Responsive Scrollable Menu

MEA Press Conference : Pakistan पर India का अब तक का सबसे बड़ा हमला, विदेश मंत्रालय ने दुनिया के सामने खोली आतंकिस्तान की पूरी पोल

भारत ने पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) में आम नागरिकों पर हो रहे दमन को लेकर पाकिस्तान के खिलाफ बेहद तीखा और आक्रामक रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय की साप्ताहिक प्रेस वार्ता में प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पाकिस्तान पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि वहां की सत्ता अपने ही नागरिकों के खिलाफ बर्बर बल प्रयोग कर रही है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस पर चुप नहीं रहना चाहिए।

जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे नागरिकों पर जिस तरह बल प्रयोग किया गया है, उसमें अब तक 40 से अधिक निर्दोष लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि बड़ी संख्या में लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की सत्ता का स्थानीय जनता के प्रति तिरस्कार उस समय पूरी दुनिया के सामने उजागर हो गया, जब पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने प्रदर्शन कर रहे नागरिकों को ही "दुश्मन" करार दे दिया।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने पाकिस्तान की आंतरिक स्थिति को लेकर भी बड़ा राजनीतिक हमला करते हुए कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के राजनीतिक मामलों के विशेष सहायक स्वयं यह स्वीकार कर चुके हैं कि जिन मुजाहिदीनों को पाकिस्तान की सत्ता ने वर्षों तक प्रशिक्षित किया, धन उपलब्ध कराया, हथियार दिए और भारत में आतंक फैलाने के लिए भेजा, वही अब पाकिस्तान के खिलाफ हथियार उठा चुके हैं। भारत ने इसे पाकिस्तान की आतंकवाद समर्थक नीति की सबसे बड़ी स्वीकारोक्ति बताते हुए कहा कि आतंकवाद का जिस ढांचे को पाकिस्तान ने खड़ा किया था, अब वही उसके लिए सबसे बड़ा खतरा बन गया है।

रणधीर जायसवाल ने पीओजेके में तथाकथित चुनावों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि वे पाकिस्तान की सत्ता व्यवस्था के लिए एक अपमानजनक अस्वीकृति साबित हुए हैं। उन्होंने कहा कि पीओजेके के लोगों ने अंतरराष्ट्रीय संगठनों से गैरकानूनी हत्याओं की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पाकिस्तान की कार्रवाई की निष्पक्ष जांच करने और उसे उसके अत्याचारों के लिए जवाबदेह ठहराने की अपील भी की।

साथ ही भूटान के साथ विकास सहयोग को लेकर प्रभासाक्षी के प्रश्न के उत्तर में विदेश मंत्रालय ने कहा कि विदेश सचिव की हालिया भूटान यात्रा भारत-भूटान विकास सहयोग मंच (India-Bhutan Development Cooperation Platform) के तहत हुई थी। इस दौरान दोनों देशों ने द्विपक्षीय विकास साझेदारी की व्यापक समीक्षा की और विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति का आकलन किया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि यात्रा के दौरान दो महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। पहला समझौता भूटान के लिए लाइन ऑफ क्रेडिट (ऋण सहायता) से संबंधित था, जबकि दूसरा समझौता अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) और भूटान के खेसर ग्यालपो अस्पताल के बीच स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए किया गया। दोनों पक्षों ने भविष्य की विकास परियोजनाओं और नई पहलों पर भी चर्चा की। भारत ने दोहराया कि भूटान उसकी ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति का प्रमुख साझेदार है और दोनों देशों के बीच विकास, आधारभूत ढांचा, स्वास्थ्य तथा क्षमता निर्माण के क्षेत्रों में सहयोग लगातार और अधिक मजबूत हो रहा है।

इसके अलावा, एक अन्य प्रश्न के उत्तर में समुद्री सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय नौवहन के मुद्दे पर भारत ने अपने स्थापित रुख को दोहराया। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारत हमेशा अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर निर्बाध और स्वतंत्र नौवहन का समर्थक रहा है तथा वैश्विक समुद्री व्यापार की सुरक्षा को अत्यंत महत्वपूर्ण मानता है।

साथ ही नेपाल के साथ संबंधों पर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में रणधीर जायसवाल ने कहा कि दोनों देशों के बीच कई द्विपक्षीय मुद्दे एजेंडे में शामिल हैं और इन पर तकनीकी स्तर सहित विभिन्न संस्थागत तंत्रों के माध्यम से नियमित बातचीत जारी रहती है। उन्होंने संकेत दिया कि भारत-नेपाल संबंध निरंतर संवाद और सहयोग के आधार पर आगे बढ़ रहे हैं।

