ओलंपिक 2036 तैयारियों के लिए एक्शन मोड में उत्तराखंड सरकार, मुख्य सचिव ने की अधिकारियों के साथ बैठक
उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने ओलंपिक 2036 के लिए उत्तराखंड से होनहार खिलाड़ियों को तैयार करने के मकसद से खेल विभाग के साथ एक मीटिंग की. उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने वाले बच्चों की बहुत संभावनाएं हैं. उन्होंने राज्य की ताकत और यहां के पहाड़ी व जमीनी माहौल के हिसाब से खेलों को चुनने और खिलाड़ियों को अभी से एक सही और वैज्ञानिक तरीके से ट्रेनिंग देने की बात पर जोर दिया. इस मौके पर विशेष मुख्य सचिव श्री अमित सिन्हा, सचिव श्री शैलेश बगौली, डॉ. रणवीर सिंह चौहान और अपर सचिव श्रीमती नमामि बंसल के साथ अन्य बड़े अधिकारी भी मौजूद थे.
खिलाड़ियों की ताकत के हिसाब से चुने जाएंगे खेल - मुख्य सचिव
मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखंड के खिलाड़ियों की ताकत के हिसाब से ही खेलों को चुना जाए. ऐसे खेलों को पहले बढ़ावा दिया जाए, जिनमें राज्य के प्लेयर्स सबसे अच्छा खेल दिखा सकते हैं. उन्होंने कहा कि खेलों को अपनी प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर रखने की जरूरत है. इसके लिए विभाग को एक साफ टारगेट तय करके मिशन मोड में काम करना चाहिए.
टैलेंटेड खिलाड़ियों को खोजने का दिया निर्देश
आनंद बर्द्धन ने मीटिंग में होनहार खिलाड़ियों को खोजने के लिए बड़े स्तर पर 'टैलेंट हंट' (खिलाड़ी खोज) कार्यक्रम कराने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि चुने हुए खेलों में अच्छे खिलाड़ियों की पहचान करके उनके लिए विशेष सुविधाएं और नियम बनाए जा सकते हैं. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि खिलाड़ियों को चुनने के लिए एक मजबूत और वैज्ञानिक तरीका तैयार किया जाए, ताकि खिलाड़ियों का चयन पूरी ईमानदारी और सही नियमों के आधार पर हो सके. उन्होंने निर्देश दिए कि शुरुआती दौर में 100 से 150 होनहार बच्चों को चुनकर उनकी ट्रेनिंग तुरंत शुरू कर दी जाए. इन बच्चों के लिए आगे बढ़कर अच्छी ट्रेनिंग, कोचिंग, फिटनेस और दूसरी जरूरी चीजों का इंतजाम पक्का किया जाए.
स्कूल की पढ़ाई के साथ खेलों को और बेहतर बनाने की जरूरत - मुख्य सचिव
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने स्कूल के दिनों से ही टैलेंटेड खिलाड़ियों को पहचानने और उन्हें तैयार करने पर बहुत जोर दिया. उन्होंने कहा कि स्कूल की पढ़ाई के साथ खेलों को और बेहतर तरीके से जोड़ने की जरूरत है. इसके लिए स्कूलों में काम कर रहे पीटीआई (खेल शिक्षकों) को जागरूक करने और उनकी ट्रेनिंग पर भी ध्यान दिया जाए, ताकि वे बच्चों के अंदर छुपे खेल के हुनर को पहचान सकें, उसे निखारने में अच्छी भूमिका निभा सकें और स्कूलों में खेल का एक अच्छा माहौल बन सके. मुख्य सचिव यह भी कहा कि खिलाड़ियों के साथ-साथ उनके कोच को भी बेहतर और अप-टू-डेट बनाना बहुत जरूरी है.
आनंद बर्द्धन ने कहा कि अभी के टैलेंटेड खिलाड़ियों को अच्छे ट्रेनिंग सेंटरों में भेजकर ट्रेनिंग दिलाई जाए, ताकि वे आगे चलकर खुद अच्छे कोच बन सकें. उन्होंने कहा कि ऐसा करने से आने वाले समय में हमारे राज्य को बहुत बढ़िया और प्रोफेशनल कोच मिल सकेंगे.
आनंद बर्द्धन ने बच्चों को चुनने और कोचों का इंतजाम करने का दिया निर्देश
मुख्य सचिव ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि बच्चों को चुनने, कोचों का इंतजाम करने और ट्रेनिंग शुरू करने का पूरा शेड्यूल अभी से तय कर लिया जाए. हर कदम के लिए साफ टारगेट और आखिरी तारीख तय करते हुए इसकी लगातार देखरेख की जाए. उन्होंने कहा कि ओलंपिक 2036 को ध्यान में रखते हुए अभी से होनहार खिलाड़ियों को ढूंढने, उन्हें वैज्ञानिक तरीके से तैयार करने और बड़े मुकाबलों के लिए काबिल बनाने की दिशा में मजबूत कदम उठाना बहुत जरूरी है. उनका मानना है कि उत्तराखंड के होनहार खिलाड़ियों को सही मंच, ट्रेनिंग और सुविधाएं देकर देश और दुनिया के स्तर पर राज्य की एक मजबूत पहचान बनाई जा सकती है.
