Gujarat के Bhavnagar में मिलावटी शराब पीने से 2 लोगों की मौत, 4 तस्कर हिरासत में
गुजरात के भावनगर जिले में बुधवार को कथित तौर पर मिलावटी शराब पीने से दो लोगों की मौत हो गई और 19 अन्य को अस्पताल में भर्ती कराया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। इस मामले में चार शराब तस्करों को हिरासत में लिया गया है।
गुजरात ‘शुष्क’ राज्य है, जहां शराब के निर्माण, बिक्री और सेवन पर प्रतिबंध है। भावनगर के जिलाधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि आईएमएफएल (इंडियन मेड फॉरेन लिकर) के एक ब्रांड की नकली बोतलों से शराब पीने के बाद दो लोगों की मौत हुई और 19 अन्य को अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस अधीक्षक (एसपी) नितेश पाण्डेय ने बताया कि कुछ दिन पहले खरकड़ी गांव में लोगों के एक समूह ने आईएमएफएल के एक ब्रांड की ‘‘नकली’’ बोतल से शराब पी थी, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई।
उन्होंने बताया कि बाद में एक व्यक्ति की मौत हो गई और छह अन्य को भावनगर के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया। नीलमबाग पुलिस थाने के निरीक्षक डीपी उदानकट ने बताया कि एक अन्य व्यक्ति की सर टी अस्पताल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई और उसकी मौत के सही कारण का पता लगाया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक पाण्डेय ने संवाददाताओं को बताया कि वरतेज और शहर के अन्य थाना क्षेत्रों से शराब तस्करों को हिरासत में लिया गया है।
उन्होंने कहा, ‘‘खरकड़ी गांव निवासी उपेंद्रसिंह गोहिल की सर टी अस्पताल में मौत हो गई। छह अन्य लोग सर टी और शहर के दो-तीन अन्य अस्पतालों में भर्ती हैं और उनका उपचार किया जा रहा है।’’ अधिकारी ने बताया कि इनमें से ज्यादातर लोगों ने नकली शराब की बोतलों से शराब का सेवन किया था, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि इन बोतलों को मध्य प्रदेश से लाया गया था।
उन्होंने कहा कि पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन्हें वहां से कहां से लाया गया, इनका निर्माण कैसे हुआ और इन्हें यहां किसने भेजा। पुलिस अधीक्षक ने कहा, ‘‘इन लोगों से पूछताछ के बाद हमने पुलिस के कई दलों का गठन किया। तकनीकी निगरानी और मानवीय सूचना की मदद से नकली आईएमएफएल ब्रांड की बोतलों की आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े चार शराब तस्करों को हिरासत में लिया गया है।
कानूनी कार्रवाई की जा रही है।’’ उन्होंने बताया कि पुलिस ने आरोपियों के पास से इसी ब्रांड की कई बोतलों को जब्त किया है और मिलावटी शराब की आपूर्ति में शामिल अन्य तस्करों को पकड़ने के प्रयास जारी हैं।
Karnataka के कावेरी अभयारण्य में कई Anti Poaching Camp विस्फोट से उड़ाए गए
कर्नाटक में अज्ञात बदमाशों ने कथित तौर पर विस्फोटकों का इस्तेमाल करके चामराजनगर स्थित कावेरी वन्यजीव अभयारण्य में शिकार-रोधी कई शिविरों को विस्फोट से उड़ा दिया। वन विभाग के सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी। इन हमलों की घटनाएं 15 अगस्त को वन विभाग के साथ मुठभेड़ में तीन कथित शिकारियों की मौत के बाद विभाग के खिलाफ जारी आक्रोश के बीच सामने आई हैं।
सूत्रों ने बताया कि कोथनूर क्षेत्र में स्थित मिनचिनारेहल्ला शिकार-रोधी शिविर को कथित तौर पर डायनामाइट और जिलेटिन की छड़ों का इस्तेमाल करके नष्ट कर दिया गया। उन्होंने कहा कि विस्फोट इतना तेज था कि शिविर की दीवारें क्षतिग्रस्त हो गईं और अंदर रखा सामान जल गया। कोथनूर क्षेत्र के कई अन्य शिकार-रोधी शिविरों—मिनचिनाहल्ली, भीमेश्वरी, ओलेमरदा हट्टी, बुडिकेरे, बंदाहल्ली और कालीदोड्डी—को भी 18 और 19 अगस्त की दरमियानी रात निशाना बनाया गया।
इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने कहा कि सरकार 15 अगस्त को तीन कथित शिकारियों की मौत की जांच के नतीजे का इंतजार करेगी, उसके बाद ही इस मामले पर कोई टिप्पणी करेगी। शिवकुमार ने बेंगलुरु में पत्रकारों से कहा, “हम अभी इस बारे में कुछ नहीं बोलेंगे।
वन अधिकारी अलग-अलग जानकारियां दे रहे हैं, लेकिन मामले की जांच जारी है। हम इसकी गहराई से जांच कर रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट आने दीजिए, उसके बाद मैं इस बारे में बात करूंगा।” उन्होंने कहा, “हमारे वन मंत्री भी इस मामले की पहले से ही बहुत विस्तृत जांच कर रहे हैं।” मारे गए तीनों व्यक्ति (एंथनी सामी, जॉन रोज पीटर और कुमार) चामराजनगर जिले के हनूर तालुक के गांवों के निवासी थे।
कावेरी वन्यजीव अभयारण्य क्षेत्र में 15 अगस्त को तड़के वन विभाग के कर्मचारियों ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी। कर्नाटक के अधिकारियों के अनुसार, वन्यजीवों के कथित शिकार की सूचना मिलने के बाद शिकार-रोधी अभियान चला रहे वन विभाग के कर्मचारियों पर एक समूह ने गोलीबारी कर दी। इसके बाद कर्मचारियों ने कथित तौर पर आत्मरक्षा में जवाबी गोलीबारी की।
इस मुठभेड़ में तीनों लोगों की मौत हो गई। राजनीतिक दलों ने दावा किया है कि मृतक तमिल थे और उन्होंने गोलीबारी की घटना को लेकर कर्नाटक के अधिकारियों द्वारा दी गई सफाई पर सवाल उठाए हैं। घटना के बाद तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने कथित हत्याओं की कड़ी निंदा की और कहा कि घटना को लेकर कर्नाटक के वन विभाग द्वारा दी गई सफाई स्वीकार्य नहीं है।
उन्होंने रविवार देर रात सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा था कि इस गंभीर घटना की निष्पक्ष जांच के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया जाना चाहिए। यह मुद्दा मंगलवार को तमिलनाडु विधानसभा में भी उठा। सदस्यों ने वन विभाग की ओर से की गई गोलीबारी की घटना की उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पेश किया।
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