रूसी सेना में भर्ती भारतीय नागरिकों के मुद्दे पर विदेश मंत्रालय ने बताया कि अब तक भारत के प्रयासों से 139 भारतीय नागरिकों की रिहाई सुनिश्चित की जा चुकी है। हालांकि अभी भी लगभग दो दर्जन भारतीय नागरिकों के रूस में होने की सूचना है, जिनकी वापसी के लिए रूस के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा गया है। मंत्रालय ने एक बार फिर युवाओं को चेतावनी देते हुए कहा कि वे संदिग्ध एजेंसियों और जोखिमपूर्ण विदेशी नौकरी के प्रस्तावों से सतर्क रहें।

इसके अलावा, अमेरिकी सीनेट में पेश एक विधेयक से जुड़े प्रश्न पर भारत ने संयमित लेकिन स्पष्ट प्रतिक्रिया दी। विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह घटनाक्रम पर करीबी नजर रखे हुए है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा भारत की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं पर आधारित है और देश अपने नागरिकों की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए विविध स्रोतों से आपूर्ति सुनिश्चित करता रहेगा। जायसवाल ने बताया कि इस विषय पर अमेरिका के विभिन्न हितधारकों के साथ संवाद जारी है।

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर भारत ने स्पष्ट किया कि इस वर्ष वह संगठन की अध्यक्षता कर रहा है और भारत में शिखर सम्मेलन आयोजित करने की व्यापक तैयारियां चल रही हैं। निमंत्रण और अन्य तकनीकी पहलुओं पर उचित समय पर जानकारी साझा की जाएगी।

एमनेस्टी इंटरनेशनल की रिपोर्ट पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत के पास रणनीतिक व्यापार नियंत्रण के लिए मजबूत कानूनी और नियामकीय व्यवस्था मौजूद है। उन्होंने कहा कि दोहरे उपयोग वाली प्रौद्योगिकियों और सामग्रियों का निर्यात पूरी तरह राष्ट्रीय कानूनों और अंतरराष्ट्रीय दायित्वों के अनुरूप किया जाता है।

इसके अलावा, यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह से रवाना होने के बाद हमले का शिकार बने जहाज एमवी एजीएन रैग्नार पर मौजूद भारतीय नागरिकों की स्थिति पर विदेश मंत्रालय ने बताया कि चार भारतीय चालक दल के सदस्य जहाज पर थे। इनमें दो सुरक्षित हैं, जबकि दो अब भी लापता हैं। यूक्रेन और रोमानिया, दोनों पक्षों की ओर से खोज एवं बचाव अभियान चलाया गया है। भारत दोनों देशों के संपर्क में है और लापता भारतीयों के परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

इसके अलावा, अमेरिका से भारतीय नागरिकों के निर्वासन के आंकड़े भी विदेश मंत्रालय ने साझा किए। मंत्रालय के अनुसार 1 जनवरी 2026 से अब तक कुल 1,273 भारतीय नागरिकों को अमेरिका से भारत भेजा गया है, जबकि वर्ष 2025 में यह संख्या 3,567 थी।

विदेश मंत्रालय की इस प्रेस वार्ता का सबसे प्रभावशाली संदेश पाकिस्तान को लेकर भारत के बदले हुए कूटनीतिक तेवर रहे। भारत ने पहली बार इतने तीखे शब्दों में पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में मानवाधिकार उल्लंघनों, पाकिस्तान की आतंकवाद समर्थक नीति और वहां की सत्ता व्यवस्था की विफलताओं को एक साथ वैश्विक विमर्श के केंद्र में लाने का प्रयास किया। इससे स्पष्ट संकेत मिलता है कि भारत अब केवल सीमा पार आतंकवाद का मुद्दा ही नहीं उठा रहा, बल्कि पाकिस्तान के भीतर मानवाधिकारों, लोकतांत्रिक वैधता और शासन की विफलता को भी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रमुखता से उठाने की रणनीति पर आगे बढ़ रहा है।

Continue reading on the app

केरल सरकार का बड़ा फैसला: NEET Protest के खिलाफ दर्ज सभी केस होंगे वापस, Ramesh Chennithala ने दी जानकारी

 केरल सरकार ने दिल्ली में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) आंदोलन के समर्थन में राज्य भर में हुए विरोध प्रदर्शनों के सिलसिले में दर्ज सभी मामले वापस लेने का फैसला किया है। गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। चेन्निथला ने यहां संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि यह फैसला लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन के अनुरोध पर लिया गया। उन्होंने कहा कि नीट में कथित अनियमितताओं को लेकर हो रहे विरोध-प्रदर्शनों के समर्थन में केरल भर में कई युवा संगठनों और राजनीतिक दलों ने प्रदर्शन आयोजित किए।

