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Aaj ka Makar Rashifal : मकर राशि वालों के लिए 20 अगस्त का दिन खास, अचानक बढ़ेगी रफ्तार, रुका पैसा मिलने के भी बन रहे योग

Aaj 20 August ka Makar Rashifal: आज का दिन नई उम्मीदें और सकारात्मक ऊर्जा लाएगा. कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारियां बढ़ेंगी, व्यापार में लाभ के अवसर मिलेंगे. परिवार और प्रेम संबंधों में मधुरता रहेगी. भगवान विष्णु की पूजा करें. आर्थिक स्थिति में मजबूती आएगी, साथ ही रुका हुआ धन मिलने के संकेत भी बन रहे हैं. नौकरीपेशा लोगों को कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी मिल सकती है.

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Property Buying Tips: अपने पार्टनर के साथ मिलकर प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

पति-पत्नी का मिलकर घर खरीदना आज आम बात है। खासकर जब दोनों कमाते हों और घर खरीदने में दोनों का पैसा लग रहा हो। जॉइंट होम लोन से दोनों की आय को लोन की पात्रता में शामिल किया जा सकता है, जिससे अधिक लोन मिलने की संभावना बन सकती है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि उपलब्ध अधिकतम लोन ले लेना समझदारी है। ज्यादा लोन का मतलब लंबे समय तक ज्यादा ईएमआई और बड़ा वित्तीय बोझ भी हो सकता है।

टैक्स बचत के लिए सिर्फ नाम जोड़ना सही नहीं
संयुक्त रूप से प्रॉपर्टी खरीदने पर टैक्स से जुड़ा फायदा मिल सकता है, लेकिन केवल घर के कागजों में पति-पत्नी दोनों का नाम होने से टैक्स लाभ अपने आप नहीं मिलता। पुराने टैक्स रिजीम में पात्र व्यक्ति होम लोन के ब्याज और मूलधन के भुगतान पर लागू नियमों के अनुसार कटौती का दावा कर सकते हैं। इसके लिए घर में हिस्सेदारी, लोन की जिम्मेदारी और भुगतान में वास्तविक योगदान जैसे पहलू महत्वपूर्ण हैं।

इनकम टैक्स रिटर्न में को-ओनर को प्रॉपर्टी में अपनी हिस्सेदारी का प्रतिशत भी बताना होता है। इसलिए रजिस्ट्रेशन से पहले यह साफ होना चाहिए कि दोनों की हिस्सेदारी कितनी है और लोन की जिम्मेदारी किस अनुपात में होगी।

नए टैक्स रिजीम में नियम अलग
सिर्फ टैक्स बचाने के लिए पति या पत्नी को को-ओनर बनाना सही फैसला नहीं हो सकता। मौजूदा नियमों के अनुसार नए टैक्स रिजीम में सेल्फ-ऑक्यूपाइड घर पर सामान्य तौर पर सेक्शन 24(b) के तहत होम लोन के ब्याज की कटौती उपलब्ध नहीं है। हालांकि, किराये पर दी गई प्रॉपर्टी के लिए टैक्स का इलाज अलग हो सकता है। इसलिए प्रॉपर्टी खरीदने से पहले अपने टैक्स रिजीम और दोनों की पात्रता को समझना जरूरी है।

EMI की जिम्मेदारी दोनों की
जॉइंट लोन का मतलब केवल EMI बांटना नहीं है। अगर किसी एक की नौकरी चली जाती है या वह भुगतान नहीं कर पाता, तब भी बैंक दोनों उधारकर्ताओं से लोन की किस्त चुकाने की उम्मीद कर सकता है। इसलिए लोन लेने से पहले यह भी तय करें कि एक आय कुछ समय के लिए बंद हो जाए तो EMI कैसे चुकाई जाएगी।

