Car Maintenance: समय पर सर्विस के साथ इन पार्ट्स को भी बदलें, वरना बढ़ सकती है परेशानी
Car Maintenance: भारत में लाखों लोग रोजाना अपनी कार का इस्तेमाल करते हैं। कार को लंबे समय तक बेहतर कंडीशन में रखने के लिए समय-समय पर सर्विस करवाना बेहद जरूरी है। हालांकि, सिर्फ सर्विस करवाना ही काफी नहीं होता। कार के कई ऐसे पार्ट्स भी हैं, जिन्हें तय समय या किलोमीटर के बाद चेक करवाना और जरूरत पड़ने पर बदलना जरूरी होता है। ऐसा न करने पर कार की परफॉर्मेंस प्रभावित होने के साथ भविष्य में बड़ी परेशानी भी आ सकती है। आइए जानते हैं किन पार्ट्स को कब बदलना बेहतर रहता है।
समय पर सर्विस करवाना जरूरी
अगर आप अपनी कार को लंबे समय तक बिना परेशानी के चलाना चाहते हैं तो उसकी सर्विस समय पर करवाना जरूरी है। कई लोग सर्विस को टालते रहते हैं, जिसका असर धीरे-धीरे कार के इंजन, ट्रांसमिशन और दूसरे जरूरी पार्ट्स पर पड़ सकता है।
पार्ट्स की जांच और रिप्लेसमेंट भी जरूरी
कार की नियमित सर्विस के दौरान जरूरी पार्ट्स की स्थिति की जांच करवानी चाहिए। कुछ पार्ट्स समय के साथ घिस जाते हैं या उनकी क्षमता कम हो जाती है। ऐसे में इन्हें सही समय पर बदलने से कार की परफॉर्मेंस और सुरक्षा बेहतर बनी रहती है।
कब बदलें स्पार्क प्लग?
पेट्रोल कारों में स्पार्क प्लग इंजन में ईंधन को जलाने के लिए जरूरी चिंगारी पैदा करता है। स्पार्क प्लग की स्थिति को करीब 40 हजार किलोमीटर पर जांच करवाना बेहतर होता है। अगर इसकी कंडीशन खराब हो या जरूरत महसूस हो तो इसे बदल देना चाहिए। हालांकि, सही रिप्लेसमेंट इंटरवल कार के मॉडल और निर्माता की सिफारिश के अनुसार अलग हो सकता है।
वाइपर ब्लेड को भी नजरअंदाज न करें
बारिश के दौरान विंडशील्ड से पानी साफ करने और बेहतर विजिबिलिटी बनाए रखने में वाइपर ब्लेड की अहम भूमिका होती है। गर्मी या सर्दी के मौसम में इनका इस्तेमाल कम होने के बावजूद इनकी कंडीशन पर ध्यान देना चाहिए।
खराब या घिसे हुए वाइपर ब्लेड विंडशील्ड से पानी ठीक तरह साफ नहीं कर पाते। इससे विजिबिलिटी कम होने के साथ कांच पर स्क्रैच या निशान भी पड़ सकते हैं। इसलिए वाइपर ब्लेड को करीब 10 से 12 हजार किलोमीटर के अंतराल पर बदलने पर विचार करना चाहिए। अगर ब्लेड से आवाज आने लगे या पानी ठीक से साफ न हो, तो इसे इससे पहले भी बदल दें।
ट्रांसमिशन फ्लूइड भी है जरूरी
कार में गियर को सुचारू रूप से काम करने में ट्रांसमिशन फ्लूइड की अहम भूमिका होती है। मैनुअल कार में इसे करीब 60 हजार किलोमीटर पर चेक करवाना चाहिए और जरूरत पड़ने पर बदल देना चाहिए। सही समय पर ट्रांसमिशन फ्लूइड बदलने से गियर शिफ्टिंग बेहतर रहती है और ट्रांसमिशन की लाइफ बढ़ाने में भी मदद मिलती है।
हालांकि, ट्रांसमिशन फ्लूइड बदलने का सही अंतराल कार के मॉडल, इंजन और निर्माता की गाइडलाइन के आधार पर अलग-अलग हो सकता है। इसलिए कार की ओनर मैनुअल में दिए गए सर्विस शेड्यूल को प्राथमिकता देना बेहतर है।
(मंजू कुमारी)
Scooter Update: यामाहा रे जेडआर और फैसिनो स्कूटर हुए अपडेट, जानें नए फीचर्स और कीमतें
Scooter Update : भारत में 125 सीसी स्कूटर सेगमेंट में कई कंपनियां अपने मॉडल पेश करती हैं। इसी सेगमेंट में यामाहा भी रे जेडआर और फैसिनो जैसे लोकप्रिय स्कूटर्स की बिक्री करती है। कंपनी ने अब इन दोनों स्कूटर्स को नए फीचर्स और नए कलर ऑप्शन के साथ अपडेट किया है। इनके फीचर्स और कीमत में क्या बदलाव किए गए हैं, आइए जानते हैं।
अपडेट हुए यामाहा स्कूटर्स
यामाहा ने 125 सीसी सेगमेंट में अपने रे जेडआर और फैसिनो स्कूटर्स को अपडेट किया है। कंपनी ने रे जेडआर हाइब्रिड स्ट्रीट रैली वेरिएंट में नए फीचर्स के साथ नए ग्राफिक्स और कलर ऑप्शन जोड़े हैं। वहीं, Fascino Hybrid को भी नए रंगों में पेश किया गया है।
मिले नए फीचर्स
यामाहा रे जेडआर हाइब्रिड स्ट्रीट रैली को अब टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन और कलर इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर के साथ अपडेट किया गया है। इसके अलावा स्कूटर में नए ग्राफिक्स और कलर ऑप्शन भी मिलते हैं।
वहीं यामाहा फैसिनो हाइब्रिड में नए कलर ऑप्शन जोड़े गए हैं। दोनों स्कूटर्स में स्मार्ट मोटर जेनरेटर, साइलेंट स्टार्ट सिस्टम, टेलिस्कोपिक फ्रंट सस्पेंशन और 21 लीटर का बूट स्पेस जैसे फीचर्स पहले से मिलते हैं।
कितनी है कीमत?
यामाहा रे जेडआर स्ट्रीट रैली की एक्स-शोरूम कीमत 1 लाख रुपये रखी गई है। इसे मैट टाइटन और मैट ब्लैक कलर में पेश किया गया है। इसके LCD वेरिएंट की कीमत 94,000 रुपये, डिस्क वेरिएंट की कीमत 87,000 रुपये और ड्रम वेरिएंट की कीमत 79,000 रुपये है।
वहीं यामाहा फैसिनो एस की एक्स-शोरूम कीमत 99,000 रुपये है। इसके डिस्क वेरिएंट की कीमत 91,000 रुपये और ड्रम वेरिएंट की एक्स-शोरूम कीमत 79,000 रुपये है।
(मंजू कुमारी)
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