चेन्निथला ने कहा, “उन विरोध प्रदर्शनों के सिलसिले में कई मामले दर्ज किए गए थे। हमें इन मामलों को वापस लेने के लिए कई अनुरोध मिले। मुख्यमंत्री ने वे सभी अनुरोध मुझे भेजे, और मैंने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को निर्देश दिया है कि वे इनमें से किसी भी मामले में आगे कोई कार्रवाई न करें।” कई मामलों में हालांकि प्राथमिकी दर्ज की गई थीं, लेकिन ये विरोध प्रदर्शन राष्ट्रीय महत्व के मुद्दे पर किए गए थे और इनमें कोई हिंसा नहीं हुई थी।

उन्होंने कहा, “यह जन-मुद्दा उठाने वाला एक बड़ा सकारात्मक आंदोलन था। यहां तक कि उच्चतम न्यायालय ने भी इस मामले पर सकारात्मक रुख अपनाया। यहां कोई हिंसक घटना नहीं हुई। इसलिए, मैंने डीजीपी को निर्देश दिया है कि वे दर्ज किए गए किसी भी मामले में आगे की कार्रवाई न करें।” जब चेन्निथला से उन मामलों की संख्या के बारे में पूछा गया जिन्हें वापस लिया जाएगा, तो उन्होंने कहा कि निर्देश जारी किए गए हैं कि मामलों की संख्या चाहे जो भी हो, उनमें से किसी भी मामले में आगे कोई कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए।

इसके अलावा, उन्होंने कहा कि जेलों के अंदर मादक पदार्थों के इस्तेमाल और बिक्री की शिकायतों के बाद, राज्य भर की जेलों में पुलिस और जेल विभाग की ओर से “ऑपरेशन तूफान” के तहत संयुक्त तलाशी अभियान जारी है। मादक पदार्थ की तस्करी में डिलीवरी करने वाले कर्मचारियों के कथित इस्तेमाल से जुड़े एक सवाल का जवाब देते हुए चेन्निथला ने कहा कि सरकार ऐसी गतिविधियों से सख्ती से निपटेगी।

उन्होंने चेतावनी दी, “किसी भी हाल में मादक पदार्थ बांटने के लिए डिलीवरी करने वाले कर्मचारियों का इस्तेमाल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।” सतीशन के खिलाफ ‘पुनर्जनी’ विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (एफसीआरए) मामला बंद करने के सतर्कता विभाग के फैसले पर चेन्निथला ने कहा कि जांच एजेंसी को मुख्यमंत्री के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला।

उन्होंने कहा कि सतर्कता निदेशक ने सिर्फ यह कहा था कि एफसीआरए के कथित उल्लंघन राज्य एजेंसी के अधिकार क्षेत्र में नहीं आते हैं और अगर जरूरत पड़ी, तो इनकी जांच केंद्रीय एजेंसियों को करनी होगी।

Continue reading on the app

  Sports

बॉक्सर अंकुश पंघाल का 'गोल्डन' कमबैक, 0-5 से पिछड़ने के बाद बने कॉमनवेल्थ गेम्स चैंपियन

Ankush Panghal commonwealth Games Champion: बॉक्सर अंकुश पंघाल ने पुरुषों की 80 किग्रा कैटेगरी के फाइनल में शानदार वापसी करते हुए स्वर्ण पदक जीता. पहले राउंड में 0-5 से पिछड़ने के बावजूद अंकुश ने इंग्लैंड के डिमेजी शिट्टू को 4-1 के स्प्लिट वर्डिक्ट से मात दी. फाउल पेनाल्टी और रणनीति में बदलाव के दम पर मिली यह जीत CWG 2026 में भारत का मुक्केबाजी में 7वां गोल्ड मेडल है. Sat, 1 Aug 2026 23:50:37 +0530

  Videos
See all

Kanpur Lal Imli Mill Mystery: 105 साल पुरानी घड़ी से गायब हुईं सुइयां! आखिर कौन चुरा ले गया समय? #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-01T18:45:31+00:00

Viral Video | विदाई समारोह के कथित वीडियो ने मचाई चर्चा | #shorts #viralvideo #viralnews #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-01T18:40:27+00:00

CWG 2026: Priya Ghanghas का गोल्डन पंच! Women's 60kg Boxing में जीता Gold Medal #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-01T18:37:47+00:00

CWG 2026: Common Wealth Games में भारत को बॉक्सिंग में पबली बार 7 Gold | India | Breaking News #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-01T18:32:37+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers