमति दी।
इसके बाद समुदाय के प्रतिनिधियों और जिला प्रशासन ने सर्वे नंबर 612 को नमाज के लिए चिन्हित किया।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Republic Bharat
prabhasakshi














.jpg)