हिस्सेदारी पहले तय करें
अगर दोनों बराबर पैसा लगा रहे हैं तो 50:50 हिस्सेदारी उपयुक्त हो सकती है। लेकिन योगदान अलग-अलग है तो प्रॉपर्टी में हिस्सेदारी भी सोच-समझकर तय करनी चाहिए। शादी, अलगाव, मृत्यु, विरासत या परिवार की आर्थिक स्थिति बदलने पर प्रॉपर्टी से जुड़े विवाद पैदा हो सकते हैं। इसलिए मालिकाना कागज, लोन दस्तावेज, नॉमिनेशन और वसीयत को समय-समय पर अपडेट रखना बेहतर है।

आखिरकार, पति-पत्नी के नाम पर संयुक्त प्रॉपर्टी खरीदना तभी बेहतर फैसला है जब मालिकाना हक, भुगतान और लोन की जिम्मेदारी दोनों की वास्तविक वित्तीय व्यवस्था के अनुरूप हो।

(प्रियंका कुमारी)

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  Sports

BWF World Championships: ट्रीसा-गायत्री ने चीन की जोड़ी को हराकर रचा इतिहास, 15 साल बाद भारत को महिला डबल्स में मेडल

BWF World Championships: भारत की ट्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने शुक्रवार को BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 में इतिहास रच दिया। भारतीय महिला डबल्स जोड़ी ने क्वार्टरफाइनल में चीन की जिया यी फैन और झांग शू जियान को रोमांचक मुकाबले में 16-21, 21-15, 21-13 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली और भारत के लिए मेडल पक्का कर दिया।

बिना सीड वाली भारतीय जोड़ी ने करीब 1 घंटे 9 मिनट तक चले मुकाबले में शानदार वापसी की। ट्रीसा और गायत्री की यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि मुकाबले से पहले चीनी जोड़ी के खिलाफ उनका हेड-टू-हेड रिकॉर्ड 0-3 था।

Treesa Jolly-Gayatri Gopichand: Highlights

  • इवेंट: BWF World Championships 2026
  • इवेंट कैटेगरी: Women's Doubles
  • राउंड: Quarterfinal
  • भारतीय जोड़ी: ट्रीसा जॉली-गायत्री गोपीचंद
  • विपक्षी: जिया यी फैन-झांग शू जियान
  • स्कोर: 16-21, 21-15, 21-13
  • नतीजा: भारत की जीत
  • उपलब्धि: सेमीफाइनल में प्रवेश, कम से कम ब्रॉन्ज मेडल पक्का
  • खास रिकॉर्ड: महिला डबल्स में भारत का 15 साल बाद वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडल

15 साल बाद महिला डबल्स में भारत का वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडल
ट्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जीत के साथ भारत ने महिला डबल्स में 15 साल बाद BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडल पक्का किया है। भारत ने आखिरी बार 2011 में लंदन में महिला डबल्स में मेडल जीता था, जब ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था।

यह ट्रीसा और गायत्री के लिए वर्ल्ड चैंपियनशिप में एक बड़ी उपलब्धि है। इससे पहले दोनों ने जापान की सातवीं वरीयता प्राप्त रिन इवानागा और की नाकानिशी को 21-16, 21-12 से हराकर क्वार्टरफाइनल में प्रवेश किया था।

पहले गेम में चीन की जोड़ी का दबदबा
क्वार्टरफाइनल की शुरुआत भारतीय जोड़ी के लिए अच्छी नहीं रही। ट्रीसा और गायत्री एक समय 1-6 से पीछे थीं। हालांकि, दोनों ने लगातार छह अंक जीतकर 8-9 तक वापसी की।

भारतीय खिलाड़ियों ने कई शानदार रैलियों के जरिए मुकाबले में बने रहने की कोशिश की, लेकिन जिया यी फैन और झांग शू जियान ने दबाव बनाए रखा। चीनी जोड़ी ने 17-14 की बढ़त बनाई और अंत में पहला गेम 21-16 से अपने नाम कर लिया।

दूसरे गेम में ट्रीसा-गायत्री की शानदार वापसी
दूसरे गेम में भी चीन की जोड़ी ने तेज शुरुआत की और 5-1 की बढ़त हासिल कर ली। स्कोर 10-7 होने के बाद भारतीय जोड़ी ने मैच का रुख बदल दिया। ट्रीसा और गायत्री ने आक्रामक खेल दिखाते हुए लगातार अंक जुटाए और 13-10 की बढ़त बना ली। इसके बाद मुकाबला बेहद करीबी रहा और स्कोर 15-14 तक पहुंच गया।