STP टेंडर केस: सत्येंद्र जैन समेत 5 आरोपी न्यायिक हिरासत में, उदित राय की जमानत पर कल सुनवाई
दिल्ली जल बोर्ड से जुड़े टेंडर में कथित गड़बड़ी के मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट में बुधवार को सुनवाई हुई. कोर्ट ने पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन समेत पांच आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. वहीं, मामले में गिरफ्तार दिल्ली जल बोर्ड के कॉन्ट्रैक्चुअल कंसल्टेंट अंकित श्रीवास्तव को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है. अब मामले की जांच के साथ-साथ आरोपियों की जमानत अर्जियों पर भी अदालत में सुनवाई होगी.
एंटी करप्शन ब्रांच यानी ACB की जांच के मुताबिक, दिल्ली जल बोर्ड के STP टेंडर की प्रक्रिया में कथित तौर पर ऐसी तकनीकी शर्तें रखी गईं, जिनसे एक खास तकनीक और कंपनी को फायदा मिलने की संभावना बनी. जांच एजेंसी का आरोप है कि टेंडर की शर्तों में बदलाव सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा नहीं था, बल्कि एक विशेष टेक्नोलॉजी प्रोवाइडर को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से किया गया.
जांच में IFAS कंपनी से जुड़ी शर्त का जिक्र
जांच में खास तौर पर IFAS कंपनी से जुड़ी शर्त का जिक्र किया गया है. ACB का कहना है कि टेंडर में इस तरह की शर्त शामिल करना प्रतिबंधात्मक था. एजेंसी के अनुसार, तकनीकी मानकों में बदलाव के जरिए M/s Euroteck Environmental Pvt. Ltd. को फायदा पहुंचाने की कोशिश की गई. अब जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि टेंडर की शर्तें किस स्तर पर बदली गईं और इस पूरी प्रक्रिया में किन-किन लोगों की भूमिका रही.
इसी मामले में ACB ने अंकित श्रीवास्तव की पुलिस कस्टडी की मांग की थी. एजेंसी का कहना था कि जांच के दौरान उनसे पूछताछ जरूरी है और टेंडर से जुड़े फैसलों तथा तकनीकी शर्तों में हुए बदलाव के बारे में जानकारी हासिल करनी है. कोर्ट ने अंकित श्रीवास्तव को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है. अब जांच एजेंसी उनसे मामले से जुड़े दस्तावेजों और टेंडर प्रक्रिया को लेकर पूछताछ करेगी.
जैन से 5 आरोपियों को न्यायिक हिरासत
दूसरी तरफ सत्येंद्र जैन समेत अन्य आरोपियों को कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया. आरोपियों की ओर से जमानत के लिए आवेदन भी दाखिल किया गया है. कोर्ट ने इन जमानत अर्जियों पर संबंधित पक्ष को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है. इन अर्जियों पर अगली सुनवाई 25 अगस्त को होगी.
उदित राय पर 20 को सुनवाई
मामले में IAS अधिकारी उदित राय की जमानत अर्जी को लेकर भी अदालत में अलग से अहम घटनाक्रम सामने आया. उदित राय मिजोरम सरकार में तैनात IAS अधिकारी बताए गए हैं. अदालत में उनकी ओर से यह बात रखी गई कि अगर उन्हें निर्धारित अवधि से ज्यादा समय तक हिरासत में रहना पड़ता है, तो इसका असर उनकी सरकारी सेवा पर पड़ सकता है. यह भी दलील दी गई कि लंबी हिरासत की स्थिति में उनकी नौकरी पर संकट पैदा हो सकता है.
इसी पहलू को देखते हुए उदित राय की जमानत अर्जी पर अदालत कल सुनवाई करेगी. यानी अब इस मामले में जांच के साथ आरोपियों की कानूनी स्थिति भी अहम हो गई है. एक तरफ ACB टेंडर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही है, वहीं आरोपी अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों के बीच जमानत की मांग कर रहे हैं.
ACB कर रही मामले की जांच
पूरे मामले का केंद्र दिल्ली जल बोर्ड के STP टेंडर की प्रक्रिया है. ACB यह जांच कर रही है कि तकनीकी शर्तों को किस तरह तैयार किया गया, उसमें बदलाव क्यों किए गए और इससे किसी खास कंपनी को वास्तविक फायदा मिला या नहीं. जांच एजेंसी के आरोपों की पुष्टि होना अभी बाकी है और आगे की जांच तथा अदालत की कार्यवाही में इस मामले से जुड़े और तथ्य सामने आ सकते हैं.
फिलहाल कोर्ट के आदेश के बाद सत्येंद्र जैन समेत पांच आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं, जबकि अंकित श्रीवास्तव दो दिन की पुलिस कस्टडी में रहेंगे. सभी आरोपियों की जमानत अर्जियों पर 25 अगस्त को सुनवाई होनी है. वहीं, IAS अधिकारी उदित राय की जमानत याचिका पर अदालत बुधवार के बाद अब गुरुवार को सुनवाई करेगी. इस मामले में आने वाले दिनों में जांच और अदालत की कार्यवाही पर नजर रहेगी.
य़ह भी पढ़ें - सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी पर केजरीवाल का बड़ा आरोप, जांच एजेंसी पर दबाव डालने का दावा
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation








