US Envoy in Kashmir: 'जम्मू-कश्मीर भारत का बेहद अहम हिस्सा'; सीएम उमर अब्दुल्ला से मुलाकात के बाद बोले अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर
अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 के निरस्तीकरण और केंद्र शासित प्रदेश में चुनी हुई सरकार के गठन के बाद कश्मीर घाटी में वैश्विक कूटनीति की दृष्टि से बड़े बदलाव देखे जा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पड़ोसी देशों द्वारा फैलाए जाने वाले प्रोपेगैंडा के बीच किसी शीर्ष विदेशी राजनयिक का श्रीनगर पहुंचना और वहां के जमीनी हालात का प्रत्यक्ष अनुभव करना बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इसी कड़ी में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी और भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के दो दिवसीय दौरे ने घाटी में सामान्य होते जनजीवन और वैश्विक स्वीकार्यता पर मुहर लगाई है।
'जम्मू-कश्मीर भारत का अहम हिस्सा', सीएम उमर अब्दुल्ला से हुई द्विपक्षीय चर्चा
श्रीनगर स्थित मुख्यमंत्री आवास पर अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से औपचारिक मुलाकात की। बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए सर्जियो गोर ने स्पष्ट रूप से कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा है और यहां आना उनके लिए गर्व की बात है।
उन्होंने कहा कि बैठक बेहद सकारात्मक रही, जिसमें क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने, युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने और सामाजिक-आर्थिक विकास से जुड़े कई अहम पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया।
डल झील में शिकारे की सैर और घाटी की खूबसूरती के मुरीद हुए राजदूत
अपने दौरे के दौरान अमेरिकी राजदूत ने श्रीनगर की प्रसिद्ध डल झील में शिकारे की सवारी का आनंद लिया और ऐतिहासिक लाल चौक व स्थानीय बाजारों का भी जायजा लिया।
उन्होंने कश्मीर की प्राकृतिक सुंदरता, स्थानीय संस्कृति और कश्मीरी अवाम की मेहमाननवाजी की खुले दिल से तारीफ की। राजदूत ने कहा कि घाटी में शांति, स्थिरता और सुरक्षा का माहौल पूरी तरह कायम है, जिससे यहां अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों और व्यापारिक निवेश के लिए नए रास्ते खुलेंगे।
आर्टिकल 370 के बाद पहला स्वतंत्र दौरा, अब लद्दाख की बारी
अनुच्छेद 370 हटने के बाद किसी अमेरिकी राजदूत का यह पहला स्वतंत्र और उच्चस्तरीय कश्मीर दौरा है। श्रीनगर में प्रशासनिक और राजनीतिक नेतृत्व से संवाद स्थापित करने के बाद सर्जियो गोर गुरुवार को केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के लिए रवाना होंगे।
रणनीतिक जानकारों का मानना है कि अमेरिकी विशेष दूत का यह दौरा न केवल भारत-अमेरिका संबंधों को प्रगाढ़ करता है, बल्कि सीमा पार से अशांति फैलाने की कोशिशों को भी कड़ा कूटनीतिक जवाब देता है।
JK के लिए उठाए गए कदम सराहनीय': अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने ट्रैवल एडवाइजरी में ढील देने के दिए संकेत
US envoy Sergio Gor Jammu-Kashmir Visit: भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मुलाकात के बाद एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपनी यात्रा चेतावनियों (ट्रैवल वार्निंग्स) की समय-समय पर समीक्षा करता है। हालांकि उन्होंने आज यहां कोई बड़ी घोषणा तो नहीं की, लेकिन यह स्पष्ट किया कि इस पर विचार किया जाएगा।
राजदूत ने माना कि नई दिल्ली और यहां की सरकार ने इस क्षेत्र को सुरक्षित और संरक्षित बनाने की दिशा में बेहद सराहनीय कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इसी के मद्देनजर इस बात पर विचार किया जाएगा कि अमेरिका द्वारा अनुशंसित ट्रैवल वार्निंग को डाउनग्रेड (कम) किया जाना चाहिए या नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि यह एक बेहद खूबसूरत इलाका है और अमेरिका के कई नागरिक यहां की सुंदरता और अवसरों का आनंद उठाना चाहेंगे।
#WATCH | Srinagar, J&K | After meeting with CM Omar Abdullah, US Ambassador to India, Sergio Gor says, "The United States puts out travel warnings and every so often we re-evaluate those travel warnings. I cannot make any big announcements here today but it is something that we… pic.twitter.com/0HYGGQUXqw
— ANI (@ANI) August 19, 2026
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने क्या कहा?
इस मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, "आज श्रीनगर में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर का स्वागत करके मुझे बहुत प्रसन्नता हुई। हमने जम्मू-कश्मीर और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच जुड़ाव को व्यापक और गहरा करने की संभावनाओं पर बहुत अच्छी बातचीत की, विशेष रूप से पर्यटन, बागवानी और नई अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्रों में। मैं इस जुड़ाव को जारी रखने और हमारी बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए उत्सुक हूं।"
It was a pleasure to receive @USAmbIndia Sergio Gor in Srinagar today. We had a very good conversation about the possibilities that exist to widen & deepen the engagement between J&K & the United States of America, particularly in areas like tourism, horticulture & the new… pic.twitter.com/VsJdJSbzJg
— Omar Abdullah (@OmarAbdullah) August 19, 2026
महबूबा मुफ्ती ने ट्रैवल एडवाइजरी वापस लेने की की थी मांग
इससे पहले दिन में, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने अमेरिकी राजदूत से कश्मीर आने पर लगाई गई उच्चतम स्तर की यात्रा सलाह (ट्रैवल एडवाइजरी) की समीक्षा करने और उसे वापस लेने का आग्रह किया था। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट के जरिए उन्होंने कहा था कि कश्मीर में हजारों परिवार अपनी आजीविका के लिए पर्यटन पर निर्भर हैं, और यह एडवाइजरी केवल एक चेतावनी नहीं बल्कि "कश्मीर और दुनिया के बीच एक दीवार" की तरह है।
महबूबा मुफ्ती ने कहा कि इस एडवाइजरी को हटाना आत्मविश्वास का एक मजबूत संदेश भेजेगा, जिससे अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की वापसी में मदद मिलेगी और उन अनगिनत परिवारों को बहुत जरूरी राहत मिलेगी जिनकी रोजी-रोटी पूरी तरह से पर्यटन पर टिकी हुई है।
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