हालांकि, भारतीय जोड़ी ने दबाव में शानदार संयम दिखाया और 19-14 की निर्णायक बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद उन्होंने दूसरा गेम 21-15 से जीतकर मुकाबले को निर्णायक गेम तक पहुंचा दिया।

निर्णायक गेम में भारत का दबदबा
तीसरे गेम में ट्रीसा और गायत्री ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। भारतीय जोड़ी ने 11-5 की बढ़त के साथ इंटरवल में प्रवेश किया। इसके बाद भी दोनों ने अपना दबाव बनाए रखा और लगातार तीन अंक हासिल कर बढ़त को 14-7 कर दिया। चीन की जोड़ी वापसी की कोशिश करती रही, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों की आक्रामकता के सामने उनकी गलतियां बढ़ती गईं।

ट्रीसा और गायत्री हर अंक के बाद जोश में नजर आईं। दूसरी ओर, चीनी खिलाड़ियों की बॉडी लैंग्वेज में दबाव साफ दिखाई देने लगा। नेट पर कई गलतियों का फायदा भारतीय जोड़ी ने उठाया और स्कोर 17-9 तक पहुंचा दिया।

नौ मैच पॉइंट मिले, दो बचाए
जिया यी फैन और झांग शू जियान ने कुछ मौकों पर वापसी की कोशिश की, लेकिन भारतीय जोड़ी ने अपना संयम नहीं खोया। 18-9 के स्कोर पर चीन की जोड़ी ने एक और शॉट बाहर मार दिया। इसके बाद भारतीय खिलाड़ियों को नौ मैच पॉइंट मिले।

चीन की जोड़ी ने इनमें से दो मैच पॉइंट बचाए, लेकिन अगली ही रैली में एक और शॉट बाहर चला गया। इसके साथ ही ट्रीसा और गायत्री ने तीसरा गेम 21-13 से जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया।

जीत के बाद ट्रीसा कोर्ट पर गिर पड़ीं, जबकि गायत्री के चेहरे पर खुशी और अविश्वास साफ दिखाई दे रहा था। भारतीय जोड़ी ने एक कठिन मुकाबले में शानदार वापसी करते हुए BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप में कम से कम ब्रॉन्ज मेडल पक्का कर लिया।

चोट के बाद शानदार वापसी
ट्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद पिछले कुछ वर्षों में भारतीय बैडमिंटन की मजबूत महिला डबल्स जोड़ियों में शामिल रही हैं। दोनों ने 2022 और 2023 में लगातार दो बार ऑल इंग्लैंड ओपन के सेमीफाइनल में जगह बनाई थी। 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में दोनों ने ब्रॉन्ज मेडल भी जीता था और पिछले साल की शुरुआत में टॉप-10 में जगह बनाई थी।

हालांकि, इस साल की शुरुआत में ट्रीसा को एशिया बैडमिंटन चैंपियनशिप और उबर कप से पहले ट्रेनिंग के दौरान टखने में गंभीर चोट लगी थी। इसके बाद उन्हें लंबे रिहैबिलिटेशन से गुजरना पड़ा।

रिहैब के बाद ट्रीसा और गायत्री ने इंडोनेशिया ओपन से वापसी की। इसके बाद दोनों ने यूएस ओपन में हिस्सा लिया और इस महीने की शुरुआत में फिलीपीन इंटरनेशनल चैलेंज का खिताब भी जीता।

अब सेमीफाइनल में पदक का रंग बदलने की कोशिश
वर्ल्ड चैंपियनशिप में मेडल पक्का करने के बाद अब ट्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की नजरें फाइनल में जगह बनाने और ब्रॉन्ज को गोल्ड में बदलने पर होंगी। भारत के लिए यह महिला डबल्स में एक बड़ी उपलब्धि है और दोनों खिलाड़ियों की चोट के बाद वापसी को भी इस जीत ने खास बना दिया है।

Fri, 21 Aug 2026 17:07:24 +0530

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