Senthil Balaji को Supreme Court से राहत, टासमैक भ्रष्टाचार मामले में मिली अग्रिम जमानत
उच्चतम न्यायालय ने द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के नेता एवं पूर्व मंत्री वी. सेंथिल बालाजी को राहत देते हुए शुक्रवार को उन्हें तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा दर्ज किए गए भ्रष्टाचार के एक नये मामले में अगले आदेश तक अग्रिम जमानत दे दी। भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कुछ शर्तों के साथ बालाजी को राहत दी। पीठ ने निर्देश दिए कि बालाजी जांच में सहयोग करेंगे, अपना पासपोर्ट जमा कराएंगे और किसी गवाह को प्रभावित नहीं करेंगे।
न्यायमूर्ति बागची ने तमिलनाडु सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता गुरु कृष्णकुमार से कहा, ‘‘जमानत की शर्तों का तनिक भी उल्लंघन हो तो आप तुरंत हमारे पास आइए। हम अपने आदेश में बदलाव कर देंगे या उसे रद्द कर देंगे।’’ इससे पहले दिन में न्यायमूर्ति वी. मोहना ने बालाजी की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई से स्वयं को अलग कर लिया था। उच्चतम न्यायालय ने तमिलनाडु राज्य विपणन निगम (टासमैक) में कथित अनियमितताओं से जुड़े भ्रष्टाचार के नये मामले में अग्रिम जमानत का अनुरोध करने वाली बालाजी की याचिका पर सुनवाई के लिए बृहस्पतिवार को सहमति जताई थी।
मद्रास उच्च न्यायालय ने टासमैक घोटाला मामले में सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय द्वारा दर्ज प्राथमिकी में बालाजी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके तुरंत बाद वरिष्ठ अधिवक्ताओं --कपिल सिब्बल, मुकुल रोहतगी और अमित आनंद तिवारी-- ने द्रमुक नेता की ओर से न्यायमूर्ति सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ से याचिका को तत्काल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का आग्रह किया था। उन्होंने कहा था कि बालाजी के खिलाफ किसी भी समय दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
बालाजी तमिलनाडु विधानसभा में कोयंबटूर दक्षिण सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं। प्राथमिकी के अनुसार, टासमैक में दुकानों और बार के आवंटन में बड़े पैमाने पर घोटाला हुआ। बालाजी ने आरोप लगाया कि प्राथमिकी में प्रवर्तन निदेशालय के हलफनामे और एजेंसी द्वारा उच्चतम न्यायालय में दाखिल याचिका के अंश शब्दशः शामिल किए गए हैं।
याचिका में कहा गया कि प्राथमिकी में कई स्थानों पर स्वयं यह उल्लेख किया गया है कि संबंधित सामग्री प्रवर्तन निदेशालय के जवाबी हलफनामे और याचिका से ली गई है। वरिष्ठ अधिवक्ता तिवारी ने कहा, ‘‘हमारी दलील है कि प्राथमिकी उन घटनाओं को लेकर दर्ज की गई है, जो कथित तौर पर 2021 से 2025 के बीच हुईं। मेरे फरार होने की कोई आशंका नहीं है और हिरासत में पूछताछ की भी आवश्यकता नहीं है।
मैं संबंधित विभाग का मंत्री था, जबकि टासमैक अपने अस्तित्व और कामकाज में एक स्वतंत्र निगम है।’’ उन्होंने इस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध का उदाहरण भी बताया। प्राथमिकी में करोड़ों रुपये की कथित सुनियोजित नकद रिश्वत योजना का विवरण दिया गया है। आरोप है कि बोतल आपूर्ति करने वाली कंपनियों ने शराब बनाने वाली इकाइयों के लिए फर्जी या बढ़ा-चढ़ाकर बिल तैयार किए।
Anurag Thakur का Rahul Gandhi पर आरोप, कहा- लोकसभा में मनगढ़ंत आरोप लगाकर कर रहे अवहेलना
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद अनुराग ठाकुर ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाद्रा पर लोकसभा में ‘मनगढ़ंत’ आरोप लगाकर सदन के नियमों की अवहेलना का आरोप लगाया। ठाकुर ने कहा कि उन्होंने राहुल गांधी के खिलाफ कार्यवाही की मांग करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को नोटिस दिया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने विपक्षी दलों पर सशस्त्र बलों और पुलिस का अपमान करने का आरोप भी लगाया।
उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता सैन्य अभियानों पर सवाल उठाते हैं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर झूठे आरोप लगाते हैं और संसद में आपत्तिजनक का इस्तेमाल करते हैं। ठाकुर ने बृहस्पतिवार को विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन और सदन की अवमानना का नोटिस लोकसभा अध्यक्ष को सौंपा। यह नोटिस गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ ‘असंसदीय और अपमानजनक का इस्तेमाल करने और गंभीर व निराधार आरोप लगाने’ के लिए दिया गया।
तीन पन्नों के नोटिस में, ठाकुर ने बिरला से अनुरोध किया कि वह इस मामले को विशेषाधिकार समिति को भेजें ताकि विस्तृत जांच और उचित कार्रवाई हो सके। इसमें गांधी को सदन और शाह से बिना शर्त माफी मांगने का निर्देश देने की मांग भी शामिल है। ठाकुर ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमने बार-बार देखा है कि कांग्रेस और कुछ विपक्षी दल भारतीय सेना और पुलिस का अपमान करने का कोई मौका नहीं छोड़ते।
उन्होंने एयरस्ट्राइक, सर्जिकल स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर पर सवाल उठाए और भारत के दुश्मनों जैसी बोली।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस नेता सदन के अंदर आपत्तिजनक का इस्तेमाल करते हैं और नियमों का उल्लंघन करते हुए मनगढ़ंत आरोप लगाते हैं। मैंने लोकसभा में कार्य संचालन और कामकाज के नियमों के तहत एक नोटिस सौंपा है और अध्यक्ष से कार्रवाई करने का आग्रह किया है।’’ ठाकुर ने कहा कि राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्रालय पर झूठे आरोप लगाए और उनकी पार्टी ने मीडिया और पुलिस को निशाना बनाया। उन्होंने कहा, ‘‘राहुल गांधी केंद्रीय गृह मंत्रालय पर झूठे आरोप लगाते हैं।
प्रियंका गांधी सदन में मीडिया को पालतू कहती हैं, जबकि राहुल गांधी बाहर आकर कहते हैं कि मीडिया भाजपा के साथ है। वे देश की पुलिस पर भी सवाल उठाते हैं।’’ भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि एक दशक से अधिक समय तक सत्ता से बाहर रहने के बावजूद कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं पर हमला करती रहती है। ठाकुर ने कहा, ‘‘यह अहंकार से भरा परिवार और दल है।
बारह साल तक सत्ता से बाहर रहने के बावजूद, वे संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाते रहते हैं, उन्हें बदनाम करते हैं और यहां तक कि लोकसभा अध्यक्ष पर भी सवाल उठाते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘वे सदन में आपत्तिजनक का इस्तेमाल करते हैं, लोगों को ‘मूर्ख’ कहते हैं और वैसा ही व्यवहार करते हैं। इससे पता चलता है कि एक परिवार अहंकार में जी रहा है और पार्टी को इसकी कीमत चुकानी पड़ रही है।
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